{"_id":"5ff7595f8ebc3e2eef7425f9","slug":"get-the-licenses-renewed-from-the-horticulture-department-fatehpur-news-knp604596342","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस रिनीवल कराने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस रिनीवल कराने की मांग
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन देते शीतग्रह एसोसिएशन के पदाधिकारी
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। शीतगृह एसोसिएशन की गुरुवार को गोपाल नगर के एक रेस्टोरेंट में बैठक हुई। इसमें संरक्षक आदित्य पांडेय को एसोसिएशन का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
इसके बाद शीतगृह संचालकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद कलक्ट्रेट आकर डीएम अपूर्वा दुबे को ज्ञापन दिया गया। जिसमें उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस रिनीवल कराने की मांग की।
एसोसिएशन अध्यक्ष आदित्य पांडेय ने कहा कि शीतगृहों में सिर्फ आलू भंडारण का काम होता है। आलू की खरीद और बिक्री का काम नहीं किया जाता है।
बांट, माप विभाग को शीतगृहों पर की जाने वाली कार्रवाई को रोका जाना चाहिए। जिले के शीतगृह वर्ष 2018 से पहले से बने हुए हैं। अग्निशमन विभाग से क्रियाशीलता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
उसी से लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता था, लेकिन अब अग्निशमन विभाग के अधिकारी नए सिरे से शीतगृह संचालन के लिए प्रमाण पत्र बनवाने की बात कह रहे हैं। पुराने नियम से ही अग्निशमन से प्रमाण पत्र जारी कराए जाएं।
विज्ञापन
शीतगृह उद्योग में प्रदूषण जैस कोई कार्य नहीं होता है। शीतगृहों में जो जनरेटर लगे हैं, उनसे ध्वनि एवं वायु प्रदूषण नहीं होता है। उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस नवीनीकरण कराए जाएं। जिला उद्यान अधिकारी शीतगृहों के नवीनीकरण नहीं कर रहे हैं। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, मनोज गांधी, नारायण गुप्ता, फरीद अहमद मौजूद रहे।
विज्ञापन
इसके बाद शीतगृह संचालकों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद कलक्ट्रेट आकर डीएम अपूर्वा दुबे को ज्ञापन दिया गया। जिसमें उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस रिनीवल कराने की मांग की।
एसोसिएशन अध्यक्ष आदित्य पांडेय ने कहा कि शीतगृहों में सिर्फ आलू भंडारण का काम होता है। आलू की खरीद और बिक्री का काम नहीं किया जाता है।
बांट, माप विभाग को शीतगृहों पर की जाने वाली कार्रवाई को रोका जाना चाहिए। जिले के शीतगृह वर्ष 2018 से पहले से बने हुए हैं। अग्निशमन विभाग से क्रियाशीलता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
विज्ञापन
उसी से लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता था, लेकिन अब अग्निशमन विभाग के अधिकारी नए सिरे से शीतगृह संचालन के लिए प्रमाण पत्र बनवाने की बात कह रहे हैं। पुराने नियम से ही अग्निशमन से प्रमाण पत्र जारी कराए जाएं।
विज्ञापन
शीतगृह उद्योग में प्रदूषण जैस कोई कार्य नहीं होता है। शीतगृहों में जो जनरेटर लगे हैं, उनसे ध्वनि एवं वायु प्रदूषण नहीं होता है। उद्यान विभाग से शीतगृहों के लाइसेंस नवीनीकरण कराए जाएं। जिला उद्यान अधिकारी शीतगृहों के नवीनीकरण नहीं कर रहे हैं। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, मनोज गांधी, नारायण गुप्ता, फरीद अहमद मौजूद रहे।