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Fatehpur News: फतेहपुर-श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली पलटी, किशोरी समेत दो की मौत
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खागा (फतेहपुर)। प्रतापगढ़ के मनगढ़ धाम से गांव लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली में शुक्रवार रात करीब 11 बजे पीछे से डंपर ने टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर से ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। हादसे में किशोरी समेत दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 30 से अधिक लोग घायल हो गए। एंबुलेंस से घायलों को हरदों सीएचसी लाया गया, जहां से 11 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मिठनापुर से करीब 35 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से शुक्रवार सुबह प्रतापगढ़ कुंडा तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध मनगढ़ धाम गए थे। श्रद्धालुओं में अधिकतर महिलाएं व बच्चे थे। वे दर्शन करके रात को लौटे। खागा कोतवाली क्षेत्र के बरकतपुर मोड़ (प्रयागराज-कानपुर हाईवे के संपर्क मार्ग) पास रात करीब साढ़े 11 बजे पीछे से डंपर ने ट्रॉली में टक्कर मार दी।
ट्रैक्टर के इंजन का हिस्सा सड़क के नीचे खंदक में चला गया और ट्रॉली सड़क पर ही पलट गई। ट्राली व इंजन में कई लोग दब गए। हादसे से चीख-पुकार मच गई। लोग एक दूसरे को खोजने लगे। मौके पर जुटे राहगीरों ने ग्रामीणों की मदद की। सीएचसी में डॉक्टर ने मिठनापुर निवासी सुधीर पटेल (38) व कल्लू उर्फ महेश की बेटी सपना (17) को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज किया।
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इलाज के बाद करीब 11 लोगों को रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से घायल रिया को रेफर किया गया है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। घायल हादसा डंपर से बता रहे हैं। मौके पर डंपर नहीं मिला है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
इनसेट
हादसे में घायल
खागा। घायलों में अन्नू देवी (14) पुत्री दयाराम, संध्या देवी (16) पुत्री दयाराम, सुनैना देवी (30) पत्नी मोहन, तोल (50) पत्नी फूलचंद्र, प्रेमा (30) पत्नी वीरेंद्र, अनूप (8) पुत्र गोरेलाल, शिवा (8) पुत्र वीरेंद्र, ममता (13) पुत्री फूलचंद्र, रोशन (10) पुत्र हजारी लाल, सूरजमुखी (60) पत्नी हरिश्चंद्र, सियावती (40) पत्नी भानू प्रसाद, रन्नो देवी (35) पत्नी गोरेलाल, ठकुरिया (78) पत्नी रवीन्द्र नाथ, पुष्पा (35) पत्नी रंजीत, सुनीता (32) पत्नी भोला, सुदेवी (36) पत्नी राधेश्याम, माही (10) पुत्री चुनकू, चुनकी (30) पत्नी चुनकू, शिवानी (12) पुत्री वीरेंद्र, सुनीता (30) पत्नी दयाराम, रिया (11) पुत्र रहिमाल, चुनकू (35) पुत्र बसंत लाल, शांति देवी (60) पत्नी शिवनन्दन शुक्ला, शिमला (35) पत्नी सुधीर पटेल, सुनीता (10) पुत्री राजेंद्र प्रसाद, गोरेलाल (10) पुत्र राजेंद्र प्रसाद, धनंजय (38) पुत्र शिवमंगल, अंकित (12) पुत्र दयाराम, दयाराम (43) पुत्र स्व रामनारायण, सरला देवी (60) पत्नी दिवंगत राम नारायण शामिल हैं।
-- -- -
साइड स्टोरी
टोल बचाने के लिए प्रेमनगर रूट पर जाते भारी वाहन
- पहले भी हो चुके हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। हादसा स्थल बरकतपुर मोड़ भारी वाहनों के चालकों के लिए किफायती रहता है। इसी वजह से हाईवे का मार्ग छोड़कर चालक टोल बचाने के लिए इस रूट का प्रयोग करते है। अक्सर इस मार्ग पर हादसे होते हैं।
