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एटीएम बूथ पर फ्राड करने वाले पांच अंतराज्यीय शातिर गिरफ्तार
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फतेहपुर। एटीएम बूथ पर धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के पांच शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी कानपुर नगर के नरवल थानाक्षेत्र के रहने वाले हैं। नासिक (महाराष्ट्र), गोवा, लखनऊ, कानपुर आदि स्थानों पर धोखाधड़ी की वारदातें कर चुके हैं।
पुलिस लाइन में एएसपी अनिरुद्घ कुमार ने बताया कि बिंदकी कोतवाली के एसआई सुमित नारायण और सर्विलांस प्रभारी राजेश यादव की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह एक्सिस बैंक ललौली रोड के पास आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए सभी आरोपी कानपुर नरवल थाना क्षेत्र के करबिगवां निवासी सनी कुशवाहा, नरवल निवासी अमीन, अनुज कुमार साहू, वीरेंद्र यादव, विकास सिंह यादव के रहने वाले हैं। इनके पास से विभिन्न बैंकों के 24 डेबिट कार्ड, नौ मोबाइल फोन, एक चोरी का मोबाइल, 21 सौ रुपये, एक तमंचा, एक स्कूटी बरामद की गई है। आरोपियों में अनुज कानपुर में पालीटेक्निक का छात्र है। वहीं विकास स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। विकास और वीरेंद्र पेट्रोल पंप के सेल्समैन हैं।
एसपी ने बताया कि गैंग का सरगना सनी है। तीन माह पहले महाराष्ट्र के नासिक में एटीएम फ्राड में पकड़ा गया था। जमानत पर छूटा है। इसके अलावा कानपुर, लखनऊ, गोवा समेत कई जगहों पर यह लोग धोखाधड़ी, कूटचरना, रकम बरामदगी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। वीरेंद्र के पांच बैंक खाते संचालित हैं। आरोपियों में मास्टर माइंड सनी बैंक खाते खुलवाता है। बस, ट्रेन, दोपहिया का इस्तेमाल आने-जाने में करते हैं। पुलिस के मुताबिक नरवल क्षेत्र में करीब 100 लड़के एटीएम फ्राड का काम करते हैं।
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सनी ने पुलिस को बताया है कि करबिगंवा निवासी अंशू, रायपुर निवासी पिंटू अपने एक बड़े बाल वाले साथी को लेकर आए थे। उसने ही महिला के रुपये निकाले हैं। उसका नाम अंशू, पिंटू जानते हैं। पुलिस इन तीनों की तलाश कर रही है।
बिंदकी कोतवाली के काजीखेड़ा निवासी ममता देवी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि 19 सितंबर को खजुहा स्थित एटीएम बूथ पर रुपये निकालने गई थी। उनका आरोपियों ने डेबिट कार्ड चकमा देकर बदल लिया था। उसके बाद गांधी चौराहा स्थित एटीएम बूथ से 25 हजार रुपये खाते से निकालकर भाग निकले थे। ये लोग दोबारा घटना को अंजाम देने आए थे। एटीएम बूथ पर लगे सीसीटीवी कैमरे से इनकी पहचान की गई थी।
आरोपियों ने बताया कि एटीएम में रुपये निकालने में मदद के बहाने से उनके डेबिट कार्ड को बदल लेते हैं। कार्ड को मशीन में लगाने के दौरान पिन कोड जान लेते हैं। वह लोग हर बैंक के डेबिट कार्ड रखते हैं। बदलने के बाद उसी बैंक का दूसरा कार्ड वापस करते हैं। इससे लोग एटीएम बदलने की बात समझ नहीं पाते। वह लोग बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे। दूसरा तरीका एटीएम हैकिंग का है। एटीएम से रुपयों को निकालते समय निकासी प्वाइंट को किसी चिप के सहारे से रोके लेते हैं, जिससे एटीएम मशीन लेनदेन अपूर्ण अंकित हो जाता है। फिर मशीन में रुपये फंसने की झूठी शिकायत बैंक के टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराते हैं। तभी बैंक खाते में उतनी धनराशि फिर भेज देते हैं।
