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अब बकाएदार भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव
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फतेहपुर। सहकारिता विभाग के बकायेदार भी अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किस्मत आजमा सकते हैं। शासन ने बकायेदारों के चुनाव न लड़ने पर लगी रोक को हटा दी है।
अब जिनका बकाया है वह भी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ सकते हैं। जिले में 12576 लोग ऐसे हैं जिनका सहकारिता व भूमि विकास बैंक में 22 करोड़ 53 लाख 61 हजार रुपये बकाया है।
पंचायतीराज विभाग ने आदेश जारी करके सहकारिता के बकायेदारों के पंचायत चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटा ली है। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने भी इन्हें चुनाव लड़ने की छूट दे दी है। जिले में सहकारिता विभाग के कुल 10452 लोग बकायेदार हैं। इन लोगों पर सात करोड़ 28 लाख 92 हजार रुपये का लोन है।
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हालांकि सहकारिता विभाग ने ऋण वसूली के लिए 5220 लोगों को नोटिस जारी कर रखी है। इन पर तीन करोड़ 11 लाख 15 हजार रुपये बकाया हैं। वहीं, भूमि विकास बैंक में 2124 लोगों पर 15 करोड़ 24 लाख 69 हजार रुपये बकाया हैं। पहले निर्वाचन आयोग ने सहकारिता के बकायेदारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
इनकी पहचान के लिए नोड्यूज यानी अदेय प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य किया गया था। अब इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसकी पुष्टि सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता राम नयन सिंह ने की है।
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अब जिनका बकाया है वह भी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ सकते हैं। जिले में 12576 लोग ऐसे हैं जिनका सहकारिता व भूमि विकास बैंक में 22 करोड़ 53 लाख 61 हजार रुपये बकाया है।
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पंचायतीराज विभाग ने आदेश जारी करके सहकारिता के बकायेदारों के पंचायत चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटा ली है। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने भी इन्हें चुनाव लड़ने की छूट दे दी है। जिले में सहकारिता विभाग के कुल 10452 लोग बकायेदार हैं। इन लोगों पर सात करोड़ 28 लाख 92 हजार रुपये का लोन है।
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हालांकि सहकारिता विभाग ने ऋण वसूली के लिए 5220 लोगों को नोटिस जारी कर रखी है। इन पर तीन करोड़ 11 लाख 15 हजार रुपये बकाया हैं। वहीं, भूमि विकास बैंक में 2124 लोगों पर 15 करोड़ 24 लाख 69 हजार रुपये बकाया हैं। पहले निर्वाचन आयोग ने सहकारिता के बकायेदारों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।
इनकी पहचान के लिए नोड्यूज यानी अदेय प्रमाणपत्र बनवाना अनिवार्य किया गया था। अब इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसकी पुष्टि सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता राम नयन सिंह ने की है।