{"_id":"614e243d8ebc3e2bdd0d8457","slug":"fatehpur-news-fatehpur-news-knp65426216","type":"story","status":"publish","title_hn":"विकास भवन के गेट बंद कराकर डीएम ने किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विकास भवन के गेट बंद कराकर डीएम ने किया निरीक्षण
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फतेहपुर। विकास भवन के सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति परखने के लिए डीएम अपूर्वा दुबे ने औचक निरीक्षण किया। सवा 10 बजे विकास भवन में दाखिल होते ही डीएम ने सभी गेट बंद करा दिए, दरवाजे बंद होने से देर से आने वाले अधिकारी और कर्मचारी बाहर ही खड़े रह गए, किसी को अंदर प्रवेश नहीं मिला।
डीएम के निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग, आरईएस और युवा कल्याण विभाग तो पूरी तरह से खाली मिले। इनमें एक भी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। इसी क्रम में लघु सिंचाई, पशुपालन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्प संख्यक विभाग, डीडीओ और डीपीआरओ कार्यालय के तकरीबन 29 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने सभी का एक-एक दिन को नोटिस देते हुए एक-एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया है कि विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर को नियमित रूप से नहीं देखते। अवकाश के कई ऐसे प्रार्थनापत्र पाए गए जो उपस्थित पंजिका में चढ़े नहीं थे। बारिश से जगह-जगह टपक रही इमारत की मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाने को भी कहा गया।
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साथ ही उन्होंने विकास भवन के प्रवेश द्वार पर विकास भवन में कमरों के नंबर और उनमें संचालित विभागों के नाम दीवार पर पेंट कराने के निर्देश दिए। ताकि बाहर से आने वाले फरियादियों को यह पता चल सके कि कौन सा विभाग कहां संचालित हो रहा है। डीएम के निरीक्षण से दिनभर विकास भवन में हड़कंप मचा रहा।
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डीएम के निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग, आरईएस और युवा कल्याण विभाग तो पूरी तरह से खाली मिले। इनमें एक भी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित नहीं मिला। इसी क्रम में लघु सिंचाई, पशुपालन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्प संख्यक विभाग, डीडीओ और डीपीआरओ कार्यालय के तकरीबन 29 अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने सभी का एक-एक दिन को नोटिस देते हुए एक-एक दिन का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
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डीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह देखा गया है कि विभागाध्यक्ष अपने-अपने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर को नियमित रूप से नहीं देखते। अवकाश के कई ऐसे प्रार्थनापत्र पाए गए जो उपस्थित पंजिका में चढ़े नहीं थे। बारिश से जगह-जगह टपक रही इमारत की मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाने को भी कहा गया।
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साथ ही उन्होंने विकास भवन के प्रवेश द्वार पर विकास भवन में कमरों के नंबर और उनमें संचालित विभागों के नाम दीवार पर पेंट कराने के निर्देश दिए। ताकि बाहर से आने वाले फरियादियों को यह पता चल सके कि कौन सा विभाग कहां संचालित हो रहा है। डीएम के निरीक्षण से दिनभर विकास भवन में हड़कंप मचा रहा।