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गहने-नकदी लूटे, बंदूक मांगते रहे नकाबपोश
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:28 AM IST
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फतेहपुर। शिवप्रसाद मौर्य हत्याकांड की जांच अन्य बिंदुओं पर भी चल रही है। इलाकाई लोगों व पुलिस सूत्रों के मुताबिक वृद्ध ने पड़ोसी गांव के एक ग्रामीण को ब्याज में 50 हजार रुपये दिए थे। इसे लेकर विवाद चल रहा था। एक-दूसरे को धमकी भी दी जा चुकी थी।
हालातों और इलाकाई लोगों की चर्चा की मानें तो पुलिस ने पल्ला झाडने वाला काम किया है। पीड़ित पक्ष के बयान पर पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई की है। नकाबपोश दो बाइकों से घटना करने पहुंचे थे।
शिवप्रसाद की उम्र करीब 65 साल थी, लेकिन कद काठी मजबूत थी। नकाबपोश हमलावरों ने सबसे पहले नाजुक अंग पर हमला किया। लोगों की मानें तो उन्होंने करीब पांच साल पहले खेत का कुछ हिस्सा इलाके के एक
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रसूखदार को बेचा था। करीब दस लाख रुपये में सौदा हुआ था। शिव प्रसाद इस परिवार से चार दशक से जुड़े थे। इस वजह से इलाके में इन्हें दबंग से कम नहीं आंका जाता था। असलहे रखने की चर्चा आम थी। खेत की देखभाल और इलाके के लोगों को सूद के तौर पर रकम भी बांटते थे। रकम वसूली के लिए एक-दो लोगों को साथ
में रखते थे। वह रात को शिवप्रसाद के पास से जाते थे। वे लोग बाइक से शिवप्रसाद को वसूली पर लेकर भी जाते थे। उनके साथ हर रात खाना-पीना होता था।
वहीं घटना में नया मोड़ लूटपाट से सामने आया है। पार्वती ने पुलिस को बताया कि बक्से तोड़कर 80 हजार रुपये नकदी, उसके नाक से कील, कान के बाले, मंगलसूत्र नकाबपोश लूट ले गए हैं। खाड़ी देश में रहने वाले बेटे की शादी तय की है। उसके चढ़ावे के लिए करीब डेढ़ लाख कीमत के जेवरात बनवाए थे। नकाबपोशों ने हत्या के
वक्त बंदूक की मांग की थी। जबकि उनके पास कोई लाइसेंसी बंदूक नहीं है। पुलिस यह मान रही कि नकाबपोशों को घर में बंदूक होने की जानकारी थी। पुलिस ने विवेचना में लूटपाट दर्शाने की बात बताई। ताजा मामले पौत्री से दुष्कर्म की रंजिश की आड़ का फायदा उठाया गया है। किसी करीबी ने हत्या और लूटपाट का षडय़ंत्र रचकर वारदात को अंजाम दिया है। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे ने बताया कि सामान घर का बिखरा हुआ था। ऐसी
घटनाओं के बाद पीड़ित लूटपाट का आरोप लगाते हैं। नलकूप में लोग रकम और गहने नहीं रखते हैं। परिवार में तीन बेटे और एक बेटी परिवार में किसान के तीन बेटे और एक बेटी है। एक बेटा खागा कस्बे में परिवार के साथ रहता है। दूसरा बेटा हरिद्वार में प्राइवेट नौकरी करता है। तीसरा सऊदी में नौकरी करने गया है। एक बेटी खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही है।
बताया गया कि खागा में रहने वाले रसूूखदार से गहरा जुड़ाव होने के कारण शिव प्रसाद उनकी बात को ही अंतिम मानते थे। उनके घर में दो माह पहले समझौते के बारे में दो बार बातचीत हुई थी। शिवप्रसाद ने शादी का प्रस्ताव रखा था। लड़के पक्ष ने रुपयों की पेशकश की थी। लड़के पक्ष का कहना था कि शादी के बाद कहीं उनकी बिटिया के साथ कोई घटना हुई तो उनका परिवार नहीं बख्शा जाएगा। इस डर से लड़का पक्ष शादी को राजी नहीं हुआ था।
बताते हैं कि शिवप्रसाद मौय की पहुंच डिप्टी सीएम तक रही है। उनके साले के बेटे राजू ने बताया कि कुछ मामलों को लेकर फूफा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास जाते थे। पौत्री से घटना की सिफारिश में भी डिप्टी सीएम का फोन पहुंचा था। तब पुलिस हरकत में आई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
शिवप्रसाद के नलकूप से एक खेत के बाद उसके भाई राम सिंह मौर्या के खेत हैं। दोनों परिवारों के बीच खास वास्ता नहीं रहता है। पुलिस ने राम सिंह मौर्या के नलकूप में मिले बेटे को पूछताछ के लिए उठाया है। परिवार की पैरवी के बाद छोड़ दिया था। राम सिंह मौर्या पर ढाई दशक पहले एक महिला और उसके दो बच्चों की हत्या का आरोप लगा था। बाद में कोर्ट ने राम सिंह को निर्दोष करार दिया था।
