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गाजीपुर थानाध्यक्ष बनकर 52 हजार की धोखाधड़ी
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फतेहपुर। गाजीपुर एसओ बनकर उनके परिचित के खाते से 52 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले की जांच के बाद एसपी के आदेश पर खागा कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।
खागा कोतवाली क्षेत्र के ओमचंद्र मिश्रा के पास 18 मई 2021 को एक नंबर से फोन पहुंचा। फोन करने वाले ने खुद को गाजीपुर थानाध्यक्ष बताया और 52 हजार रुपये की जरूरत बताई। ओमचंद्र के गाजीपुर थानाध्यक्ष से मित्रवत संबंध है। मोबाइल में आवाज भी गाजीपुर थानाध्यक्ष जैसी थी। फोन करने वाले ने पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा और आधे घंटे बाद लौटाने की भी बात कही।
इसके बाद बेटे के फोन से उसी नंबर पर 52000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद उस नंबर को मिलाया तो रिसीव नहीं हुआ। गाजीपुर थानाध्यक्ष के दूसरे नंबर पर बात की। उन्होंने फोन की बात से इनकार कर दिया और किसी के द्वारा धोखाधड़ी करने की बात कही।
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ओम चंद्र मिश्रा ने मामले की शिकायत एसपी से की। साइबर सेल की जांच के बाद एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया मोबाइल नंबर के आधार पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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खागा कोतवाली क्षेत्र के ओमचंद्र मिश्रा के पास 18 मई 2021 को एक नंबर से फोन पहुंचा। फोन करने वाले ने खुद को गाजीपुर थानाध्यक्ष बताया और 52 हजार रुपये की जरूरत बताई। ओमचंद्र के गाजीपुर थानाध्यक्ष से मित्रवत संबंध है। मोबाइल में आवाज भी गाजीपुर थानाध्यक्ष जैसी थी। फोन करने वाले ने पैसा ट्रांसफर करने के लिए कहा और आधे घंटे बाद लौटाने की भी बात कही।
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इसके बाद बेटे के फोन से उसी नंबर पर 52000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बाद उस नंबर को मिलाया तो रिसीव नहीं हुआ। गाजीपुर थानाध्यक्ष के दूसरे नंबर पर बात की। उन्होंने फोन की बात से इनकार कर दिया और किसी के द्वारा धोखाधड़ी करने की बात कही।
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ओम चंद्र मिश्रा ने मामले की शिकायत एसपी से की। साइबर सेल की जांच के बाद एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया मोबाइल नंबर के आधार पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।