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फतेहपुर : कस्बे में 10 माह से जलापूर्ति बंद, पानी का भीषण संकट
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औंग का ओवरहेड टैंक। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
औंग। कस्बे में बनी पानी टंकी से ग्रामीणों को 10 माह से पीने का पानी नहीं मिला है। हाईवे चौड़ीकरण में क्षतिग्रस्त हुई वाटर लाइन अभी तक दुरुस्त नहीं की जा सकी है। जबकि एनएचएआई ने चौड़ीकरण के दौरान क्षतिग्रस्त पाइप लाइन व हैंडपंपों को बदलवाने के लिए जल निगम को 16 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। फिर भी अभी तक जलापूर्ति की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जा रही हैं।
नौ साल से वाल्व खराब होने से पानी टंकी की लोडिंग नहीं हो रही थी। इसके बाद नलकूप से सीधे वाटर लाइन से ग्रामीणों को जलापूर्ति की जा रही थी। हाल ही में हाईवे चौड़ीकरण में वाटर लाइन क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। साथ ही हाईवे किनारे लगे 10 सरकारी हैंडपंप चौड़ीकरण में प्रभावित हुए। एनएचएआई ने क्षति पूर्ति के रूप में जल निगम को 10 लाख रुपये वाटर लाइन बिछाने और छह लाख रुपये हैंडपंप लगाने के लिए दिया है, लेकिन अभी तक एक भी हैंडपंप नहीं लगा। इसी तरह वाटर लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
प्रधान ममता शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या अधिकारियों को पत्र के माध्यम से बताई गई है। 10 माह बीतने के बाद भी एनएचएआई और जल निगम एक कदम भी आगे नहीं बढ़े। औंग ग्राम पंचायत सहित मजरे ओरिया खेड़ा, गढी, कीचकपुर के 400 घरों की नौ हजार आबादी को जलापूर्ति करने के लिए 2004 में ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ था। 165 क्यूसेक लीटर 14 मीटर स्टेजिंग की क्षमता की टंकी बनाई गई थी।
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नौ साल से वाल्व खराब होने से पानी टंकी की लोडिंग नहीं हो रही थी। इसके बाद नलकूप से सीधे वाटर लाइन से ग्रामीणों को जलापूर्ति की जा रही थी। हाल ही में हाईवे चौड़ीकरण में वाटर लाइन क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। साथ ही हाईवे किनारे लगे 10 सरकारी हैंडपंप चौड़ीकरण में प्रभावित हुए। एनएचएआई ने क्षति पूर्ति के रूप में जल निगम को 10 लाख रुपये वाटर लाइन बिछाने और छह लाख रुपये हैंडपंप लगाने के लिए दिया है, लेकिन अभी तक एक भी हैंडपंप नहीं लगा। इसी तरह वाटर लाइन भी नहीं बिछाई गई है।
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प्रधान ममता शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों की समस्या अधिकारियों को पत्र के माध्यम से बताई गई है। 10 माह बीतने के बाद भी एनएचएआई और जल निगम एक कदम भी आगे नहीं बढ़े। औंग ग्राम पंचायत सहित मजरे ओरिया खेड़ा, गढी, कीचकपुर के 400 घरों की नौ हजार आबादी को जलापूर्ति करने के लिए 2004 में ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ था। 165 क्यूसेक लीटर 14 मीटर स्टेजिंग की क्षमता की टंकी बनाई गई थी।
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