कौशांबी व प्रतापगढ़ जाने वाले मौरंग गिट्टी के भारी वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। जबकि उन्हें सीधे हाईवे पर कटोघन टोल प्लाजा से निकलना चाहिए। भारी वाहन चित्रकूट व जिले की मौरंग खदानों से आते हैं। उन्हें टोल के रास्ते जाने में ओवरलोड का चार्ज और टोल शुल्क देना पड़ता है। इसके साथ ही हाईवे पर खनिज, जीएसटी व एआरटीओ चेकिंग का खतरा रहता है। इस रास्ते से सभी खतरों से सुरक्षित महसूस करते हैं। खागा पुलिस का दावा है कि वाहनों को रोकने के लिए बुदवन मोड़ समेत दो जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। जिससे कि भारी वाहन अंदर प्रवेश न करें। पुलिस का दावा हादसे से फेल नजर आ रहा है। हादसा पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कहा जा रहा है कि बैरियर पर लगे कर्मचारी मौका देखकर भारी वाहनों को अंदर जाने देते हैं।
इनसेट
गहरी नींद में महिलाएं व बच्चे थे
बरकतपुर मोड़ पर हादसे के समय करीब ट्रॉली पर सवार अधिकांश महिलाएं व बच्चे नींद में थे। हादसे के बाद ट्रॉली सड़क पर लहराकर पलटी। श्रद्धालुओं के आंखों के सामने पूरी दुनिया ही पलट गई। अंधेरे रास्ते पर चीख-पुकार मच गई और कुछ सही सलामत लोग अपने परिजनों को तलाशने में जुट गए। करीब आधे घंटे तक तो लोग समझ ही नहीं सके कि यह कैसे हो गया।
इनसेट
घायल इतने कि कम पड़ गईं एंबुलेंस
हादसे के बाद मौके पर केवल एक एंबुलेंस पहुंची। घायलों की संख्या देख एंबुलेंस कर्मियों ने अन्य एंबुलेंस का इंतजाम शुरू किया। एक के बाद एक चार एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को लादकर अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक श्रद्धालुओं की चीख पुकार मची रही।
-- टाइम लाइन--
- 11.30 बजे रात को बरकतपुर मोड़ पर हादसा।
- 11.50 बजे राहगीरों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
- 12.05 बजे एक एंबुलेंस घटनास्थल पहुंची।
- 12.10 बजे कोतवाली खागा पुलिस पहुंची, बचाव कार्य शुरू हुआ।
- 12.15 बजे तक अन्य तीन एंबुलेंस पहुंची।
- 12.30 बजे के करीब घायल हरदों सीएचसी पहुंचना शुरू हुए।
- 01.30 बजे घायलों के परिजन-रिश्तेदार पहुंचे।
- 02.00 बजे तक घायलों का प्राथमिक इलाज व रेफर किया गया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मिठनापुर से करीब 35 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से शुक्रवार सुबह प्रतापगढ़ कुंडा तहसील क्षेत्र के प्रसिद्ध मनगढ़ धाम गए थे। श्रद्धालुओं में अधिकतर महिलाएं व बच्चे थे। वे दर्शन करके रात को लौटे। खागा कोतवाली क्षेत्र के बरकतपुर मोड़ (प्रयागराज-कानपुर हाईवे के संपर्क मार्ग) पास रात करीब साढ़े 11 बजे पीछे से डंपर ने ट्रॉली में टक्कर मार दी।
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ट्रैक्टर के इंजन का हिस्सा सड़क के नीचे खंदक में चला गया और ट्रॉली सड़क पर ही पलट गई। ट्राली व इंजन में कई लोग दब गए। हादसे से चीख-पुकार मच गई। लोग एक दूसरे को खोजने लगे। मौके पर जुटे राहगीरों ने ग्रामीणों की मदद की। सीएचसी में डॉक्टर ने मिठनापुर निवासी सुधीर पटेल (38) व कल्लू उर्फ महेश की बेटी सपना (17) को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज किया।
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इलाज के बाद करीब 11 लोगों को रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल से घायल रिया को रेफर किया गया है। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है। घायल हादसा डंपर से बता रहे हैं। मौके पर डंपर नहीं मिला है। रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
इनसेट
हादसे में घायल
