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नए जीवन की डोर में बंधे 10 जोड़े
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धर्म संस्कार महोत्सव श्रीविष्णु महायज्ञ एवं मेला के आखिर दिन रविवार को सर्वजातीय सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। एक मंच पर वैदिक रीति रिवाज से 10 जोड़ों ने एक दूजे का हाथ थामा। यह वह पल था जब तिरहार की धरा एक बार फिर एक साथ विवाह के बड़े आयोजन का गवाह बनी।
धर्म संस्कार महोत्सव श्री विष्णु महायज्ञ व मेला का आचार्य विमल शास्त्री ने पूर्णाहुति देकर आयोजन संपन्न कराया। यजवेदी की परिक्रमा के अंतिम वक्त जनता का उत्साह देखते बना। रविवार के यजमान प्रेम चंद्र शुक्ल व प्रभा शुक्ला रहीं।
बुढ़वा गांव के श्रीब्रम्हदेव आश्रम में 22 नवंबर से यह कार्यक्रम शुरू हुआ था। सर्वजातीय सामूहिक विवाह में मंच से एक साथ सभी 10 दूल्हे बारात के साथ निकले। मंच पर वर-वधू ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाई। माता व पिता ने कन्यादान की रस्म पूरी की। भाइयों ने लाई परोसी। मंत्रोच्चारण के बीच जोड़ों ने साफ फेरे लिए।
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सात जन्म का वचन निभाने का युगल दंपतियों ने भरोसा दिया। कलेवा की रस्म भी हुई। आयोजन समिति ने प्रत्येक जोड़े को 2100-2100 रुपये की नगद धनराशि दी। सभी को आलमारी, बेड, रजाई, गद्दा, बेडशीट, कुर्सी, पचहड़, दरवाजे का टंकी का सेट, बक्सा, मेकअप बॉक्स, चांदी की बिछिया, कुकर, पांच-पांच साड़ियां व शाल तोहफे के रूप में दिया गया। नव दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी मौजूद रहे।
इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन उन लोगों को संबल देते हैं जो विवाह का भारी भरकम खर्च करने में असमर्थ होते हैं। इस मौके पर डॉ. दीप चंद्र, डॉ. वीके साहू, नववीर सचान, छुन्ना महराज आदि भी मौजूद रहे।
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धर्म संस्कार महोत्सव श्री विष्णु महायज्ञ व मेला का आचार्य विमल शास्त्री ने पूर्णाहुति देकर आयोजन संपन्न कराया। यजवेदी की परिक्रमा के अंतिम वक्त जनता का उत्साह देखते बना। रविवार के यजमान प्रेम चंद्र शुक्ल व प्रभा शुक्ला रहीं।
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बुढ़वा गांव के श्रीब्रम्हदेव आश्रम में 22 नवंबर से यह कार्यक्रम शुरू हुआ था। सर्वजातीय सामूहिक विवाह में मंच से एक साथ सभी 10 दूल्हे बारात के साथ निकले। मंच पर वर-वधू ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाई। माता व पिता ने कन्यादान की रस्म पूरी की। भाइयों ने लाई परोसी। मंत्रोच्चारण के बीच जोड़ों ने साफ फेरे लिए।
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सात जन्म का वचन निभाने का युगल दंपतियों ने भरोसा दिया। कलेवा की रस्म भी हुई। आयोजन समिति ने प्रत्येक जोड़े को 2100-2100 रुपये की नगद धनराशि दी। सभी को आलमारी, बेड, रजाई, गद्दा, बेडशीट, कुर्सी, पचहड़, दरवाजे का टंकी का सेट, बक्सा, मेकअप बॉक्स, चांदी की बिछिया, कुकर, पांच-पांच साड़ियां व शाल तोहफे के रूप में दिया गया। नव दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी मौजूद रहे।
इस मौके पर राज्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन उन लोगों को संबल देते हैं जो विवाह का भारी भरकम खर्च करने में असमर्थ होते हैं। इस मौके पर डॉ. दीप चंद्र, डॉ. वीके साहू, नववीर सचान, छुन्ना महराज आदि भी मौजूद रहे।