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अब शोरूम में ही पंजीकृत होकर ही निकलेंगे वाहन
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नउवाबाग के एक शोरूम में गाड़ी देखते ग्राहक
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। किसी भी तरह के नए वाहन पंजीकरण और नंबर लेने की प्रक्रिया में बड़ा फेरबदल किया गया है। वर्षों से चली रही व्यवस्था को परिवहन आयुक्त धीरज साहू के आदेश पर पूरी तरह से बदला गया है। एआरटीओ कार्यालय के हिस्से आने वाले ये सारे काम अब वाहन बेचने वाले डीलरों को अपने स्तर से करने होंगे। सीधे-सीधे कहें तो अब शोरूम से कोई भी वाहन बकायदा पंजीकरण और वाहन नंबर लेकर ही बाहर निकलेगा। गाड़ी खरीदने के बाद इस काम के लिए अब किसी को भी एआरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने अपने आदेश में कहा कि वाहन डीलरों के पास सहायक संभागीय अधिकारी यानी कि एआरटीओ प्रशासन के डिजिटल हस्ताक्षर फीड करा दिए जाएंगे। वाहन का चेचिस नंबर उतारने का फार्म 20, डीलर के संबंधित व्यक्ति को बेचने के लिए फार्म 21 और प्रदूषण के संबंध में लगने वाला फार्म 22 भी डीलर के पास उपलब्ध रहेगा। अभी तक इन फार्मों पर एआरटीओ कार्यालय से प्रक्रिया चलती थी। अब वाहन डीलर वाहन बेचने के साथ ही उसी समय वाहन का पंजीकरण और उस पर वाहन नंबर का आवंटन भी ऑनलाइन कराकर देगा।
गाड़ी शोरूम से तभी बाहर निकलेगी, जब यह सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी। अभी तक इस काम को कराने में एक आम आदमी को औसतन दस से पंद्रह दिन का वक्त लग जाता था। कभी-कभी तो गाड़ी का नंबर लेने के लिए कई चक्कर कार्यालय के लगाने होते थे। वाहनों का पंजीकरण एआरटीओ दफ्तर की जगह वाहन डीलरों द्वारा किए जाने से वाहन पंजीकरण की फाइलें एआरटीओ दफ्तर की जगह वाहन डीलरों के पास रखी जाएंगी।
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जिस डीलर के पास से जो वाहन बेचे जाएंगे, उसी डीलर को ही संबंधित वाहन के पंजीकरण संबंधी फाइल रखनी होगी। इससे एआरटीओ दफ्तर में पंजीकरण संबंधी फाइलें संभालकर रखने का काम समाप्त हो जाएगा। जरूरत पर डीलर को ही यह फाइलें एआरटीओ के सामने पेश करनी होंगी। वाहनों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद एक बार विभागीय अफसर भौतिक सत्यापन करेंगे। डीलरों से पंजीकरण कराने के लिए उनके कंप्यूटर में एआरटीओ प्रशासन के डिजिटल हस्ताक्षर फीड कराए जा रहे हैं। फार्म 20, 21, और 22 भराने के बाद ऑनलाइन ही एआरटीओ के डिजिटल हस्ताक्षर लगा दिए जाएंगे। इस क्रम में दो पहिया वाहनों के 19 और चार पहिया वाहनों के 2 डीलरों ने एआरटीओ के डिजिटल हस्ताक्षर फीड कराकर वाहनों का अपने स्तर से पंजीकरण शुरू कर दिया है।
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परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने अपने आदेश में कहा कि वाहन डीलरों के पास सहायक संभागीय अधिकारी यानी कि एआरटीओ प्रशासन के डिजिटल हस्ताक्षर फीड करा दिए जाएंगे। वाहन का चेचिस नंबर उतारने का फार्म 20, डीलर के संबंधित व्यक्ति को बेचने के लिए फार्म 21 और प्रदूषण के संबंध में लगने वाला फार्म 22 भी डीलर के पास उपलब्ध रहेगा। अभी तक इन फार्मों पर एआरटीओ कार्यालय से प्रक्रिया चलती थी। अब वाहन डीलर वाहन बेचने के साथ ही उसी समय वाहन का पंजीकरण और उस पर वाहन नंबर का आवंटन भी ऑनलाइन कराकर देगा।
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गाड़ी शोरूम से तभी बाहर निकलेगी, जब यह सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी होगी। अभी तक इस काम को कराने में एक आम आदमी को औसतन दस से पंद्रह दिन का वक्त लग जाता था। कभी-कभी तो गाड़ी का नंबर लेने के लिए कई चक्कर कार्यालय के लगाने होते थे। वाहनों का पंजीकरण एआरटीओ दफ्तर की जगह वाहन डीलरों द्वारा किए जाने से वाहन पंजीकरण की फाइलें एआरटीओ दफ्तर की जगह वाहन डीलरों के पास रखी जाएंगी।
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जिस डीलर के पास से जो वाहन बेचे जाएंगे, उसी डीलर को ही संबंधित वाहन के पंजीकरण संबंधी फाइल रखनी होगी। इससे एआरटीओ दफ्तर में पंजीकरण संबंधी फाइलें संभालकर रखने का काम समाप्त हो जाएगा। जरूरत पर डीलर को ही यह फाइलें एआरटीओ के सामने पेश करनी होंगी। वाहनों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद एक बार विभागीय अफसर भौतिक सत्यापन करेंगे। डीलरों से पंजीकरण कराने के लिए उनके कंप्यूटर में एआरटीओ प्रशासन के डिजिटल हस्ताक्षर फीड कराए जा रहे हैं। फार्म 20, 21, और 22 भराने के बाद ऑनलाइन ही एआरटीओ के डिजिटल हस्ताक्षर लगा दिए जाएंगे। इस क्रम में दो पहिया वाहनों के 19 और चार पहिया वाहनों के 2 डीलरों ने एआरटीओ के डिजिटल हस्ताक्षर फीड कराकर वाहनों का अपने स्तर से पंजीकरण शुरू कर दिया है।