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Fatehpur News: धवल की कप्तानी ''अखरी'', अनूप सिंह को मिली जिले की कमान
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फतेहपुर। पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल का सोमवार रात गाजियाबाद डीसीपी पद पर स्थानांतरण हो गया। अखरी हत्याकांड को लेकर शासन स्तर पर जिला पुलिस की किरकिरी हुई थी। इसके संकेत अमर उजाला ने 10 अप्रैल को पुलिस को लापरवाही पड़ न जाए भारी शीर्षक से प्रकाशित समाचार में दिया था। जिसमें सीएम व डीजीपी ने तत्कालीन एडीजी भानू भास्कर को फटकार लगाकर नाराजगी जाहिर की थी।
एसपी धवल जायसवाल ने अखरीकांड के बाद मातहतों के प्रति कड़ा रवैया अपनाया था। जिले में उनके करीब माने जाने वाले थानेदार भी बख्शे नहीं गए। इसके बाद कार्रवाईयों का ताबड़तोड़ चाबुक चला। अपनी छवि को दुरुस्त करने का भी प्रयास किया। नई पोस्टिंग में विवादों से घिरे रहने वाले इंस्पेक्टर व दरोगा को मौका नहीं दिया। इसके बाद भी अखरीकांड ने पीछा नहीं छोड़ा। थानाध्यक्ष, सीओ के बाद आखिरकार एसपी का भी तबादला हो ही गया।
35 वाहिनी पीएसी लखनऊ के सेनानायक आईपीएस अनूप कुमार सिंह को जिले की कमान सौंपी गई है। अनूप बस्ती जिले के निवासी हैं। साधारण परिवार के अनूप सिंह के पिता जनार्दन सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल रहे, वर्तमान में एसआई हैं। हिंदी माध्यम से कक्षा 12वीं तक की शिक्षा बाराबंकी से प्राप्त की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और दिल्ली जेएनयू से परास्नातक के बाद जेआरएफ की परीक्षा पास कर स्कॉलरशिप पाई। कठिन मेहनत और आत्मविश्वास से 2014 में यूपीएससी में 119 वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने। वह शाम को जिले की कमान संभाल सकते हैं। वे उन्नाव और लखनऊ में एडिशनल एसपी, श्रावस्ती के एसपी, कानपुर में डीसीपी ईस्ट, अमेठी एसपी का पद संभाल चुके हैं। उनके पास फील्ड, टेक्निकल सर्विस से लेकर पुलिस मुख्यालय तक का प्रशासनिक अनुभव भी है।
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एसपी धवल जायसवाल ने अखरीकांड के बाद मातहतों के प्रति कड़ा रवैया अपनाया था। जिले में उनके करीब माने जाने वाले थानेदार भी बख्शे नहीं गए। इसके बाद कार्रवाईयों का ताबड़तोड़ चाबुक चला। अपनी छवि को दुरुस्त करने का भी प्रयास किया। नई पोस्टिंग में विवादों से घिरे रहने वाले इंस्पेक्टर व दरोगा को मौका नहीं दिया। इसके बाद भी अखरीकांड ने पीछा नहीं छोड़ा। थानाध्यक्ष, सीओ के बाद आखिरकार एसपी का भी तबादला हो ही गया।
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35 वाहिनी पीएसी लखनऊ के सेनानायक आईपीएस अनूप कुमार सिंह को जिले की कमान सौंपी गई है। अनूप बस्ती जिले के निवासी हैं। साधारण परिवार के अनूप सिंह के पिता जनार्दन सिंह यूपी पुलिस में कांस्टेबल रहे, वर्तमान में एसआई हैं। हिंदी माध्यम से कक्षा 12वीं तक की शिक्षा बाराबंकी से प्राप्त की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और दिल्ली जेएनयू से परास्नातक के बाद जेआरएफ की परीक्षा पास कर स्कॉलरशिप पाई। कठिन मेहनत और आत्मविश्वास से 2014 में यूपीएससी में 119 वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने। वह शाम को जिले की कमान संभाल सकते हैं। वे उन्नाव और लखनऊ में एडिशनल एसपी, श्रावस्ती के एसपी, कानपुर में डीसीपी ईस्ट, अमेठी एसपी का पद संभाल चुके हैं। उनके पास फील्ड, टेक्निकल सर्विस से लेकर पुलिस मुख्यालय तक का प्रशासनिक अनुभव भी है।
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