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पुलिस लाइन में एएसपी अनिरुद्घ कुमार ने बताया कि बिंदकी कोतवाली के एसआई सुमित नारायण और सर्विलांस प्रभारी राजेश यादव की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह एक्सिस बैंक ललौली रोड के पास आरोपियों को पकड़ा है। पकड़े गए सभी आरोपी कानपुर नरवल थाना क्षेत्र के करबिगवां निवासी सनी कुशवाहा, नरवल निवासी अमीन, अनुज कुमार साहू, वीरेंद्र यादव, विकास सिंह यादव के रहने वाले हैं। इनके पास से विभिन्न बैंकों के 24 डेबिट कार्ड, नौ मोबाइल फोन, एक चोरी का मोबाइल, 21 सौ रुपये, एक तमंचा, एक स्कूटी बरामद की गई है। आरोपियों में अनुज कानपुर में पालीटेक्निक का छात्र है। वहीं विकास स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। विकास और वीरेंद्र पेट्रोल पंप के सेल्समैन हैं।
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एसपी ने बताया कि गैंग का सरगना सनी है। तीन माह पहले महाराष्ट्र के नासिक में एटीएम फ्राड में पकड़ा गया था। जमानत पर छूटा है। इसके अलावा कानपुर, लखनऊ, गोवा समेत कई जगहों पर यह लोग धोखाधड़ी, कूटचरना, रकम बरामदगी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। वीरेंद्र के पांच बैंक खाते संचालित हैं। आरोपियों में मास्टर माइंड सनी बैंक खाते खुलवाता है। बस, ट्रेन, दोपहिया का इस्तेमाल आने-जाने में करते हैं। पुलिस के मुताबिक नरवल क्षेत्र में करीब 100 लड़के एटीएम फ्राड का काम करते हैं।
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सनी ने पुलिस को बताया है कि करबिगंवा निवासी अंशू, रायपुर निवासी पिंटू अपने एक बड़े बाल वाले साथी को लेकर आए थे। उसने ही महिला के रुपये निकाले हैं। उसका नाम अंशू, पिंटू जानते हैं। पुलिस इन तीनों की तलाश कर रही है।
बिंदकी कोतवाली के काजीखेड़ा निवासी ममता देवी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि 19 सितंबर को खजुहा स्थित एटीएम बूथ पर रुपये निकालने गई थी। उनका आरोपियों ने डेबिट कार्ड चकमा देकर बदल लिया था। उसके बाद गांधी चौराहा स्थित एटीएम बूथ से 25 हजार रुपये खाते से निकालकर भाग निकले थे। ये लोग दोबारा घटना को अंजाम देने आए थे। एटीएम बूथ पर लगे सीसीटीवी कैमरे से इनकी पहचान की गई थी।
आरोपियों ने बताया कि एटीएम में रुपये निकालने में मदद के बहाने से उनके डेबिट कार्ड को बदल लेते हैं। कार्ड को मशीन में लगाने के दौरान पिन कोड जान लेते हैं। वह लोग हर बैंक के डेबिट कार्ड रखते हैं। बदलने के बाद उसी बैंक का दूसरा कार्ड वापस करते हैं। इससे लोग एटीएम बदलने की बात समझ नहीं पाते। वह लोग बिना गार्ड वाले एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे। दूसरा तरीका एटीएम हैकिंग का है। एटीएम से रुपयों को निकालते समय निकासी प्वाइंट को किसी चिप के सहारे से रोके लेते हैं, जिससे एटीएम मशीन लेनदेन अपूर्ण अंकित हो जाता है। फिर मशीन में रुपये फंसने की झूठी शिकायत बैंक के टोल फ्री नंबर पर दर्ज कराते हैं। तभी बैंक खाते में उतनी धनराशि फिर भेज देते हैं।