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धान के तौल की क्षमता घटाने से किसानों की बढ़ी दिक्कत
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असोथर में धान की तौल करते मजदूर। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। धान खरीदने के लिए खोले गए एक क्रय केंद्र की क्षमता 300 क्विंटल से घटाकर 200 क्विंटल कर दी गई है। ऐसे में किसानों के सामने उपज बिक्री करने का संकट गहरा गया है।
वहीं केंद्र प्रभारियों के सामने भी दिक्कत बढ़ गई हैं। जिन किसानों को मैनुअल टोकन दिया गया था, अब वह धान लेकर आ रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारी की ओर से दिए गए टोकन की तारीख पर तौल नहीं हो रही है। ऐसे में किसान निजी आढ़तियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं।
किसानों का धान क्रय केंद्रों में खरीदने जाने का समय 28 फरवरी तक है। नवंबर महीने में छह संस्थाओं के 83 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर रोजाना 300 क्विंटल धान की तौल कराने का नियम बनाया गया।
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जनवरी माह में यूपीएसएस के 17 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए थे, लेकिन चार फरवरी को अचानक नैफेड और पीसीएफ संस्था के क्रय केंद्रों पर भी खरीद रोक दी गई।
इसके बाद मंडी समिति, एफसीआई और हाटशाखा क्रय केंद्रों में खरीद की क्षमता 300 से घटा कर 200 क्विंटल कर दी गई है। ऐसे में जिन केंद्र प्रभारियों ने किसानों को मैनुअल टोकन दिया था, वह धान लेकर क्रय केंद्र पहुंच रहे हैं। खरीद की क्षमता कम होने के कारण सभी किसानों के धान की तौल नहीं हो पा रही है।
अमौरा गांव के किसान बदलू ने बताया कि मलवां केंद्र प्रभारी ने 20 जनवरी को धान तौल कराने का टोकन दिया था, लेकिन केंद्र प्रभारी बार-बार कोई न कोई बहाना करके उसे टरका देते रहे। अब क्रय केंद्र में धान लेकर आए तो तौल कराने से मना कर दिया।
किसान पृथ्वीपाल ने बताया कि एक हफ्ते से क्रय केंद्र में धान पड़ा है। तौल नहीं कराई जा रही है। वहीं कुछ लोगों का धान तौला जा रहा है। केंद्र प्रभारी रोज नए-नए बहाने बताकर अगले दिन धान की तौल कराने की बात कहते हैं।
ममरेजपुर गांव के किसान रुद्रपाल ने बताया मंगलवार को ही टोकन दिया गया था। वह ट्राली में धान लाद कर लाए हैं। दो बजे तक तो एक भी ढेर की तौल नहीं कराई गई। शाम को एक किसान के धान की तौल कराई गई है। अभी तक हमारा नंबर नहीं आया है।
क्रय केंद्रों पर धान खरीद के लिए रोक लगाई गई है और खरीद की क्षमता कम करने का काम शासन स्तर से किया गया है। आधे से अधिक क्रय केंद्र बंद होने के कारण खरीद में कुछ अव्यवस्था हुई है, लेकिन अब धान बेचने वाले किसानों की संख्या भी कम हुई है। 28 तक सभी किसानों के धान की तौल करा ली जाएगी। - अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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वहीं केंद्र प्रभारियों के सामने भी दिक्कत बढ़ गई हैं। जिन किसानों को मैनुअल टोकन दिया गया था, अब वह धान लेकर आ रहे हैं, लेकिन केंद्र प्रभारी की ओर से दिए गए टोकन की तारीख पर तौल नहीं हो रही है। ऐसे में किसान निजी आढ़तियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हैं।
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किसानों का धान क्रय केंद्रों में खरीदने जाने का समय 28 फरवरी तक है। नवंबर महीने में छह संस्थाओं के 83 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर रोजाना 300 क्विंटल धान की तौल कराने का नियम बनाया गया।
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जनवरी माह में यूपीएसएस के 17 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए थे, लेकिन चार फरवरी को अचानक नैफेड और पीसीएफ संस्था के क्रय केंद्रों पर भी खरीद रोक दी गई।
इसके बाद मंडी समिति, एफसीआई और हाटशाखा क्रय केंद्रों में खरीद की क्षमता 300 से घटा कर 200 क्विंटल कर दी गई है। ऐसे में जिन केंद्र प्रभारियों ने किसानों को मैनुअल टोकन दिया था, वह धान लेकर क्रय केंद्र पहुंच रहे हैं। खरीद की क्षमता कम होने के कारण सभी किसानों के धान की तौल नहीं हो पा रही है।
अमौरा गांव के किसान बदलू ने बताया कि मलवां केंद्र प्रभारी ने 20 जनवरी को धान तौल कराने का टोकन दिया था, लेकिन केंद्र प्रभारी बार-बार कोई न कोई बहाना करके उसे टरका देते रहे। अब क्रय केंद्र में धान लेकर आए तो तौल कराने से मना कर दिया।
किसान पृथ्वीपाल ने बताया कि एक हफ्ते से क्रय केंद्र में धान पड़ा है। तौल नहीं कराई जा रही है। वहीं कुछ लोगों का धान तौला जा रहा है। केंद्र प्रभारी रोज नए-नए बहाने बताकर अगले दिन धान की तौल कराने की बात कहते हैं।
ममरेजपुर गांव के किसान रुद्रपाल ने बताया मंगलवार को ही टोकन दिया गया था। वह ट्राली में धान लाद कर लाए हैं। दो बजे तक तो एक भी ढेर की तौल नहीं कराई गई। शाम को एक किसान के धान की तौल कराई गई है। अभी तक हमारा नंबर नहीं आया है।
क्रय केंद्रों पर धान खरीद के लिए रोक लगाई गई है और खरीद की क्षमता कम करने का काम शासन स्तर से किया गया है। आधे से अधिक क्रय केंद्र बंद होने के कारण खरीद में कुछ अव्यवस्था हुई है, लेकिन अब धान बेचने वाले किसानों की संख्या भी कम हुई है। 28 तक सभी किसानों के धान की तौल करा ली जाएगी। - अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ

मलवां क्रय केंद्र में धान लदी खड़ी ट्राली। संवाद- फोटो : FATEHPUR