फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Fertilizer crisis deepens, farmers worry

खाद का संकट गहराया, किसान परेशान

Fri, 04 Jan 2019 12:46 AM IST
gaurav gaurav अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: gaurav gaurav Updated Fri, 04 Jan 2019 12:46 AM IST
विज्ञापन
Fertilizer crisis deepens, farmers worry
godown place - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में यूरिया का संकट गहराने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। सरकारी गोदामों में एक सप्ताह से यूरिया खाद नहीं है। इससे किसान वर्ग खुद को ठगा सा महसूस कर रहा है। खाद लेने के लिए किसान कस्बा व शहर के बिक्री केंद्रों के आते हैं, लेकिन तालाबंद होने की वजह से उन्हें बिना खाद के ही लौटना पड़ रहा है। इससे गेहूं, राई, सरसों की फसलें खराब होने लगी हैं।  
विज्ञापन

केेंद्र व प्रदेश सरकार एक ओर किसानों के लिए कृषि योजनाएं चलाने का दावा कर रही हैं। पर, जब किसानों को जरूरत होती है, तो सरकारी गोदामों में खाद का संकट आ जाता है। गेहूं की बुआई के समय किसानों को डीएपी खाद के लिए परेशानी उठानी पड़ी। किसानों ने जैसे-तैसे बुआई का काम पूरा कर लिया, लेकिन फसलों की सिंचाई के बाद यूरिया का संकट शुरू हो गया है। पीसीएफ, आईएफडीसी, डीसीएफ व इफ्को के गोदाम खाली हो गए हैं। किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल रही है। यूरिया खरीदने के लिए ठंड में किसान सुबह होते ही समितियों में पहुंच जाते हैं। खाद न मिलने पर उन्हें बैरंग लौटना पड़ता है।  कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के 95 क्रय केंद्रों में करीब 14 हजार मीट्रिक टन इफ्को की यूरिया भेजने का का लक्ष्य है। इसमें 55 मीट्रिक टन खाद आई है। इसके अलावा पिछले फसल के डिमांड की यूरिया को समितियों में भेज कर किसानों को बिक्री कराई गई है।        
विज्ञापन

 
इन केंद्रों में बिकती है इफ्को की यूरिया  
  केेंद्र                        संख्या  
साधन सहकारी समिति       72
आईएफडीसी/डीसीएफ       20
इफ्को बिक्री केंद्र              03
- गेहूं के सीजन में 14 हजार मीट्रिक टन की है मांग
- अब तक 55 मीट्रिक टन यूरिया आ चुकी है

सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता रामनयन सिंह का कहना है कि यूरिया की रैक के लिए डिमांड भेजी गई है। जब तक रैक नहीं आती है, इफ्को प्लांट फूलपुर से यूरिया खाद ट्रक से मंगाई जाएगी। इसके लिए इफ्को क्षेत्राधिकारी को पत्र लिखा गया गया है। हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीफ फसलों की सिंचाई का रोस्टर सात जनवरी है, लेकिन किसानों की डिमांड पर 25 दिसंबर को नहर में एक हजार क्यूसिक पानी आया है। धीरे-धीरे पानी की मात्रा कम हो रही है। गुरुवार को नहर में 800 क्यूसेक पानी चल रहा है, जो फसलों की सिंचाई में नाकाफी है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी बहुआ ब्लाक के किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा है। निचली गंगा नहर की शाखा शाह रजबहा, रामपुर रजबहा, बड़ागांव रजबहा, गाजीपुर रजबहा सूखा पड़ा है। पानी न होने से फसलें खराब हो रही हैं। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह का कहना है कि खरीफ फसल का रोस्टर सात जनवरी से है। जिले को प्रस्तावित पानी तब मिलेगा। इस समय बचत का पानी नहर में आ रहा है। सिंचाई में पानी की जरूरत होने की वजह से यह पानी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed