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‘मस्जिद स्वीकार है, बाबर नहीं’
Mon, 22 Apr 2019 12:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:24 AM IST
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- फोटो : addressing supporters
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बाबर बाहर से आया था, यहां उसका कोई अस्तित्व नहीं है। लिहाजा उसके नाम से राम जन्मभूमि में मस्जिद नहीं हो सकती। हमें मस्जिद स्वीकार है, लेकिन बाबर नहीं। मस्जिद इबादत के लिए होती है, ‘लेकिन किसी बाहरी के नाम से मस्जिद होना, पूरे देश का अपमान है और मैं इससे सहमत नहीं हूं’।
यह बात केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति ने कही। अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के दसवां मील गांव में चुनाव प्रचार के दौरान साध्वी ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर यह जवाब दिया। दरअसल मीडिया ने साध्वी निरंजन ज्योति से सवाल पूछा कि साध्वी प्रज्ञा ने हाल में बयान दिया है कि बाबरी मस्जिद गिराने में उन्हें गर्व है। साध्वी ने कहा कि राम के जन्म स्थान को तोड़कर बाबर के नाम की मस्जिद बनाई जाए, यह हमें भी स्वीकार नहीं है। इससे पूर्व अखिलेश यादव के शिवपाल सिंह के देर रात भाजपा नेताओं से मिलने के बयान पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता अखिलेश जासूसी कब से करने लगे। उन्होंने कहा कि शिवपाल ने मुलायम के साथ मिलकर पार्टी खड़ा किया था और भतीजे ने उन्हें निकाल दिया। उन्होंने कहा कि मायावती का गठबंधन हवाहवाई है।
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यह बात केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रत्याशी साध्वी निरंजन ज्योति ने कही। अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के दसवां मील गांव में चुनाव प्रचार के दौरान साध्वी ने प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर यह जवाब दिया। दरअसल मीडिया ने साध्वी निरंजन ज्योति से सवाल पूछा कि साध्वी प्रज्ञा ने हाल में बयान दिया है कि बाबरी मस्जिद गिराने में उन्हें गर्व है। साध्वी ने कहा कि राम के जन्म स्थान को तोड़कर बाबर के नाम की मस्जिद बनाई जाए, यह हमें भी स्वीकार नहीं है। इससे पूर्व अखिलेश यादव के शिवपाल सिंह के देर रात भाजपा नेताओं से मिलने के बयान पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता अखिलेश जासूसी कब से करने लगे। उन्होंने कहा कि शिवपाल ने मुलायम के साथ मिलकर पार्टी खड़ा किया था और भतीजे ने उन्हें निकाल दिया। उन्होंने कहा कि मायावती का गठबंधन हवाहवाई है।
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