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Fatehpur News: रसूख कायम रखने को सरकारी धन से लगा दिया वाटर कूलर
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फोटो 31-सरकारी हैंडपंप पर पड़ा सबमर्सिबल व उसके पास आनन-फानन में लगा वाटरकूलर। संवाद
फतेहपुर। भिटौरा विकासखंड के नौगांव में सरकारी हैंडपंप पर सबमर्सिबल पंप लगाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत और मामले से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद अब उसी स्थान पर सरकारी धन से नया वाटर कूलर लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सरकारी हैंडपंप पर एक व्यक्ति ने सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। आरोप है कि शिकायत के निस्तारण में ग्राम पंचायत सचिव की ओर से ऐसी रिपोर्ट लगाई गई, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद 18 सितंबर को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया।
आरोप है कि खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित स्थान पर नया वाटर कूलर लगा दिया गया। हालांकि इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अभिलेखों के तकनीकी सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार पांडेय ने डीएम से स्थलीय जांच कराने के साथ वाटर कूलर की स्वीकृति, अनुमानित लागत, भुगतान और निर्माण से जुड़े अभिलेखों का तकनीकी सत्यापन कराने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव अशोक गौतम समेत अन्य जिम्मेदारों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। हालांकि सचिव या अन्य जिम्मेदारों पर लगाए गए मिलीभगत के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ।
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जिलाधिकारी के आदेशानुसार मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- रमाशंकर वर्मा, डीपीआरओ।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के सरकारी हैंडपंप पर एक व्यक्ति ने सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी। आरोप है कि शिकायत के निस्तारण में ग्राम पंचायत सचिव की ओर से ऐसी रिपोर्ट लगाई गई, जिससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद 18 सितंबर को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया।
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आरोप है कि खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित स्थान पर नया वाटर कूलर लगा दिया गया। हालांकि इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अभिलेखों के तकनीकी सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ता नरेंद्र कुमार पांडेय ने डीएम से स्थलीय जांच कराने के साथ वाटर कूलर की स्वीकृति, अनुमानित लागत, भुगतान और निर्माण से जुड़े अभिलेखों का तकनीकी सत्यापन कराने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव अशोक गौतम समेत अन्य जिम्मेदारों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। हालांकि सचिव या अन्य जिम्मेदारों पर लगाए गए मिलीभगत के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ।
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जिलाधिकारी के आदेशानुसार मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- रमाशंकर वर्मा, डीपीआरओ।

फोटो 31-सरकारी हैंडपंप पर पड़ा सबमर्सिबल व उसके पास आनन-फानन में लगा वाटरकूलर। संवाद