{"_id":"5c9d1c23bdec22141231f6f4","slug":"171553800227-fatehpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर से खून न निकलने पर काट डाले थे हाथ-पैर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिर से खून न निकलने पर काट डाले थे हाथ-पैर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। नंदापुर गांव से अपहृत 22 माह की कंचन की हत्या में बिंदकी कोतवाली पुलिस ने एक तांत्रिक और उसके चेले को गिरफ्तार किया है। धारदार हथियार भी बरामद हुआ। सिद्घि प्राप्त करने के लिए सिरफिरे तांत्रिक व उसके चेले ने इस वारदात को अंजाम दिया था। अपहरण के 24 घंटे बाद हत्या की गई। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नंदापुर गांव की मुकेश कुशवाहा की बेटी कंचन 21 मार्च की शाम गांव में बच्चों के साथ फाग में शामिल होने गई थी। घर लौटते समय रास्ते में बच्चों से वह बिछड़ गई थी। तभी उसका अपहरण हो गया था। परिजनों ने खोजबीन के बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका 25 मार्च को शव सैमसी गांव
किनारे नाले से बाहर बरामद हुआ था। एक हाथ व एक पैर कटा था। सैमसी गांव के एक तांत्रिक पर आरोप लगाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने बिंदकी कोतवाली के सदान बदान तिराहा के पास से गुरुवार को सैमसी गांव के हेमराज तांत्रिक और उसके चेले शिव प्रकाश उर्फ ननकू
विज्ञापन
रैदास निवासी सेलावन को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बच्ची की हत्या करना कबूल किया। अपहरण होली की परीवा में शाम के समय किया था। बच्ची की बलि दूज को देनी थी। उसे अपहरण की रात ही नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया था। जिससे कमरे में बच्ची शांत पड़ी रही। दूज की शाम कमरे में बच्ची को लिटाया और तांत्रिक पूजापाठ शुरू की गई। उसके बाद बलि देने के लिए सिर में डंडे से हमला किया
गया। बच्ची के सिर से खून नहीं निकला। तब तांत्रिक ने गड़ासे से बाएं हिस्से के हाथ और पैर को काट डाला। उसके साथ चेला हाथ-पैर को पकड़े रहा। हत्या के बाद दोनों शव को कपड़े में लपेट कर ननकू की बाइक से सात सौ मीटर दूर नाले में फेंक आए थे। तीन दिन बाद उसी नाले से शव को नाले से कुत्ते घसीट कर बाहर निकाल लाए तो लोगों को पता चला। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुर्गा व बकरे की बलि देते आया है। अधिक शक्ति पाने के लिए पहली बार लड़की की बलि दी है। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट-
दूसरे की पत्नी को तांत्रिक ने अपना बनाया
हत्यारोपी तांत्रिक हेमराज चार बच्चों की मां के साथ रहता है। उनके बीच आशनाई का मामला पुलिस बता रही है। पुलिस के मुताबिक तांत्रिक की शादी नहीं हुई। उसका चार बच्चों की महिला के साथ इश्क हो गया था। तांत्रिक के दो घर हैं। एक घर में तंत्र मंत्र करता है। दूसरे घर में परिवार के लोग रहते हैं। दोनों घरों की दूरी करीब बीस मीटर है।
चार साल बाद फिर होली में हुआ बलिकांड
- होली में मशगूल पुलिस की लापरवाही से मासूम की जान गई
- ग्रामीणों को दूसरे घर की तांत्रिक ने नहीं लेने दी थी तलाशी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले में होली के मौके पर चार साल बाद बलिकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस अपहरण के बाद सक्रिय नहीं दिखी थी। इसी वजह से शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने बवाल किया था। पुलिस को चार साल पहले हुई घटना को लेकर भी संवेदनशील नहीं रही। पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद यह बड़ी वारदात होने से बच जाती।
नंदापुर की मासूम कंचन के बलिकांड ने चार साल पहले शहर के जयराम नगर बलिकांड की याद दिलाई है। होली दहन की शाम चार मार्च 2015 को जयराम नगर की आठ साल की पलक का अपहरण हुआ था। उसका इलाके में टावर के पीछे से बोरे से छह मार्च को हत्यायुक्त शव बरामद हुआ था। शरीर पर सिंदूर का टीका लगा था। हत्याकांड में बच्ची का पड़ोसी संदीप श्रीवास्तव, उसकी बहन आशारानी, पत्नी पिंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। होली की परीवा को बच्ची का कत्ल कर शव को फ्रिज में छिपाकर रखा था। वारदात के बाद पुलिस पर पथराव और जमकर बवाल हुआ था। इलाकाई लोगों ने पुलिस की शिथलिता का आरोप लगाया था। इसी तरह कंचन हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों को सैमसी गांव के तांत्रिक पर शक हो गया था। वह लोग अपहरण के दूसरे दिन कंचन को खोजते हुए 22 मार्च को तांत्रिक के घर तक पहुंचे थे। तांत्रिक ने एक घर की तलाशी तो ले लेने दी थी। दूसरे बच्ची को छिपाने वाले घर की तलाशी लेने पर विरोध किया था। ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया था। वहां पुलिस के न होने के कारण ग्रामीण जबरदस्ती नहीं कर पाए थे। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि बच्ची को आरोपी चौबीस घंटे तक छिपाए रहा है। ग्रामीणों ने शक होने की बात पुलिस को नहीं बताई थी। यह बात बाद में पता लगी।
