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पुलिस के सामने टोल प्लाजा में चटके लाठी डंडे
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:39 PM IST
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पुलिस के सामने टोल प्लाजा में चटकीं लाठी
चौडगरा। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के हाईवे बड़ौरी टोला प्लाजा पर शुक्रवार की रात पुलिस के सामने दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। प्लाजा कर्मियों ने टोल न देने पर विवाद करने वालों को दौड़ा- दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटा। इससे करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान अफरातफरी का माहौल बना रहा। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। बाद में कार्रवाई के बजाय समझौता करा दिया गया। रिपोर्ट खारिज कर दी गई।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी सरब गुप्ता, अजय वर्मा, रज्जन सिंह, मुकेश विश्वकर्मा, संजय सैनी स्कार्पियो से शुक्रवार की रात करीब 11 बजे टोल पर पहुंचे थे। टोल कर्मियों ने वाहन रोककर टोल टैक्स की मांग की। स्कार्पियो सवारों ने लोकल होने का हवाला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बात को लेकर टोल कर्मियों से इनकी नोकझाेंक शुरू हो गई।
दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। टोल से लाठी डंडों से लैस होकर भारी संख्या में लोग पहुंच गए। पिकेट पुलिस भी पहुंच गई। सिपाही मूकदर्शक बने रहे। सूचना पर थाने का फोर्स भी पहुंच गया। पुलिस एक पक्ष के पांच युवकों और दूसरे पक्ष से टोल प्लाजा के मैनेजर केएन दुबे, टोल कर्मी गोपाल राय, इलाकाई महेंद्र सिंह यादव को थाने ले गई। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराया।
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एसएचओ एके तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों के चार-चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। स्कार्पियो सवार नशे में रहे हैं। हालांकि टोल कर्मियों को मारपीट नहीं करनी चाहिए। बाद में दोनों पक्षों ने सुलह कर लिया। टोल प्लाजा के मैनेजर केएन दुबे ने टोलकर्मियों के मारपीट करने से इनकार किया है।
- कुछ घंटे में ही दर्ज रिपोर्ट हुई खारिज, पुलिस ने दोनों पक्षों में कराया समझौता
डीएम का टोल प्लाजा पर नहीं हस्तक्षेप
करीब नौ माह पहले टोल प्लाजा में लोकल गाड़ियों से वसूली को लेकर शहर के लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद तत्कालीन डीएम व एसपी के सामने टोल प्लाजा में लोकल छोटे-बड़े वाहनों से वसूली पर रोक लगाई गई थी। इस प्रकरण पर अब टोल मैनेजर केएन दुबे का कहना है कि टोल प्लाजा पर डीएम का हस्तक्षेप नहीं हो सकता। उनके आदेश पर लोक ल वाहनों से वसूली बंद भी नहीं की जा सकती है।
सुलह शासन की प्राथमिकता: एसएचओ
टोल प्लाजा में बवाल से यातायात बाधित रहा और अराजकता का माहौल व्याप्त हुआ। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई में लचर दिखी। एसएचओ एके तिवारी का कहना है कि दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हो गए थे। तभी सुलह कराई गई है। समझौता करा देना शासन की प्राथमिकता है।
पुलिस की शह पर वसूली
बड़ौरी टोल प्लाजा से सटी एक जगह पर उगाही का अड्डा चल रहा है। लोगों का आरोप है कि यहां पुलिस रात को राहगीरों की सुरक्षा नहीं बल्कि वसूली करने वालों के संरक्षण में तैनात होती है। टोल पर रुकने वाले पशु तस्करों के ट्रकों से पचास हजार से लेकर एक लाख तक की वसूली की जाती है। पुलिस के संरक्षण में वसूली करते तत्कालीन एसपी अनीस अहमद अंसारी ने इलाके के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को दबोचा था। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की गई थी। अब फिर एक सिपाही के संरक्षण में वसूली शुरू हो गई है।
