{"_id":"60981f3f8ebc3ed63a169af0","slug":"crime-fathepur-fathepur-news-fatehpur-news-knp6274477185","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक शाखा प्रबंधक समेत तीन पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक शाखा प्रबंधक समेत तीन पर रिपोर्ट
विज्ञापन
फतेहपुर। कोर्ट में संपत्ति विवाद के विचाराधीन मुकदमे के दौरान खाते से छह लाख की रकम निकाल ली गई। मामले में बैंक के शाखा प्रबंधक समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले में पति और एक महिला को भी नामजद किया है।
थरियांव थाना क्षेत्र के मिचकी गांव निवासी लीलावती पत्नी धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके ससुर प्रेम सिंह चल व अचल संपत्ति की वसीयत 23 जून 2010 को उसके बेटों अनुज कुमार उर्फ सनी, लवलेश के नाम की थी। बच्चों के नाबालिग होने के कारण वसीयत में उसे संरक्षिका के रूप में नियुक्त किया था। ससुर का बैंक ऑफ बड़ौदा हसवा शाखा में खाता है। उनकी नौकरी संबंधित वेतन और पेंशन खाते में आती थी। उसके पति धर्म सिंह ने ससुर की हालत बिगड़ने के दौरान गांव की पूनम देवी को सहखातेदार के रूप में ससुर के खाते में दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी बाद में हुई।
ससुर की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी का मुकदमा 2015 में अनुज और पूनम आदि से चल रहा है, जिसमें पति धर्मेंद्र सिंह, सहखातेदार पूनम देवी और शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा हसवा को पक्षकार ही बनाया गया है। ये सभी मुकदमे में हाजिर हो चुके हैं। इसके बावजूद बैंक खाते से कोर्ट को बगैर सूचित किए फर्जी तरीके से छह लाख रुपये तीन और सात दिसंबर 2020 को चेक के जरिए निकाल लिए। यह सब कुछ पूनम, पति धर्मेंद्र और बैंक शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से किया गया है। थाना अध्यक्ष नंदलाल सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
थरियांव थाना क्षेत्र के मिचकी गांव निवासी लीलावती पत्नी धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके ससुर प्रेम सिंह चल व अचल संपत्ति की वसीयत 23 जून 2010 को उसके बेटों अनुज कुमार उर्फ सनी, लवलेश के नाम की थी। बच्चों के नाबालिग होने के कारण वसीयत में उसे संरक्षिका के रूप में नियुक्त किया था। ससुर का बैंक ऑफ बड़ौदा हसवा शाखा में खाता है। उनकी नौकरी संबंधित वेतन और पेंशन खाते में आती थी। उसके पति धर्म सिंह ने ससुर की हालत बिगड़ने के दौरान गांव की पूनम देवी को सहखातेदार के रूप में ससुर के खाते में दर्ज करा दिया। इसकी जानकारी बाद में हुई।
विज्ञापन
ससुर की मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी का मुकदमा 2015 में अनुज और पूनम आदि से चल रहा है, जिसमें पति धर्मेंद्र सिंह, सहखातेदार पूनम देवी और शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा हसवा को पक्षकार ही बनाया गया है। ये सभी मुकदमे में हाजिर हो चुके हैं। इसके बावजूद बैंक खाते से कोर्ट को बगैर सूचित किए फर्जी तरीके से छह लाख रुपये तीन और सात दिसंबर 2020 को चेक के जरिए निकाल लिए। यह सब कुछ पूनम, पति धर्मेंद्र और बैंक शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से किया गया है। थाना अध्यक्ष नंदलाल सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
विज्ञापन