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भावी इंजीनियरों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहपुर।
Updated Wed, 25 Feb 2015 12:23 AM IST
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राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज प्रशासन कालेज में पढ़ने वाले भावी इंजीनियरों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। दो छात्रों के बीमार होने पर हुए बवाल के बाद भी कालेज प्रशासन नहीं चेत रहा है। मंगलवार को कालेज का नलकूप ठीक कराने के बजाए प्रदूषित जलापूर्ति करने वाले इंडिया मार्का हैंडपंप की बोरिंग में जेट पंप लगाकर पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई।
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ऐसे में नित्यक्रिया के लिए पानी तो मिलने लग गया लेकिन पेयजल की समस्या की जस की तस है। राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज में प्रदूषित पानी पीने से दो छात्रों के बीमार होने पर कालेज के छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया था।
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पुलिस की मौजूदगी में प्रधानाचार्य ने दूसरे दिन जलापूर्ति शुरू कराने का भरोसा दिया था। यह भी कहा था कि नगर पालिका परिषद से एक टैंकर पानी मंगाया जाएगा, लेकिन नियमित जलापूर्ति के लिए नलकूप में नया मोटर लगाने के बजाय प्रदूषित पानी वाले हैंडपंप में जेट पंप लगा दिया है।
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मेस में काम करने वाली महिला संपत और रानी ने बताया कि सप्ताह भर से इसी पानी से भोजन पकाया जा रहा है। यही पानी पीने के काम में लाया जा रहा है। गंदा पानी पीने से ही सतीश कुमार और मोहम्मद अली बीमार हो चुके हैं। बीमार छात्रों का परीक्षण करने वाले जिला अस्पताल के डाक्टर बच्चों की बीमारी का कारण प्रदूषित पानी बता चुके हैं।
नलकूप का मोटर बनकर आ गया है। मैकेनिक मोटर लोडिंग कर रहे हैं। देर शाम तक नलकूप से जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। हैंडपंप में जेटपंप लगवाया था, लेकिन पानी के साथ बालू आने की वजह से दूसरी बोरिंग कराएंगे।
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ प्राविधिक शिक्षा के प्रदेश अध्यक्ष दलबीर सिंह यादव का कहना है कि प्रधानाचार्य के इशारे पर वार्डेन का चार्ज लेने वाले प्रवक्ताओं का पूरा ध्यान बच्चों द्वारा मेस के लिए एकत्र की जाने वाली रकम का बंदर बांट करने पर लगा रहता है।
यह बात प्रधानाचार्य को भलीभांति मालूम रहती है। इसके पहले वार्डेन का कार्यभार संभालने वाले ने 25 हजार रुपये हड़पे हैं। इसका कोई भी हिसाब किताब नहीं दिया गया है, जबकि प्रशिक्षार्थी हिसाब मांग रहे हैं। इसीलिए प्रधानाचार्य ने वार्डेन का कार्यभार दूसरे के सुपुर्द कर दिया है।