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फौजी अफसर बनाने के नाम पर साढ़े छह लाख की ठगी
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फतेहपुर। फौज में अफसर बनाने के नाम पर पिता-पुत्र ने करीब साढ़े छह लाख रुपये एक युवक से ठग लिए। आरोपी ठग के देहरादून में पकड़े जाने के बाद युवक को ठगी का शिकार होने का पता लगा। तो उसने आरोपी के पिता से रुपये वापस मांगे। रुपये वापस नहीं किए जाने पर गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के खंभापुर निवासी सक्षम त्रिवेदी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गंगानगर के रहने वाले महेंद्र उर्फ बंटू मिश्रा ने अपने दामाद सचिन अवस्थी के सेना में बड़े अधिकारी होने की बात बताई थी।
उनकी बात से प्रभावित होकर वह सचिन अवस्थी को मुलाकात करने के लिए उनके घर गया। जहां सचिन और उसके पिता राजेंद्र अवस्थी ने सेना में एमसीओ पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया।
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नौकरी के लिए रुपयों की मांग की। उसने 21 जुलाई 2020 को राजेंद्र अवस्थी के खाते में तीन लाख रुपये का आरटीजीएस किया। सात सितंबर को दूसरी बार तीन लाख 30 हजार रुपये आरटीजीएस किए।
15 सितंबर 2021 को फौज में चयन होने का पत्र उसे डाक से मिला। उसमें कुछ दस्तावेजों को तैयार कराने के नाम पर 13 हजार 800 रुपये और सचिन ने मांगे।
उसके गूगल खाते में रुपये भेज दिए। नौ अक्तूबर को सचिन के देहरादून में फर्जी कर्नल बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप में पकड़े जाने का पता लगा। उसने अपने कागजों की जांच कराई। तो उसे अपने साथ ठगी होने का पता लगा।
इसके बाद वह उत्तरी गोपालनगर में रहने वाले सचिन के पिता राजेंद्र के पास गया। तो उन्होंने रुपये लौटाने की बात कही, लेकिन वह टरकाते आ रहे हैं।
सक्षम की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के खंभापुर निवासी सक्षम त्रिवेदी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गंगानगर के रहने वाले महेंद्र उर्फ बंटू मिश्रा ने अपने दामाद सचिन अवस्थी के सेना में बड़े अधिकारी होने की बात बताई थी।
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उनकी बात से प्रभावित होकर वह सचिन अवस्थी को मुलाकात करने के लिए उनके घर गया। जहां सचिन और उसके पिता राजेंद्र अवस्थी ने सेना में एमसीओ पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया।
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नौकरी के लिए रुपयों की मांग की। उसने 21 जुलाई 2020 को राजेंद्र अवस्थी के खाते में तीन लाख रुपये का आरटीजीएस किया। सात सितंबर को दूसरी बार तीन लाख 30 हजार रुपये आरटीजीएस किए।
15 सितंबर 2021 को फौज में चयन होने का पत्र उसे डाक से मिला। उसमें कुछ दस्तावेजों को तैयार कराने के नाम पर 13 हजार 800 रुपये और सचिन ने मांगे।
उसके गूगल खाते में रुपये भेज दिए। नौ अक्तूबर को सचिन के देहरादून में फर्जी कर्नल बनकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने के आरोप में पकड़े जाने का पता लगा। उसने अपने कागजों की जांच कराई। तो उसे अपने साथ ठगी होने का पता लगा।
इसके बाद वह उत्तरी गोपालनगर में रहने वाले सचिन के पिता राजेंद्र के पास गया। तो उन्होंने रुपये लौटाने की बात कही, लेकिन वह टरकाते आ रहे हैं।
सक्षम की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और ठगी किए जाने की रिपोर्ट दर्ज की है। कोतवाल अरुण चतुर्वेदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।