खागा। घायलों में अन्नू देवी (14) पुत्री दयाराम, संध्या देवी (16) पुत्री दयाराम, सुनैना देवी (30) पत्नी मोहन, तोल (50) पत्नी फूलचंद्र, प्रेमा (30) पत्नी वीरेंद्र, अनूप (8) पुत्र गोरेलाल, शिवा (8) पुत्र वीरेंद्र, ममता (13) पुत्री फूलचंद्र, रोशन (10) पुत्र हजारी लाल, सूरजमुखी (60) पत्नी हरिश्चंद्र, सियावती (40) पत्नी भानू प्रसाद, रन्नो देवी (35) पत्नी गोरेलाल, ठकुरिया (78) पत्नी रवीन्द्र नाथ, पुष्पा (35) पत्नी रंजीत, सुनीता (32) पत्नी भोला, सुदेवी (36) पत्नी राधेश्याम, माही (10) पुत्री चुनकू, चुनकी (30) पत्नी चुनकू, शिवानी (12) पुत्री वीरेंद्र, सुनीता (30) पत्नी दयाराम, रिया (11) पुत्र रहिमाल, चुनकू (35) पुत्र बसंत लाल, शांति देवी (60) पत्नी शिवनन्दन शुक्ला, शिमला (35) पत्नी सुधीर पटेल, सुनीता (10) पुत्री राजेंद्र प्रसाद, गोरेलाल (10) पुत्र राजेंद्र प्रसाद, धनंजय (38) पुत्र शिवमंगल, अंकित (12) पुत्र दयाराम, दयाराम (43) पुत्र स्व रामनारायण, सरला देवी (60) पत्नी दिवंगत राम नारायण शामिल हैं।
साइड स्टोरी
टोल बचाने के लिए प्रेमनगर रूट पर जाते भारी वाहन
- पहले भी हो चुके हादसे
संवाद न्यूज एजेंसी
खागा। हादसा स्थल बरकतपुर मोड़ भारी वाहनों के चालकों के लिए किफायती रहता है। इसी वजह से हाईवे का मार्ग छोड़कर चालक टोल बचाने के लिए इस रूट का प्रयोग करते है। अक्सर इस मार्ग पर हादसे होते हैं।
कौशांबी व प्रतापगढ़ जाने वाले मौरंग गिट्टी के भारी वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। जबकि उन्हें सीधे हाईवे पर कटोघन टोल प्लाजा से निकलना चाहिए। भारी वाहन चित्रकूट व जिले की मौरंग खदानों से आते हैं। उन्हें टोल के रास्ते जाने में ओवरलोड का चार्ज और टोल शुल्क देना पड़ता है। इसके साथ ही हाईवे पर खनिज, जीएसटी व एआरटीओ चेकिंग का खतरा रहता है। इस रास्ते से सभी खतरों से सुरक्षित महसूस करते हैं। खागा पुलिस का दावा है कि वाहनों को रोकने के लिए बुदवन मोड़ समेत दो जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। जिससे कि भारी वाहन अंदर प्रवेश न करें। पुलिस का दावा हादसे से फेल नजर आ रहा है। हादसा पुलिस की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। कहा जा रहा है कि बैरियर पर लगे कर्मचारी मौका देखकर भारी वाहनों को अंदर जाने देते हैं।
इनसेट
गहरी नींद में महिलाएं व बच्चे थे
बरकतपुर मोड़ पर हादसे के समय करीब ट्रॉली पर सवार अधिकांश महिलाएं व बच्चे नींद में थे। हादसे के बाद ट्रॉली सड़क पर लहराकर पलटी। श्रद्धालुओं के आंखों के सामने पूरी दुनिया ही पलट गई। अंधेरे रास्ते पर चीख-पुकार मच गई और कुछ सही सलामत लोग अपने परिजनों को तलाशने में जुट गए। करीब आधे घंटे तक तो लोग समझ ही नहीं सके कि यह कैसे हो गया।
इनसेट
घायल इतने कि कम पड़ गईं एंबुलेंस
हादसे के बाद मौके पर केवल एक एंबुलेंस पहुंची। घायलों की संख्या देख एंबुलेंस कर्मियों ने अन्य एंबुलेंस का इंतजाम शुरू किया। एक के बाद एक चार एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को लादकर अस्पताल पहुंचाया। घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक श्रद्धालुओं की चीख पुकार मची रही।
- 11.30 बजे रात को बरकतपुर मोड़ पर हादसा।
- 11.50 बजे राहगीरों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
- 12.05 बजे एक एंबुलेंस घटनास्थल पहुंची।
- 12.10 बजे कोतवाली खागा पुलिस पहुंची, बचाव कार्य शुरू हुआ।
- 12.15 बजे तक अन्य तीन एंबुलेंस पहुंची।
- 12.30 बजे के करीब घायल हरदों सीएचसी पहुंचना शुरू हुए।
- 01.30 बजे घायलों के परिजन-रिश्तेदार पहुंचे।
- 02.00 बजे तक घायलों का प्राथमिक इलाज व रेफर किया गया।