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जिला अस्पताल में चार करोड़ की लागत से लगाई गई सीटी स्कैन की मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:28 AM IST
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ct scan machine
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सीटी स्कैन मशीन मुख्य रूप से सिर की बीमारी और सिर की गहरी चोट के जड़ तक पहुंचने का अच्छा साधन है। इससे पता चल जाने के बाद डॉक्टरों के लिए दवा व ऑपरेशन का चुनाव आसान हो जाता है। बता दें कि अभी तक सदर अस्पताल में यह सुविधा नहीं थी। लोगों को नर्सिंग होम या फिर महानगरों की ओर रुख करना पड़ता था। इसमें उनके समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। अब जिला अस्पताल में ही उन्हें यह सुविधा मिलने लगेगी। स्वास्थ्य अफसरों की मानें तो स्टाफ की तैनाती होने के बाद तत्काल जांच सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। शहर में केवल दो जगह प्राइवेट सीटी स्कैन की सुविधा होने से संचालक मनमानी शुल्क लेते हैं। मरीज को इलाहाबाद, कानपुर या लखनऊ ले जाना मजबूरी थी।
कोट्स-
प्रभारी सीएमएस (फोटो) डा. विवेक निगम ने बताया कि मशीन इंस्टाल हो गई है। सीटी स्कैन करने के लिए टेक्नीशियन व अन्य स्टाफ भर्ती किया जाना है। अभी इसे चालू होने में करीब 15 दिन का समय लग सकता है। रेट के लिए अभी शासन से गाइड लाइन नहीं आई है, लेकिन निश्चित तौर पर यहां रेट कम ही रहेगा।
इनसेट --
हर दिन 25 से 30 मरीज लेते थे सलाह
जिला अस्पताल में प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों के कम से कम आठ सौ से नौ सौ मरीज आते हैं। इनमें न्यूरो से संबंधित डेढ़ से दो सौ मरीज इलाज होते हैं। फिजीशियन डा. एनके सक्सेना कहते हैं कि अस्पताल में न्यूरो सर्जन नहीं है। ऐसे में जिन मरीजों को सिर संबंधी अन्य समस्या होती है, उन्हें तत्काल सीटी स्कैन जांच कराने की सलाह दी जाती है। इसके बाद दवा दी जाती है।
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कब पड़ती स्कैन की जरूरत
- अचानक बेहोश होना, उल्टी अधिक होना, सिर में लगातार तेज दर्द बना रहना, धुंधला दिखना, हाथ व पैरों का काम न करना या फिर मार्ग दुर्घटना में सिर में चोट लगने पर चिकित्सक सीटी स्कैन की सलाह देते हैं।
स्टाफ की तैनाती का यह है मानक
- एक रेडियोलाजिस्ट
- दो स्टाफ नर्स
- दो सीटी स्कैन टेक्नीशियन
- दो वार्ड ब्वाय
- एक डाटा आपरेटर
- एक टेक्निकल सपोर्टर
आंकड़ा-
ओपीडी- करीब 900 मरीज प्रतिदिन
न्यूरो- करीब 200 मरीज प्रतिदिन
सीटी स्कैन सलाह- करीब 150 मरीज प्रतिदिन
लोगों ने जताई खुशी
---------------
फोटो-5- महेंद्र प्रताप, बिंदकी
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से सबसे ज्यादा लाभ गरीब मरीजों को होगा। जो लोग महंगी जांच नहीं करा पाते वह अस्पताल में करवा सकेंगे। पिछले महीने अपने एक रिश्तेदार का प्राइवेट सीटी स्कैन करवाया था। दो हजार रुपये लगा था। ’ - महेंद्र प्रताप, बिंदकी
फोटो-6- मनोज सोनकर, धारूपुर
सरकार सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन अफसरों की हीलाहवाली से इनका लाभ गरीबों को नहीं मिल पाता। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा का लाभ पात्रों को मिलना चाहिए। डाक्टर और कर्मचारी नियमित ड्यूटी करें जिससे जांच हो सके।’ - मनोज सोनकर, धारूपुर
फोटो-7- राम बहादुर, लहंगी।
