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सुनवाई न होने पर महिला ने थाने में पीया जहर
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चौडगरा (फतेहपुर)। दो साल से न्याय के लिए चक्कर लगा रही महिला ने शनिवार को थाने में जहर पी लिया। थाने में हालत बिगड़ने पर पुलिस महिला को पीएचसी गोपालगंज ले गई। डाक्टरों ने हालत चिंताजनक देख उसे कानपुर हैलट रेफर किया है। महिला का ससुराली पक्ष से विवाद बताया जा रहा है।
कल्यानपुर थानाक्षेत्र के हरसिंह गांव निवासी नारायण सिंह ने बेटी सुनीता (35) की शादी गांव के रामकृपाल सिंह के बेटे नीरज सिंह के साथ 2006 में की थी। 2010 में दंपति में विवाद होने के कारण महिला मायके चली गई। महिला के एक बेटी खुशी (10) और बेटा अर्पित सिंह(8) हैं। दोनों बच्चे मां के साथ हैं। 2010 में महिला ने
गुजारा भत्ता के लिए अदालत में वाद दाखिल किया। दो साल बाद पति और ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा की रिपोर्ट दर्ज कराई। 2014 में अदालत ने ससुराली पक्ष से 4500 रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश पारित किया। गुजारा भत्ता के आदेश के बाद महिला ने ससुराल वालों से रहने के लिए मकान की मांग की। अदालत ने
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2015 में महिला को एक कमरा देने का आदेश पारित किया। इस निर्णय के खिलाफ महिला और ससुराल वाले हाईकोर्ट चले गए थे। यहां दोनों पक्षों की याचिका खारिज हो गई। कुछ दिनों बाद महिला ससुराल वालों से मकान दिलाने की मांग को लेकर थाने के चक्कर लगा रही थी। आरोप है कि शनिवार की सुबह थाने में सुनवाई न होने पर
महिला ने जहर पी लिया। महिला के साथ उसका बेटा भी था। पुलिस उसे पीएचसी गोपालगंज ले गई। डॉक्टर के मुताबिक उसने डाई पीया था। पुलिस कानपुर ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में परिजन मिल गए और उसे निजी वाहन से लिए ले गए। थानाध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि इलाज कानपुर में हो रहा है। फिलहाल महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
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कल्यानपुर थानाक्षेत्र के हरसिंह गांव निवासी नारायण सिंह ने बेटी सुनीता (35) की शादी गांव के रामकृपाल सिंह के बेटे नीरज सिंह के साथ 2006 में की थी। 2010 में दंपति में विवाद होने के कारण महिला मायके चली गई। महिला के एक बेटी खुशी (10) और बेटा अर्पित सिंह(8) हैं। दोनों बच्चे मां के साथ हैं। 2010 में महिला ने
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गुजारा भत्ता के लिए अदालत में वाद दाखिल किया। दो साल बाद पति और ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा की रिपोर्ट दर्ज कराई। 2014 में अदालत ने ससुराली पक्ष से 4500 रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश पारित किया। गुजारा भत्ता के आदेश के बाद महिला ने ससुराल वालों से रहने के लिए मकान की मांग की। अदालत ने
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2015 में महिला को एक कमरा देने का आदेश पारित किया। इस निर्णय के खिलाफ महिला और ससुराल वाले हाईकोर्ट चले गए थे। यहां दोनों पक्षों की याचिका खारिज हो गई। कुछ दिनों बाद महिला ससुराल वालों से मकान दिलाने की मांग को लेकर थाने के चक्कर लगा रही थी। आरोप है कि शनिवार की सुबह थाने में सुनवाई न होने पर
महिला ने जहर पी लिया। महिला के साथ उसका बेटा भी था। पुलिस उसे पीएचसी गोपालगंज ले गई। डॉक्टर के मुताबिक उसने डाई पीया था। पुलिस कानपुर ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में परिजन मिल गए और उसे निजी वाहन से लिए ले गए। थानाध्यक्ष विनोद सिंह ने बताया कि इलाज कानपुर में हो रहा है। फिलहाल महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।