विज्ञापन
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नंदापुर गांव की मुकेश कुशवाहा की बेटी कंचन 21 मार्च की शाम गांव में बच्चों के साथ फाग में शामिल होने गई थी। घर लौटते समय रास्ते में बच्चों से वह बिछड़ गई थी। तभी उसका अपहरण हो गया था। परिजनों ने खोजबीन के बाद अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका 25 मार्च को शव सैमसी गांव
विज्ञापन
किनारे नाले से बाहर बरामद हुआ था। एक हाथ व एक पैर कटा था। सैमसी गांव के एक तांत्रिक पर आरोप लगाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने पर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने बिंदकी कोतवाली के सदान बदान तिराहा के पास से गुरुवार को सैमसी गांव के हेमराज तांत्रिक और उसके चेले शिव प्रकाश उर्फ ननकू
विज्ञापन
रैदास निवासी सेलावन को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बच्ची की हत्या करना कबूल किया। अपहरण होली की परीवा में शाम के समय किया था। बच्ची की बलि दूज को देनी थी। उसे अपहरण की रात ही नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया गया था। जिससे कमरे में बच्ची शांत पड़ी रही। दूज की शाम कमरे में बच्ची को लिटाया और तांत्रिक पूजापाठ शुरू की गई। उसके बाद बलि देने के लिए सिर में डंडे से हमला किया
गया। बच्ची के सिर से खून नहीं निकला। तब तांत्रिक ने गड़ासे से बाएं हिस्से के हाथ और पैर को काट डाला। उसके साथ चेला हाथ-पैर को पकड़े रहा। हत्या के बाद दोनों शव को कपड़े में लपेट कर ननकू की बाइक से सात सौ मीटर दूर नाले में फेंक आए थे। तीन दिन बाद उसी नाले से शव को नाले से कुत्ते घसीट कर बाहर निकाल लाए तो लोगों को पता चला। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुर्गा व बकरे की बलि देते आया है। अधिक शक्ति पाने के लिए पहली बार लड़की की बलि दी है। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों को जेल भेजा गया है। इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट-
दूसरे की पत्नी को तांत्रिक ने अपना बनाया
हत्यारोपी तांत्रिक हेमराज चार बच्चों की मां के साथ रहता है। उनके बीच आशनाई का मामला पुलिस बता रही है। पुलिस के मुताबिक तांत्रिक की शादी नहीं हुई। उसका चार बच्चों की महिला के साथ इश्क हो गया था। तांत्रिक के दो घर हैं। एक घर में तंत्र मंत्र करता है। दूसरे घर में परिवार के लोग रहते हैं। दोनों घरों की दूरी करीब बीस मीटर है।
चार साल बाद फिर होली में हुआ बलिकांड
- होली में मशगूल पुलिस की लापरवाही से मासूम की जान गई
- ग्रामीणों को दूसरे घर की तांत्रिक ने नहीं लेने दी थी तलाशी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिले में होली के मौके पर चार साल बाद बलिकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस अपहरण के बाद सक्रिय नहीं दिखी थी। इसी वजह से शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने बवाल किया था। पुलिस को चार साल पहले हुई घटना को लेकर भी संवेदनशील नहीं रही। पुलिस सक्रियता दिखाती तो शायद यह बड़ी वारदात होने से बच जाती।
नंदापुर की मासूम कंचन के बलिकांड ने चार साल पहले शहर के जयराम नगर बलिकांड की याद दिलाई है। होली दहन की शाम चार मार्च 2015 को जयराम नगर की आठ साल की पलक का अपहरण हुआ था। उसका इलाके में टावर के पीछे से बोरे से छह मार्च को हत्यायुक्त शव बरामद हुआ था। शरीर पर सिंदूर का टीका लगा था। हत्याकांड में बच्ची का पड़ोसी संदीप श्रीवास्तव, उसकी बहन आशारानी, पत्नी पिंकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। होली की परीवा को बच्ची का कत्ल कर शव को फ्रिज में छिपाकर रखा था। वारदात के बाद पुलिस पर पथराव और जमकर बवाल हुआ था। इलाकाई लोगों ने पुलिस की शिथलिता का आरोप लगाया था। इसी तरह कंचन हत्याकांड में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों को सैमसी गांव के तांत्रिक पर शक हो गया था। वह लोग अपहरण के दूसरे दिन कंचन को खोजते हुए 22 मार्च को तांत्रिक के घर तक पहुंचे थे। तांत्रिक ने एक घर की तलाशी तो ले लेने दी थी। दूसरे बच्ची को छिपाने वाले घर की तलाशी लेने पर विरोध किया था। ग्रामीणों का शक यकीन में बदल गया था। वहां पुलिस के न होने के कारण ग्रामीण जबरदस्ती नहीं कर पाए थे। कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने बताया कि बच्ची को आरोपी चौबीस घंटे तक छिपाए रहा है। ग्रामीणों ने शक होने की बात पुलिस को नहीं बताई थी। यह बात बाद में पता लगी।