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फतेहपुरः 700 मीटर खराब सड़क के कारण 20 किमी का चक्कर
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हसवा क्रासिंग से डामर रोड तक जाने वाली सड़क। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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हसवा। हसवा क्रासिंग से मुख्य मार्ग तक का रास्ता दलदल में तब्दील हो गया है। 700 मीटर खराब सड़क के कारण लोगों को 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है।
हसवा क्रासिंग मार्ग से वीराबुद्धनपुर, चक कोर्रा सादात, जहानपुर, मीरपुर, सेमरी, मिचकी, अश्वा, बक्सपुर, शाहीपुर और मीसा समेत 15 गांव के लोग निकलते है। बारिश के मौसम में इस रास्ते पर बाइक से भी निकलना दूभर है। लोग इस सात सौ मीटर खराब सड़क के चक्कर में जीटी रोड थरियांव से होकर अपने गंतव्य को आते-जाते है। इस रास्ते के समानांतर नहर से भी रास्ता आता है, लेकिन रास्ता कच्चा व चौड़ाई कम होने से दो पहिया वाहन नहीं निकल पाते। रेलवे ने पूर्व में बने रास्ते में अपने पिलर लगाकर रास्ता ब्लाक कर दिया है। इस कारण केवल नहर वाला रास्ता ही बचता है। इस रास्ते से छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज जाते हैं।
वीरा बुद्धनपुर प्राथमिक स्कूल में शिक्षक रोहित दीक्षित का कहना है कि पहले स्कूल जाने में 30 मिनट लगते थे। अब थरियांव होकर घूमकर आना पडता है। इसमें डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। चक कोर्रा सादात निवासी पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र मौर्य का कहना है कि खड़ंजा लगने से समस्या दूर हो जाएगी। लोगों को 20 से 25 किलोमीटर बेवजह घूमना पड़ता है। शाहीपुर प्रधान धीरेंद्र यादव का कहना है कि ब्लाक मुख्यालय जाने के लिए कमलीपुर गांव जाकर जीटी रोड तक पंहुचते हैं। इसके बाद ब्लाक मुख्यालय पहुंच पाते हैं।
पहले वाला रास्ता रेलवे ने ब्लाक कर दिया है। दूसरे वाले रास्ते में कीचड़ है। खड़ंजा लगवा कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
- विकास पासवान, ब्लाक प्रमुख
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हसवा क्रासिंग मार्ग से वीराबुद्धनपुर, चक कोर्रा सादात, जहानपुर, मीरपुर, सेमरी, मिचकी, अश्वा, बक्सपुर, शाहीपुर और मीसा समेत 15 गांव के लोग निकलते है। बारिश के मौसम में इस रास्ते पर बाइक से भी निकलना दूभर है। लोग इस सात सौ मीटर खराब सड़क के चक्कर में जीटी रोड थरियांव से होकर अपने गंतव्य को आते-जाते है। इस रास्ते के समानांतर नहर से भी रास्ता आता है, लेकिन रास्ता कच्चा व चौड़ाई कम होने से दो पहिया वाहन नहीं निकल पाते। रेलवे ने पूर्व में बने रास्ते में अपने पिलर लगाकर रास्ता ब्लाक कर दिया है। इस कारण केवल नहर वाला रास्ता ही बचता है। इस रास्ते से छात्र-छात्राएं स्कूल-कॉलेज जाते हैं।
वीरा बुद्धनपुर प्राथमिक स्कूल में शिक्षक रोहित दीक्षित का कहना है कि पहले स्कूल जाने में 30 मिनट लगते थे। अब थरियांव होकर घूमकर आना पडता है। इसमें डेढ़ घंटे का समय लग जाता है। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। चक कोर्रा सादात निवासी पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र मौर्य का कहना है कि खड़ंजा लगने से समस्या दूर हो जाएगी। लोगों को 20 से 25 किलोमीटर बेवजह घूमना पड़ता है। शाहीपुर प्रधान धीरेंद्र यादव का कहना है कि ब्लाक मुख्यालय जाने के लिए कमलीपुर गांव जाकर जीटी रोड तक पंहुचते हैं। इसके बाद ब्लाक मुख्यालय पहुंच पाते हैं।
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पहले वाला रास्ता रेलवे ने ब्लाक कर दिया है। दूसरे वाले रास्ते में कीचड़ है। खड़ंजा लगवा कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
- विकास पासवान, ब्लाक प्रमुख