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कबाड़ कारोबारी की मॉ को पीटकर नगदी-जेवर लूटे
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खखरेरू। स्क्रैप व्यापारी के घर में घुसे बदमाश ने सोमवार रात वृद्ध मां को बंधक बनाकर दो लाख की नगदी और जेवर लूट लिए। बदमाशों ने वृद्धा के साथ मारपीट भी की। बदमाशों के जाने के बाद वृद्धा ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया, जिसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस रात में ही मौके पर पहुंची और जांच की। पूछताछ में पता चला है कि बदमाश पहले से घर में छिपकर बैठे थे। घटना के वक्त स्क्रैप व्यापारी कानपुर व्यापार के सिलसिले में गया था। व्यापारी ने थाने में तहरीर दी है।
खखरेरू के रहने वाले रमेश साहू अपना बाजार के सामने वाली गली में रहते हैं और स्क्रैप (कबाड़) का कारोबार करते हैं। घर में उनकी मां रामसखी (70) रहती हैं। पिता शीतला प्रसाद की मौत हो चुकी है। सोमवार की शाम वह कारोबार के सिलसिले में कानपुर गये थे। घर में उनकी मां अकेली थीं। रात करीब 11 बजे तीन युवकों ने रामसखी पर हमला कर दिया। उन्हें पीटा और एक ने बंधक बना लिया।
इसके बाद बाकी दो बदमाशों ने मचान में रखे एक बैग से दो लाख रुपये कैश और करीब 10 हजार कीमत के जेवर लूट लिए और भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद रामसखी ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया और घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों की सूचना पर रात में ही खखरेरू पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। सुबह खखरेरू इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह पहुंचे और उन्होंने रामसखी से घटना की जानकारी ली।
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व्यापारी रमेश साहू ने लूट की तहरीर दी है। इंस्पेक्टर खखरेरू ने बताया कि घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई है। मौका मुआयने के बाद आशंका है कि घटना में कोई करीबी भी शामिल हो सकता है। बदमाशों को रमेश साहू के कानपुर जाने और घर में किसी के न होने की पक्की जानकारी थी। पैसा मचान में रखे बैग में है इसकी भी जानकारी बदमाशों को थी। पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
घटना से सहमी रामसखी अपने भाई के घर गईं
घटना के बाद रामसखी इतनी सहम गईं कि वह खखरेरू कस्बा स्थित सब्जी मंडी जीटी रोड निवासी अपने भाई के घर चली गईं। व्यापारी रमेश साहू भी उनके साथ गया। शाम को घर से कुछ सामान लेने वह घर जरूर लौटा लेकिन फिर अपने मामा के पास चला गया। रमेश ने बताया कि घटना से मां इतनी सहम गई हैं कि उन्होंने अब यहां अकेले न रहने की बात कही। मां की हालत देखकर उन्हें मामा के पास रखना ही बेहतर समझा।
घर के अंदर पहले से मौजूद थे बदमाश
मौके पर जांच करने पहुंची खखरेरू पुलिस को रामसखी ने बताया कि बदमाशों ने न तो मेन गेट का ताला तोड़ा और न ही वह छत या फिर दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। पुलिस को भी जांच में न तो दरवाजे की कुंडी खुली मिली और न ही छत का दरवाजा खोलने जैसा कुछ मिला। किसी भी दीवार में सेंध भी नहीं लगी थी। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि एक बदमाश दरवाजा खुला देखकर पहले से ही घर में दाखिल हो गया और छिपकर एक कोने में बैठ गया। जब रामसखी सो गईं तो उसने दरवाजा खोलकर बाकी दो साथियों को बुला लिया। यह भी हो सकता है कि तीनों बदमाश छिपकर पहले से बैठे हों। उधर, बदमाशों की पिटाई से रामसखी के चेहरे पर मामूली चोट आई है।
कुछ ही दूरी पर लगी थी पुलिस की पिकेट
स्क्रैप व्यापारी रमेश साहू के घर से कुछ ही दूरी पर पुलिस की पिकेट भी रात में मौजूद थी। लेकिन इसके बाद भी बदमाश घटना करने के बाद भागने में सफल हो गए। इससे पुलिस की सक्रियता भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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खखरेरू के रहने वाले रमेश साहू अपना बाजार के सामने वाली गली में रहते हैं और स्क्रैप (कबाड़) का कारोबार करते हैं। घर में उनकी मां रामसखी (70) रहती हैं। पिता शीतला प्रसाद की मौत हो चुकी है। सोमवार की शाम वह कारोबार के सिलसिले में कानपुर गये थे। घर में उनकी मां अकेली थीं। रात करीब 11 बजे तीन युवकों ने रामसखी पर हमला कर दिया। उन्हें पीटा और एक ने बंधक बना लिया।
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इसके बाद बाकी दो बदमाशों ने मचान में रखे एक बैग से दो लाख रुपये कैश और करीब 10 हजार कीमत के जेवर लूट लिए और भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद रामसखी ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया और घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों की सूचना पर रात में ही खखरेरू पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। सुबह खखरेरू इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह पहुंचे और उन्होंने रामसखी से घटना की जानकारी ली।
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व्यापारी रमेश साहू ने लूट की तहरीर दी है। इंस्पेक्टर खखरेरू ने बताया कि घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई है। मौका मुआयने के बाद आशंका है कि घटना में कोई करीबी भी शामिल हो सकता है। बदमाशों को रमेश साहू के कानपुर जाने और घर में किसी के न होने की पक्की जानकारी थी। पैसा मचान में रखे बैग में है इसकी भी जानकारी बदमाशों को थी। पूरे मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है।
घटना से सहमी रामसखी अपने भाई के घर गईं
घटना के बाद रामसखी इतनी सहम गईं कि वह खखरेरू कस्बा स्थित सब्जी मंडी जीटी रोड निवासी अपने भाई के घर चली गईं। व्यापारी रमेश साहू भी उनके साथ गया। शाम को घर से कुछ सामान लेने वह घर जरूर लौटा लेकिन फिर अपने मामा के पास चला गया। रमेश ने बताया कि घटना से मां इतनी सहम गई हैं कि उन्होंने अब यहां अकेले न रहने की बात कही। मां की हालत देखकर उन्हें मामा के पास रखना ही बेहतर समझा।
घर के अंदर पहले से मौजूद थे बदमाश
मौके पर जांच करने पहुंची खखरेरू पुलिस को रामसखी ने बताया कि बदमाशों ने न तो मेन गेट का ताला तोड़ा और न ही वह छत या फिर दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। पुलिस को भी जांच में न तो दरवाजे की कुंडी खुली मिली और न ही छत का दरवाजा खोलने जैसा कुछ मिला। किसी भी दीवार में सेंध भी नहीं लगी थी। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि एक बदमाश दरवाजा खुला देखकर पहले से ही घर में दाखिल हो गया और छिपकर एक कोने में बैठ गया। जब रामसखी सो गईं तो उसने दरवाजा खोलकर बाकी दो साथियों को बुला लिया। यह भी हो सकता है कि तीनों बदमाश छिपकर पहले से बैठे हों। उधर, बदमाशों की पिटाई से रामसखी के चेहरे पर मामूली चोट आई है।
कुछ ही दूरी पर लगी थी पुलिस की पिकेट
स्क्रैप व्यापारी रमेश साहू के घर से कुछ ही दूरी पर पुलिस की पिकेट भी रात में मौजूद थी। लेकिन इसके बाद भी बदमाश घटना करने के बाद भागने में सफल हो गए। इससे पुलिस की सक्रियता भी सवाल खड़े हो रहे हैं।