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चौडगरा। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के हाईवे बड़ौरी टोला प्लाजा पर शुक्रवार की रात पुलिस के सामने दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। प्लाजा कर्मियों ने टोल न देने पर विवाद करने वालों को दौड़ा- दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटा। इससे करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। इस दौरान अफरातफरी का माहौल बना रहा। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। बाद में कार्रवाई के बजाय समझौता करा दिया गया। रिपोर्ट खारिज कर दी गई।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी सरब गुप्ता, अजय वर्मा, रज्जन सिंह, मुकेश विश्वकर्मा, संजय सैनी स्कार्पियो से शुक्रवार की रात करीब 11 बजे टोल पर पहुंचे थे। टोल कर्मियों ने वाहन रोककर टोल टैक्स की मांग की। स्कार्पियो सवारों ने लोकल होने का हवाला दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बात को लेकर टोल कर्मियों से इनकी नोकझाेंक शुरू हो गई।
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दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। टोल से लाठी डंडों से लैस होकर भारी संख्या में लोग पहुंच गए। पिकेट पुलिस भी पहुंच गई। सिपाही मूकदर्शक बने रहे। सूचना पर थाने का फोर्स भी पहुंच गया। पुलिस एक पक्ष के पांच युवकों और दूसरे पक्ष से टोल प्लाजा के मैनेजर केएन दुबे, टोल कर्मी गोपाल राय, इलाकाई महेंद्र सिंह यादव को थाने ले गई। पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराया।
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एसएचओ एके तिवारी ने बताया कि दोनों पक्षों के चार-चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। स्कार्पियो सवार नशे में रहे हैं। हालांकि टोल कर्मियों को मारपीट नहीं करनी चाहिए। बाद में दोनों पक्षों ने सुलह कर लिया। टोल प्लाजा के मैनेजर केएन दुबे ने टोलकर्मियों के मारपीट करने से इनकार किया है।
- कुछ घंटे में ही दर्ज रिपोर्ट हुई खारिज, पुलिस ने दोनों पक्षों में कराया समझौता
डीएम का टोल प्लाजा पर नहीं हस्तक्षेप
करीब नौ माह पहले टोल प्लाजा में लोकल गाड़ियों से वसूली को लेकर शहर के लोगों ने विरोध जताया था। इसके बाद तत्कालीन डीएम व एसपी के सामने टोल प्लाजा में लोकल छोटे-बड़े वाहनों से वसूली पर रोक लगाई गई थी। इस प्रकरण पर अब टोल मैनेजर केएन दुबे का कहना है कि टोल प्लाजा पर डीएम का हस्तक्षेप नहीं हो सकता। उनके आदेश पर लोक ल वाहनों से वसूली बंद भी नहीं की जा सकती है।
सुलह शासन की प्राथमिकता: एसएचओ
टोल प्लाजा में बवाल से यातायात बाधित रहा और अराजकता का माहौल व्याप्त हुआ। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई में लचर दिखी। एसएचओ एके तिवारी का कहना है कि दोनों पक्ष समझौते के लिए तैयार हो गए थे। तभी सुलह कराई गई है। समझौता करा देना शासन की प्राथमिकता है।
पुलिस की शह पर वसूली
बड़ौरी टोल प्लाजा से सटी एक जगह पर उगाही का अड्डा चल रहा है। लोगों का आरोप है कि यहां पुलिस रात को राहगीरों की सुरक्षा नहीं बल्कि वसूली करने वालों के संरक्षण में तैनात होती है। टोल पर रुकने वाले पशु तस्करों के ट्रकों से पचास हजार से लेकर एक लाख तक की वसूली की जाती है। पुलिस के संरक्षण में वसूली करते तत्कालीन एसपी अनीस अहमद अंसारी ने इलाके के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों को दबोचा था। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की गई थी। अब फिर एक सिपाही के संरक्षण में वसूली शुरू हो गई है।