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लाला लोधी हत्याकांड के दूसरे शूटर का नहीं लगा सुराग
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जलकेश लोधी की फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। थरियांव थाना क्षेत्र के दिमंगतपुर गांव के लाला लोधी हत्याकांड के मामले मेें फरार दूसरे शूटर का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। उसकी तलाश में प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा में कई जगह पुलिस ने छापामारी की है। इसके बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है।
दिमंगतपुर गांव निवासी लाला लोधी शातिर किस्म का था। वह पांच दिसंबर की रात खाने-पीने के बाद दरवाजे पर सो गया था। उसी रात उसकी दो गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की गुत्थी पुलिस बड़ी मुश्किल में सुलझा सकी थी।
पुलिस ने लाला लोधी के पुत्र इंदल, साले कामता निवासी छीमी खागा, हिस्ट्रीशीटर साढ़ू मान सिंह निवासी आलमपुर गेरिया खखरेरू और शूटर अबरार निवासी देवदासीपुर खखरेरू को गिरफ्तार किया था।
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हत्याकांड में थरियांव थाने के हासिमपुर भेदपुर गांव निवासी रामजीत उर्फ बच्चा जोकि दूसरा शूटर था, वह फरार हो गया था। बेटे ने मृतक पिता पर संपत्ति एक महिला को देने की खुन्नस में हत्या कराना कबूल किया था।
खुलासे के बाद से रामजीत तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। पुलिस का मानना है कि गोली मारने की सुपारी अबरार और रामजीत ने ली थी। उन दोनों ने एक-एक गोली लाला का मारी थी। रामजीत हिस्ट्रीशीटर मान सिंह का करीबी बताया जाता है।
कुर्की की कार्रवाई से भी शूटर बेफ्रिक
शूटर रामजीत उर्फ बच्चा का हासिमपुर भेदपुर गांव में पुराना कच्चा मकान है। वह अविवाहित है। भाइयों के परिवार से उसका कोई लेना देना नहीं है। उसका पहले से भी गांव में आना-जाना था।
उसके नाम एक-दो बीघा खेत हैं। खेत से भी उसका कोई मतलब नहीं रहता है। पुलिस ने मामले में कुर्की की कार्रवाई चालू की है। हत्यारोपी खास संपत्ति नहीं होने के कारण बेफ्रिक है। उसके घर में कोई गृहस्थी नहीं है।
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दिमंगतपुर गांव निवासी लाला लोधी शातिर किस्म का था। वह पांच दिसंबर की रात खाने-पीने के बाद दरवाजे पर सो गया था। उसी रात उसकी दो गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड की गुत्थी पुलिस बड़ी मुश्किल में सुलझा सकी थी।
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पुलिस ने लाला लोधी के पुत्र इंदल, साले कामता निवासी छीमी खागा, हिस्ट्रीशीटर साढ़ू मान सिंह निवासी आलमपुर गेरिया खखरेरू और शूटर अबरार निवासी देवदासीपुर खखरेरू को गिरफ्तार किया था।
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हत्याकांड में थरियांव थाने के हासिमपुर भेदपुर गांव निवासी रामजीत उर्फ बच्चा जोकि दूसरा शूटर था, वह फरार हो गया था। बेटे ने मृतक पिता पर संपत्ति एक महिला को देने की खुन्नस में हत्या कराना कबूल किया था।
खुलासे के बाद से रामजीत तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। पुलिस का मानना है कि गोली मारने की सुपारी अबरार और रामजीत ने ली थी। उन दोनों ने एक-एक गोली लाला का मारी थी। रामजीत हिस्ट्रीशीटर मान सिंह का करीबी बताया जाता है।
कुर्की की कार्रवाई से भी शूटर बेफ्रिक
शूटर रामजीत उर्फ बच्चा का हासिमपुर भेदपुर गांव में पुराना कच्चा मकान है। वह अविवाहित है। भाइयों के परिवार से उसका कोई लेना देना नहीं है। उसका पहले से भी गांव में आना-जाना था।
उसके नाम एक-दो बीघा खेत हैं। खेत से भी उसका कोई मतलब नहीं रहता है। पुलिस ने मामले में कुर्की की कार्रवाई चालू की है। हत्यारोपी खास संपत्ति नहीं होने के कारण बेफ्रिक है। उसके घर में कोई गृहस्थी नहीं है।