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बजट आने के बावजूद, अचानक से हटाए गए एनएचएम कर्मी
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जिला अस्पताल में प्रदर्शन करते स्वास्थ्य संविदा कर्मी
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। जिला चिकित्सालय में विभिन्न पदों पर चार साल से सेवा दे रहे 35 स्वास्थ्य कर्मियों को शुक्रवार की सुबह अचानक नौकरी से हटा दिया गया। सुबह इन्हें उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने से रोका गया। कर्मचारियों ने सीएमएस, सीएमओ से लेकर डीएम तक गुहार लगाई लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की।
जिला चिकित्सालय पुरुष में विभिन्न पदों पर 35 कर्मचारियों को चार साल पहले टीएनएम संस्था की ओर से आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखा गया था। संविदा की अवधि समाप्त होने के समय इन सभी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी कि एनएचएम में समाहित कर लिया गया। इन सभी को वेतन भी एनएचएम से ही दिया जा रहा था।
शुक्रवार की सुबह जब ये सभी कर्मचारी अपनी रोज की दिनचर्या की तरह की अपने-अपने पदों पर काम करने पहुंचे तो इन्हें अचानक से काम बंद करके घर जाने को कहा गया। अचानक सेवा समाप्त होने की जानकारी मिलने पर ये सभी दंग रह गए। संयुक्त आउटसोर्सिंग संघ के अध्यक्ष दीप बहादुर सिंह की अगुवाई में सभी कर्मचारी
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सीएमएस और सीएमओ से मिलने पहुंचे लेकिन दोनों ही जगह से इन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद ये सभी डीएम तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, यहां डीएम से इनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
- जिन कर्मचारियों की अचानक से सेवाएं समाप्त की गई हैं, वे सभी स्टाफ नर्स, ओटी टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, आडियो मेट्रिक असिस्टेंट, फिजियोथेरेपिस्ट आदि पदों पर कार्यरत थे। इन कर्मचारियों की संख्या 35 है। सेवाएं समाप्त होने से इन पदों से संबंधित कामों पर भी संकट खड़ा होना तय है।
कर्मचारियों ने विभाग के खिलाफ जताया रोष
फोटो 10- नर्सिंग स्टाफ में रहे अनुज सिंह कहते हैं कि चार साल से काम कर रहे हैं, काम में बिना किसी शिकायत के हमें हटाया जा रहा है। विभाग के पास पंद्रह अक्तूबर को 2020 तक के लिए बजट आ चुका है। जिससे साफ है कि वेतन संबंधी बजट की भी कोई दिक्कत नहीं है, फिर भी अकारण ही हमें हटाया जा रहा है। जबकि हमारी संविदा समाप्त होने पर नवीनीकरण किए जाने के आदेश हैं। नई रिक्तियां निकालकर उगाही का रास्ता बनाया जा रहा है।
...
वर्जन
इन कर्मचारियों का 31 अक्तूबर से समाप्त हो चुका है। एनएचएम ने इन्हें पूरी तरह से अंगीकृत नहीं किया था। हलांकि अभी भी प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है। मगर मौजूदा स्थितियो में मेरे स्तर से इस मसले पर कुछ नहीं किया जा सकता है। शासन स्तर से शीघ्र ही नए निर्देश आने की संभावना है। - डॉ. प्रभाकर, सीएमएस
इन कर्मचारियों के मासिक वेतन का भुगतान किसी एजेंसी के माध्यम से ही होना है। जिसके माध्यम से अभी तक ये लोग काम कर रहे थे, उसका अनुबंध समाप्त हो चुका है। डीएचएस को इसमें कुछ नहीं करना है। नई एजेंसी शासन स्तर से नामित होगी। हमारे पास अभी इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं आई है। - डॉ. उमाकांत पांडेय, सीएमओ
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जिला चिकित्सालय पुरुष में विभिन्न पदों पर 35 कर्मचारियों को चार साल पहले टीएनएम संस्था की ओर से आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखा गया था। संविदा की अवधि समाप्त होने के समय इन सभी को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी कि एनएचएम में समाहित कर लिया गया। इन सभी को वेतन भी एनएचएम से ही दिया जा रहा था।
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शुक्रवार की सुबह जब ये सभी कर्मचारी अपनी रोज की दिनचर्या की तरह की अपने-अपने पदों पर काम करने पहुंचे तो इन्हें अचानक से काम बंद करके घर जाने को कहा गया। अचानक सेवा समाप्त होने की जानकारी मिलने पर ये सभी दंग रह गए। संयुक्त आउटसोर्सिंग संघ के अध्यक्ष दीप बहादुर सिंह की अगुवाई में सभी कर्मचारी
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सीएमएस और सीएमओ से मिलने पहुंचे लेकिन दोनों ही जगह से इन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद ये सभी डीएम तक अपनी बात पहुंचाने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, यहां डीएम से इनकी मुलाकात नहीं हो सकी।
- जिन कर्मचारियों की अचानक से सेवाएं समाप्त की गई हैं, वे सभी स्टाफ नर्स, ओटी टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, आडियो मेट्रिक असिस्टेंट, फिजियोथेरेपिस्ट आदि पदों पर कार्यरत थे। इन कर्मचारियों की संख्या 35 है। सेवाएं समाप्त होने से इन पदों से संबंधित कामों पर भी संकट खड़ा होना तय है।
कर्मचारियों ने विभाग के खिलाफ जताया रोष
फोटो 10- नर्सिंग स्टाफ में रहे अनुज सिंह कहते हैं कि चार साल से काम कर रहे हैं, काम में बिना किसी शिकायत के हमें हटाया जा रहा है। विभाग के पास पंद्रह अक्तूबर को 2020 तक के लिए बजट आ चुका है। जिससे साफ है कि वेतन संबंधी बजट की भी कोई दिक्कत नहीं है, फिर भी अकारण ही हमें हटाया जा रहा है। जबकि हमारी संविदा समाप्त होने पर नवीनीकरण किए जाने के आदेश हैं। नई रिक्तियां निकालकर उगाही का रास्ता बनाया जा रहा है।
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वर्जन
इन कर्मचारियों का 31 अक्तूबर से समाप्त हो चुका है। एनएचएम ने इन्हें पूरी तरह से अंगीकृत नहीं किया था। हलांकि अभी भी प्रकरण शासन स्तर पर विचाराधीन है। मगर मौजूदा स्थितियो में मेरे स्तर से इस मसले पर कुछ नहीं किया जा सकता है। शासन स्तर से शीघ्र ही नए निर्देश आने की संभावना है। - डॉ. प्रभाकर, सीएमएस
इन कर्मचारियों के मासिक वेतन का भुगतान किसी एजेंसी के माध्यम से ही होना है। जिसके माध्यम से अभी तक ये लोग काम कर रहे थे, उसका अनुबंध समाप्त हो चुका है। डीएचएस को इसमें कुछ नहीं करना है। नई एजेंसी शासन स्तर से नामित होगी। हमारे पास अभी इस संबंध में कोई गाइडलाइन नहीं आई है। - डॉ. उमाकांत पांडेय, सीएमओ