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मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की बढ़ाई चिंता
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असोथर क्रय केंद्र में लगा धान का ढेर
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। धान की खरीद रफ्तार न पकड़ने और मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों ने अपने धान को बेचने के लिए क्रय केंद्रों में ढेर लगा रखा है और रविवार की रात अचानक तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी होने पर किसानों की चिंता बढ़ गई। सुबह ही वह क्रय केंद्र पर पहुंच गए। सरकारी क्रय केंद्रों में पांच हजार क्विंटल से अधिक धान पड़ा है।
ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद किसानों ने अपने धान को बेचने के लिए क्रय केंद्र में डाल दिया है और अपना नंबर आने के इंतजार में हैं। रविवार की रात अचानक तेज हवाएं चलीं और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। क्रय केंद्र में जिन किसानों का धान पड़ा था, बारिश की बूंदे देखकर उनकी नींद उड़ गई। छह महीने की मेहनत से तैयार फसल खराब होने की चिंता सताने लगी।
भोर पहर ही किसान क्रय केंद्र पहुंच गए और अपने-अपने धान के ढेर को सुरक्षित करने में लग गए। कोई तिरपाल से तो कोई पॉलीथिन से धान के ढेरों को ढंकने में जुट गया। थरियांव, असोथर, बहुआ और खागा क्रय केंद्रों पर पांच हजार क्विंटल से अधिक धान के ढेर लगे हैं।
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धान की तौल कराई जा रही है, लेकिन ज्यादातर किसान बिना केंद्र प्रभारी की सूचना दिए ही धान लेकर पहुंच जाते हैं। इस वजह से क्रय केंद्रों में भीड़ लग जाती है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद किसान पहले केंद्र प्रभारी के पास जाएं। वहां अपने धान का नमूना दिखाएं। केंद्र प्रभारी जिस तारीख में धान क्रय केंद्र में लाने को कहें, उसी तारीख मेें धान बेचने के लिए लाएं। - रमेश कुमार श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद किसानों ने अपने धान को बेचने के लिए क्रय केंद्र में डाल दिया है और अपना नंबर आने के इंतजार में हैं। रविवार की रात अचानक तेज हवाएं चलीं और रिमझिम बारिश शुरू हो गई। क्रय केंद्र में जिन किसानों का धान पड़ा था, बारिश की बूंदे देखकर उनकी नींद उड़ गई। छह महीने की मेहनत से तैयार फसल खराब होने की चिंता सताने लगी।
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भोर पहर ही किसान क्रय केंद्र पहुंच गए और अपने-अपने धान के ढेर को सुरक्षित करने में लग गए। कोई तिरपाल से तो कोई पॉलीथिन से धान के ढेरों को ढंकने में जुट गया। थरियांव, असोथर, बहुआ और खागा क्रय केंद्रों पर पांच हजार क्विंटल से अधिक धान के ढेर लगे हैं।
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धान की तौल कराई जा रही है, लेकिन ज्यादातर किसान बिना केंद्र प्रभारी की सूचना दिए ही धान लेकर पहुंच जाते हैं। इस वजह से क्रय केंद्रों में भीड़ लग जाती है। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद किसान पहले केंद्र प्रभारी के पास जाएं। वहां अपने धान का नमूना दिखाएं। केंद्र प्रभारी जिस तारीख में धान क्रय केंद्र में लाने को कहें, उसी तारीख मेें धान बेचने के लिए लाएं। - रमेश कुमार श्रीवास्तव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी