{"_id":"612d28908ebc3e79e9052ee8","slug":"electric-fatehpur-news-fatehpur-news-knp649203211","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाख की आबादी को जल्द मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक लाख की आबादी को जल्द मिलेगी राहत
विज्ञापन
फतेहपुर। नवनिर्मित दो विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गए हैं। अगले महीने से इन्हें चालू करने की तैयारी है। इनके शुरू होने से मेवली और जहानाबाद क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। अघोषित कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से 55 गांवों के लोगों को अब नहीं जूझना पड़ेगा। इन दोनों उपकेंद्रों को सवा करोड़ की लागत से बनारस की कंपनी ने बनाया है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जिले में दो उपकेंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2016-17 में इन उपकेंद्रों को बनाने के लिए शासन से मंजूरी मिली थी और 2018 में काम शुरू हुआ है। बनारस की प्रभा इलेक्ट्रिकल्स कंपनी निर्माण करा रही है।
एक उपकेंद्र मेवली (नीलकोठी) और दूसरा जहानाबाद के कलाना गांव में बनकर तैयार है। इनमें पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और तीन-तीन फीडर हैं। दोनों उपकेंद्रों में मशीनों को लगाना का काम भी अगले हफ्ते तक पूरा हो जाएगा। निर्माण संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मात्र चार फीसदी काम बचा है। जो हफ्तेभर में काम पूरा हो जाएगा। अगले महीने दोनों उपकेंद्रों को विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उपकेंद्र बनाने के लिए 2018 में मिली जमीन
दोनों उपकेंद्रों को बनाने के लिए शासन से वर्ष 2017 में सवा करोड़ रुपये की मंजूरी हुई थी। 2018 में जमीन ढूंढकर उपकेंद्र बनाने का काम शुरू हुआ। वर्ष 2019 में उपकेंद्र बन कर तैयार हो गए और जनवरी 2021 में रेलवे लाइन क्रास करके हाईटेंशन लाइन बनाई गई। कलाना उपकेंद्र से करीब 25 गांव जुड़ेंगे और नीलकोठी उपकेंद्र से 30 गांव जोड़े जाएंगे।
विज्ञापन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जिले में दो उपकेंद्र बनाए गए हैं। वर्ष 2016-17 में इन उपकेंद्रों को बनाने के लिए शासन से मंजूरी मिली थी और 2018 में काम शुरू हुआ है। बनारस की प्रभा इलेक्ट्रिकल्स कंपनी निर्माण करा रही है।
विज्ञापन
एक उपकेंद्र मेवली (नीलकोठी) और दूसरा जहानाबाद के कलाना गांव में बनकर तैयार है। इनमें पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और तीन-तीन फीडर हैं। दोनों उपकेंद्रों में मशीनों को लगाना का काम भी अगले हफ्ते तक पूरा हो जाएगा। निर्माण संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि मात्र चार फीसदी काम बचा है। जो हफ्तेभर में काम पूरा हो जाएगा। अगले महीने दोनों उपकेंद्रों को विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उपकेंद्र बनाने के लिए 2018 में मिली जमीन
दोनों उपकेंद्रों को बनाने के लिए शासन से वर्ष 2017 में सवा करोड़ रुपये की मंजूरी हुई थी। 2018 में जमीन ढूंढकर उपकेंद्र बनाने का काम शुरू हुआ। वर्ष 2019 में उपकेंद्र बन कर तैयार हो गए और जनवरी 2021 में रेलवे लाइन क्रास करके हाईटेंशन लाइन बनाई गई। कलाना उपकेंद्र से करीब 25 गांव जुड़ेंगे और नीलकोठी उपकेंद्र से 30 गांव जोड़े जाएंगे।