बाहर सीटी स्कैन की जांच बहुत महंगी पड़ती है। डाक्टर को कमीशन देने के चक्कर में संचालक मरीजों से मनमाना शुल्क वसूलते हैं। अस्पताल में सुविधा मिलने से राहत मिलेगी।’ - राम बहादुर, लहंगी।
फोटो-8- पृथ्वीपाल, पडनी।
जिला अस्पताल मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा का लाभ दे रही है तो ऐसी व्यवस्था करें जिससे रिपोर्ट भी समय से मिल जाए। कहीं ऐसा न हो डिजिटल एक्सरे की तरह लोगों को रिपोर्ट मोबाइल पर ही दी जाए। प्रिंटर होना चाहिए जिससे प्रिंट हाउट मिल सके।’ पृथ्वीपाल, पडनी।
कोट्स-
प्रभारी सीएमएस (फोटो) डा. विवेक निगम ने बताया कि मशीन इंस्टाल हो गई है। सीटी स्कैन करने के लिए टेक्नीशियन व अन्य स्टाफ भर्ती किया जाना है। अभी इसे चालू होने में करीब 15 दिन का समय लग सकता है। रेट के लिए अभी शासन से गाइड लाइन नहीं आई है, लेकिन निश्चित तौर पर यहां रेट कम ही रहेगा।
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इनसेट --
हर दिन 25 से 30 मरीज लेते थे सलाह
जिला अस्पताल में प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों के कम से कम आठ सौ से नौ सौ मरीज आते हैं। इनमें न्यूरो से संबंधित डेढ़ से दो सौ मरीज इलाज होते हैं। फिजीशियन डा. एनके सक्सेना कहते हैं कि अस्पताल में न्यूरो सर्जन नहीं है। ऐसे में जिन मरीजों को सिर संबंधी अन्य समस्या होती है, उन्हें तत्काल सीटी स्कैन जांच कराने की सलाह दी जाती है। इसके बाद दवा दी जाती है।
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कब पड़ती स्कैन की जरूरत
- अचानक बेहोश होना, उल्टी अधिक होना, सिर में लगातार तेज दर्द बना रहना, धुंधला दिखना, हाथ व पैरों का काम न करना या फिर मार्ग दुर्घटना में सिर में चोट लगने पर चिकित्सक सीटी स्कैन की सलाह देते हैं।
स्टाफ की तैनाती का यह है मानक
- एक रेडियोलाजिस्ट
- दो स्टाफ नर्स
- दो सीटी स्कैन टेक्नीशियन
- दो वार्ड ब्वाय
- एक डाटा आपरेटर
- एक टेक्निकल सपोर्टर
आंकड़ा-
ओपीडी- करीब 900 मरीज प्रतिदिन
न्यूरो- करीब 200 मरीज प्रतिदिन
सीटी स्कैन सलाह- करीब 150 मरीज प्रतिदिन
लोगों ने जताई खुशी
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फोटो-5- महेंद्र प्रताप, बिंदकी
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से सबसे ज्यादा लाभ गरीब मरीजों को होगा। जो लोग महंगी जांच नहीं करा पाते वह अस्पताल में करवा सकेंगे। पिछले महीने अपने एक रिश्तेदार का प्राइवेट सीटी स्कैन करवाया था। दो हजार रुपये लगा था। ’ - महेंद्र प्रताप, बिंदकी
फोटो-6- मनोज सोनकर, धारूपुर
सरकार सुविधाएं तो दे रही है, लेकिन अफसरों की हीलाहवाली से इनका लाभ गरीबों को नहीं मिल पाता। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा का लाभ पात्रों को मिलना चाहिए। डाक्टर और कर्मचारी नियमित ड्यूटी करें जिससे जांच हो सके।’ - मनोज सोनकर, धारूपुर
फोटो-7- राम बहादुर, लहंगी।
बाहर सीटी स्कैन की जांच बहुत महंगी पड़ती है। डाक्टर को कमीशन देने के चक्कर में संचालक मरीजों से मनमाना शुल्क वसूलते हैं। अस्पताल में सुविधा मिलने से राहत मिलेगी।’ - राम बहादुर, लहंगी।
फोटो-8- पृथ्वीपाल, पडनी।
जिला अस्पताल मरीजों को सीटी स्कैन की सुविधा का लाभ दे रही है तो ऐसी व्यवस्था करें जिससे रिपोर्ट भी समय से मिल जाए। कहीं ऐसा न हो डिजिटल एक्सरे की तरह लोगों को रिपोर्ट मोबाइल पर ही दी जाए। प्रिंटर होना चाहिए जिससे प्रिंट हाउट मिल सके।’ पृथ्वीपाल, पडनी।