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दहेज हत्या में पति को सात साल का कारावास
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फतेहपुर। दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मार डालने के मामले में अपर जिला जज की अदालत ने पति को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मामला खागा कोतवाली क्षेत्र का है। मृतका की मां अदालत में बारह वर्षों से मुकदमा लड़ रही थी। अदालत ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शहर के अमरजई मुहल्ले की कमला देवी पत्नी घनश्याम सोनी ने 23 जून 2007 को अपनी बेटी मीना की शादी खागा कोतवाली के गिरीश सोनी निवासी सराफा बाजार से की थी। गिरीश शादी के बाद से अपनी पत्नी मीना पर मायके से 80 हजार रुपये और एक वाशिंग मशीन दिलाने का दबाव बनाता था। इस बात को लेकर गिरीश और
मीना में आए दिन विवाद होता रहता था। 11 नवंबर 2009 की रात को गिरीश ने पिटाई कर मीना को आग लगा दी थी। यह बात मीना ने अपने बयान में मजिस्ट्रेट को बताई थी। आग लगने से मीना की मौत हो गई थी। मां कमला देेवी ने दामाद गिरीश और ननद मनीषा, सुनीता और उमा पर दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। तब से
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मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बृहस्पतिवार को अपर जिला जज राकेशधर दुबे प्रकरण की सुनवाई कर रहे थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमिल श्रीवास्तव ने वादी की ओर से गवाह और बयान पेश किए। जिसके आधार पर एडीजे ने दोषी पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुना दी। उन्होंने गिरीश सोनी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर गिरीश को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अदालत ने दहेज हत्या के मामले में दोषी गिरीश की बहनों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि मृतका मीना ने मृत्यु से पूर्व मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में पति की ही प्रताड़ना का जिक्र किया है। उसने कहीं भी अपनी ननद का जिक्र नहीं किया। इसके अतिरिक्त भी किसी बिंदु में घटना में ननदों भूमिका स्पष्ट नहीं हुई। लिहाजा अदालत ने ननद मनीषा, सुनीता और उमा को बरी कर दिया।
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शहर के अमरजई मुहल्ले की कमला देवी पत्नी घनश्याम सोनी ने 23 जून 2007 को अपनी बेटी मीना की शादी खागा कोतवाली के गिरीश सोनी निवासी सराफा बाजार से की थी। गिरीश शादी के बाद से अपनी पत्नी मीना पर मायके से 80 हजार रुपये और एक वाशिंग मशीन दिलाने का दबाव बनाता था। इस बात को लेकर गिरीश और
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मीना में आए दिन विवाद होता रहता था। 11 नवंबर 2009 की रात को गिरीश ने पिटाई कर मीना को आग लगा दी थी। यह बात मीना ने अपने बयान में मजिस्ट्रेट को बताई थी। आग लगने से मीना की मौत हो गई थी। मां कमला देेवी ने दामाद गिरीश और ननद मनीषा, सुनीता और उमा पर दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। तब से
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मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बृहस्पतिवार को अपर जिला जज राकेशधर दुबे प्रकरण की सुनवाई कर रहे थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रमिल श्रीवास्तव ने वादी की ओर से गवाह और बयान पेश किए। जिसके आधार पर एडीजे ने दोषी पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुना दी। उन्होंने गिरीश सोनी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर गिरीश को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अदालत ने दहेज हत्या के मामले में दोषी गिरीश की बहनों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि मृतका मीना ने मृत्यु से पूर्व मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में पति की ही प्रताड़ना का जिक्र किया है। उसने कहीं भी अपनी ननद का जिक्र नहीं किया। इसके अतिरिक्त भी किसी बिंदु में घटना में ननदों भूमिका स्पष्ट नहीं हुई। लिहाजा अदालत ने ननद मनीषा, सुनीता और उमा को बरी कर दिया।