ब्याज पर रकम देता था किसान
- गहने-नकदी लूटे, बंदूक मांगते रहे नकाबपोश
- हत्याकांड में परिचित का हाथ होने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
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हालातों और इलाकाई लोगों की चर्चा की मानें तो पुलिस ने पल्ला झाडने वाला काम किया है। पीड़ित पक्ष के बयान पर पुलिस ने फिलहाल कार्रवाई की है। नकाबपोश दो बाइकों से घटना करने पहुंचे थे।
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शिवप्रसाद की उम्र करीब 65 साल थी, लेकिन कद काठी मजबूत थी। नकाबपोश हमलावरों ने सबसे पहले नाजुक अंग पर हमला किया। लोगों की मानें तो उन्होंने करीब पांच साल पहले खेत का कुछ हिस्सा इलाके के एक
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रसूखदार को बेचा था। करीब दस लाख रुपये में सौदा हुआ था। शिव प्रसाद इस परिवार से चार दशक से जुड़े थे। इस वजह से इलाके में इन्हें दबंग से कम नहीं आंका जाता था। असलहे रखने की चर्चा आम थी। खेत की देखभाल और इलाके के लोगों को सूद के तौर पर रकम भी बांटते थे। रकम वसूली के लिए एक-दो लोगों को साथ
में रखते थे। वह रात को शिवप्रसाद के पास से जाते थे। वे लोग बाइक से शिवप्रसाद को वसूली पर लेकर भी जाते थे। उनके साथ हर रात खाना-पीना होता था।
वहीं घटना में नया मोड़ लूटपाट से सामने आया है। पार्वती ने पुलिस को बताया कि बक्से तोड़कर 80 हजार रुपये नकदी, उसके नाक से कील, कान के बाले, मंगलसूत्र नकाबपोश लूट ले गए हैं। खाड़ी देश में रहने वाले बेटे की शादी तय की है। उसके चढ़ावे के लिए करीब डेढ़ लाख कीमत के जेवरात बनवाए थे। नकाबपोशों ने हत्या के
वक्त बंदूक की मांग की थी। जबकि उनके पास कोई लाइसेंसी बंदूक नहीं है। पुलिस यह मान रही कि नकाबपोशों को घर में बंदूक होने की जानकारी थी। पुलिस ने विवेचना में लूटपाट दर्शाने की बात बताई। ताजा मामले पौत्री से दुष्कर्म की रंजिश की आड़ का फायदा उठाया गया है। किसी करीबी ने हत्या और लूटपाट का षडय़ंत्र रचकर वारदात को अंजाम दिया है। कोतवाल सुरेश चंद्र ओमहरे ने बताया कि सामान घर का बिखरा हुआ था। ऐसी
घटनाओं के बाद पीड़ित लूटपाट का आरोप लगाते हैं। नलकूप में लोग रकम और गहने नहीं रखते हैं। परिवार में तीन बेटे और एक बेटी परिवार में किसान के तीन बेटे और एक बेटी है। एक बेटा खागा कस्बे में परिवार के साथ रहता है। दूसरा बेटा हरिद्वार में प्राइवेट नौकरी करता है। तीसरा सऊदी में नौकरी करने गया है। एक बेटी खागा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में ब्याही है।
बताया गया कि खागा में रहने वाले रसूूखदार से गहरा जुड़ाव होने के कारण शिव प्रसाद उनकी बात को ही अंतिम मानते थे। उनके घर में दो माह पहले समझौते के बारे में दो बार बातचीत हुई थी। शिवप्रसाद ने शादी का प्रस्ताव रखा था। लड़के पक्ष ने रुपयों की पेशकश की थी। लड़के पक्ष का कहना था कि शादी के बाद कहीं उनकी बिटिया के साथ कोई घटना हुई तो उनका परिवार नहीं बख्शा जाएगा। इस डर से लड़का पक्ष शादी को राजी नहीं हुआ था।
बताते हैं कि शिवप्रसाद मौय की पहुंच डिप्टी सीएम तक रही है। उनके साले के बेटे राजू ने बताया कि कुछ मामलों को लेकर फूफा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास जाते थे। पौत्री से घटना की सिफारिश में भी डिप्टी सीएम का फोन पहुंचा था। तब पुलिस हरकत में आई थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
शिवप्रसाद के नलकूप से एक खेत के बाद उसके भाई राम सिंह मौर्या के खेत हैं। दोनों परिवारों के बीच खास वास्ता नहीं रहता है। पुलिस ने राम सिंह मौर्या के नलकूप में मिले बेटे को पूछताछ के लिए उठाया है। परिवार की पैरवी के बाद छोड़ दिया था। राम सिंह मौर्या पर ढाई दशक पहले एक महिला और उसके दो बच्चों की हत्या का आरोप लगा था। बाद में कोर्ट ने राम सिंह को निर्दोष करार दिया था।
ब्याज पर रकम देता था किसान
- गहने-नकदी लूटे, बंदूक मांगते रहे नकाबपोश
- हत्याकांड में परिचित का हाथ होने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो