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कठिन है डगर, चलना संभलकर...
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फतेहपुर। विभाग के मुखिया की घोषणा के बाद भी गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग के नवीनीकरण व चौड़ीकरण के लिए दो माह से बजट का दरकार है। हालात ये है कि लोक निर्माण विभाग डेढ़ साल में दो बार इस्टीमेट बनकर शासन से बजट की मांग कर चुका लेकिन पैसा अभी तक जारी नहीं हो सका है। ऐसे में कौशांबी जाने वाले लोगों के लिए यह डगर बहुत कठिन है।
फतेहपुर जिला मुख्यालय से गाजीपुर, असोथर, विजयीपुर होकर खखरेरू, धाता से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशांबी (सिराथू) को यह मार्ग जोड़ता है।
इसके साथ ही यमुना तिरहार क्षेत्र के करीब ढाई सौ से अधिक गांव के लोगों का इसी सड़क से होकर जिला मुख्यालय आते-जाते हैं। सड़क ध्वस्त होने के कारण धाता, खखरेरू, विजयीपुर क्षेत्र के ग्रामीण खागा होकर मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन विजयीपुर से गाजीपुर के बीच के ग्रामीणों को इसी ध्वस्त सड़क से होकर आवागमन करना पड़ता है।
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10 सितंबर 2021 को कलक्ट्रेट मैदान से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस सड़क का 102 करोड़ रुपये से निर्माण कराने की घोषणा की थी।
सड़क निर्माण की घोषणा के दो महीना बीतने के बाद भी लोक निर्माण विभाग को शासन से बजट नहीं मिला। अब विभाग ने इस सड़क रिवाइज इस्टीमेट 111 करोड़ का बनाकर भेजा है। दो महीना में बनाए गए रिवाइज इस्टीमेट में नौ करोड़ रुपये बढ़ गया है।
पहले 34 करोड़ का बना था इस्टीमेट
गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग को बनाने के लिए जनवरी 2020 में 34 करोड़ सात लाख 56 हजार रुपये की मंजूरी हुई थी। लेनिवि ने इसका निर्माण शुरू कराने के लिए टेंडर भी निकाले थे, लेकिन किसी ठेकेदार ने सड़क बनाने की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
मार्च 2020 में विभाग को शासन से अवमुक्त धनराशि को सरेंडर करना पड़ा। इसके बाद अगस्त 2021 में लोनिवि ने 102 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा। जिसमें 10 सितंबर को डिप्टी सीएम ने सड़क बनाने की घोषणा की।
पोल शिफ्टिंग के लिए जमा की गई है धनराशि
सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के लिए लोनिवि ने मार्च के महीने में ही करीब पांच लाख रुपये जमा करा दिए थे। ताकि सड़क निर्माण के दौरान किसी प्रकार की कोई बाधा न हो।
सड़क निर्माण कराने के लिए दो बार इस्टीमेट भेजा जा चुका है। अभी 10 दिन पहले जो इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, उसमें 111 करोड़ रुपये से सड़क बनाने का प्रस्ताव है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया कराकर सड़क निर्माण शुरू होगा। - ज्वाला प्रसाद, एई लोक निर्माण विभाग
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फतेहपुर जिला मुख्यालय से गाजीपुर, असोथर, विजयीपुर होकर खखरेरू, धाता से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद कौशांबी (सिराथू) को यह मार्ग जोड़ता है।
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इसके साथ ही यमुना तिरहार क्षेत्र के करीब ढाई सौ से अधिक गांव के लोगों का इसी सड़क से होकर जिला मुख्यालय आते-जाते हैं। सड़क ध्वस्त होने के कारण धाता, खखरेरू, विजयीपुर क्षेत्र के ग्रामीण खागा होकर मुख्यालय पहुंचते हैं, लेकिन विजयीपुर से गाजीपुर के बीच के ग्रामीणों को इसी ध्वस्त सड़क से होकर आवागमन करना पड़ता है।
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10 सितंबर 2021 को कलक्ट्रेट मैदान से डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस सड़क का 102 करोड़ रुपये से निर्माण कराने की घोषणा की थी।
सड़क निर्माण की घोषणा के दो महीना बीतने के बाद भी लोक निर्माण विभाग को शासन से बजट नहीं मिला। अब विभाग ने इस सड़क रिवाइज इस्टीमेट 111 करोड़ का बनाकर भेजा है। दो महीना में बनाए गए रिवाइज इस्टीमेट में नौ करोड़ रुपये बढ़ गया है।
पहले 34 करोड़ का बना था इस्टीमेट
गाजीपुर-विजयीपुर मार्ग को बनाने के लिए जनवरी 2020 में 34 करोड़ सात लाख 56 हजार रुपये की मंजूरी हुई थी। लेनिवि ने इसका निर्माण शुरू कराने के लिए टेंडर भी निकाले थे, लेकिन किसी ठेकेदार ने सड़क बनाने की दिलचस्पी नहीं दिखाई।
मार्च 2020 में विभाग को शासन से अवमुक्त धनराशि को सरेंडर करना पड़ा। इसके बाद अगस्त 2021 में लोनिवि ने 102 करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा। जिसमें 10 सितंबर को डिप्टी सीएम ने सड़क बनाने की घोषणा की।
पोल शिफ्टिंग के लिए जमा की गई है धनराशि
सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने वाले बिजली के खंभों को शिफ्ट करने के लिए लोनिवि ने मार्च के महीने में ही करीब पांच लाख रुपये जमा करा दिए थे। ताकि सड़क निर्माण के दौरान किसी प्रकार की कोई बाधा न हो।
सड़क निर्माण कराने के लिए दो बार इस्टीमेट भेजा जा चुका है। अभी 10 दिन पहले जो इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है, उसमें 111 करोड़ रुपये से सड़क बनाने का प्रस्ताव है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया कराकर सड़क निर्माण शुरू होगा। - ज्वाला प्रसाद, एई लोक निर्माण विभाग