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आरोपी ने पीछा कर रहे सिपाही पर ताना तमंचा
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चौडगरा। हत्या के प्रयास में वांछित युवक ने पुलिस पर तमंचा तान दिया। ग्रामीणों ने किसी तरह उसे पकड़ा और जमकर पिटाई कर दी। पुलिस उसे अस्पताल ले गई और इलाज के बाद न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
कल्यानपुर थानाक्षेत्र के महरहा गांव निवासी रघुनाथ सोनकर उर्फ रघुनी को 26 जून को गांव के ही राकेश अवस्थी उर्फ सुल्ताना ने गोली मार दी थी। पुलिस ने राकेश अवस्थी व उसके साथी सत्यप्रकाश दीक्षित के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने सत्यप्रकाश दीक्षित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जबकि राकेश अवस्थी जो 20 साल की सजा काटकर आया था, उसे नहीं पकड़ पा रही थी।
पुलिस गुरुवार की सुबह राकेश अवस्थी उर्फ सुल्ताना को जैतीखेड़ा के पास एक समाधि स्थल के पास पकड़ने पहुंची। एसआई महेंद्र वर्मा व दो सिपाही वीरेंद्र पाल व विकास को जैसे ही राकेश ने देखा तो वह खेतों की ओर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो राकेश ने सिपाही वीरेंद्र पाल पर तमंचा तान दिया।
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बताया गया कि राकेश ने सिपाही के कनपटी पर तमंचा रख दिया था। यह देख सभी दंग रह गए। ग्रामीणों ने हिम्मत कर राकेश को पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसे किसी तरह भीड़ से बचाया और अस्पताल ले आई। इंस्पेक्टर केशव वर्मा ने बताया कि राकेश ने सिपाही पर तमंचा ताना था। ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ा गया है। उसके पास से एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
तमंचा लगाया लेकिन खाली थी बैरल
अचानक पुलिस को अपनी ओर आता देख भागे राकेश अवस्थी ने सिपाही पर तमंचा जरूर तान दिया, लेकिन तमंचे में गोली नहीं थी। जबकि गोली उसने अपनी जेब में रखी थी। अचानक पुलिस के आने के कारण उसे तमंचा लोड करने का समय नहीं मिल सका। वरना, घटना कुछ भी हो सकती थी।
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कल्यानपुर थानाक्षेत्र के महरहा गांव निवासी रघुनाथ सोनकर उर्फ रघुनी को 26 जून को गांव के ही राकेश अवस्थी उर्फ सुल्ताना ने गोली मार दी थी। पुलिस ने राकेश अवस्थी व उसके साथी सत्यप्रकाश दीक्षित के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने सत्यप्रकाश दीक्षित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। जबकि राकेश अवस्थी जो 20 साल की सजा काटकर आया था, उसे नहीं पकड़ पा रही थी।
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पुलिस गुरुवार की सुबह राकेश अवस्थी उर्फ सुल्ताना को जैतीखेड़ा के पास एक समाधि स्थल के पास पकड़ने पहुंची। एसआई महेंद्र वर्मा व दो सिपाही वीरेंद्र पाल व विकास को जैसे ही राकेश ने देखा तो वह खेतों की ओर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो राकेश ने सिपाही वीरेंद्र पाल पर तमंचा तान दिया।
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बताया गया कि राकेश ने सिपाही के कनपटी पर तमंचा रख दिया था। यह देख सभी दंग रह गए। ग्रामीणों ने हिम्मत कर राकेश को पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने उसे किसी तरह भीड़ से बचाया और अस्पताल ले आई। इंस्पेक्टर केशव वर्मा ने बताया कि राकेश ने सिपाही पर तमंचा ताना था। ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ा गया है। उसके पास से एक तमंचा व दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
तमंचा लगाया लेकिन खाली थी बैरल
अचानक पुलिस को अपनी ओर आता देख भागे राकेश अवस्थी ने सिपाही पर तमंचा जरूर तान दिया, लेकिन तमंचे में गोली नहीं थी। जबकि गोली उसने अपनी जेब में रखी थी। अचानक पुलिस के आने के कारण उसे तमंचा लोड करने का समय नहीं मिल सका। वरना, घटना कुछ भी हो सकती थी।