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हत्या के बाद फ्रिज में रातभर रखा मासूम का शव
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Sun, 08 Mar 2015 12:20 AM IST
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नौनिहाल की हत्या करने के बाद आरोपी ने उसका शव घर की फ्रिज में छुपा दिया। इतना ही नहीं जब पुलिस मौके पर पहुंची तो हत्यारोपी व उसकी बहन भीड़ में शामिल रही और पुलिस के साथ छोजबीन का भी नाटक करती रही। इन हालातों में आरोपी पर किसी का शक नहीं जा सका था।
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जयराम नगर इलाके में मासूम पलक को चार मार्च की शाम अगवा करने की खबर से सनसनी फै ल गई थी। बच्ची के गायब होने के बाद ही रात को एएसपी रामप्रकाश सिंह, सीओ सिटी आरके वर्मा, कोतवाल केके यादव और चौकी इंचार्ज छविनाथ सिंह मौके पर पहुंचे थे।
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आसपास इलाके में खोजबीन के बाद बच्ची का सुराग नहीं मिला था। इसके बाद ही घर-घर चेकिंग अभियान शुरू हुआ था। एएसपी, सीओ सिटी और चौकी इंचार्ज आरोपी संदीप श्रीवास्तव के घर गए थे।
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आरोपी ने बेहिचक होकर अपने घर की तलाशी के लिए पुलिस को दरवाजे खोल दिए थे। तभी आरोपी की रिटायर दरोगा बहन आशारानी आ गई थी और उसने पुलिस को अपना परिचय देकर बहका दिया था।
इससे घर की तलाशी में पुलिस सुस्त हो गई थी। पुलिस ने घर में चेकिंग के नाम पर खानापूरी ही की थी। जबकि दूसरी मंजिल में रखी फ्रिज के अंदर ही बच्ची को मारकर छिपाई गई थी। इसके बाद आरोपी पुलिस के साथ पूरे मोहल्लेवासियों के घरों की तलाशी करता रहा। पुलिस के बच्ची को खोजने की चुनौती भी दी थी। यहां तक कि पीड़ित परिजनों के साथ बच्ची की गुमशुदगी दर्ज कराने कोतवाली तक आरोपी गया था।
फाग की धूम में दब गई बच्ची की चीख
फतेहपुर। जिस वक्त नौनिहाल बच्ची की हत्या की गई, उस वक्त ज्यादातर लोग फाग की मस्ती में डूबे हुए थे। फाग गीतों के बीच बच्ची की चीख दब गई। क्योंकि इलाके में गुरुवार से ही फाग की धूम मची थी, लेकिन शुक्रवार को जैसे ही बोरे में भरा शव मिला, मोहल्ले के लोगों का जश्न गम में बदल गया। लोग यह कहने लगे कि काश गुरुवार रात उन लोगों ने बच्ची की चीख सुन ली होती तो शायद उसे बचाया जा सकता था।
मशक्कत के बाद पुलिस ने किया कंट्रोल
फतेहपुर। जयराम नगर इलाके में बच्ची की हत्या के बाद समूचा पर भीड़ उग्र हो गई। लोग आरोपी परिवार को किसी सूरत में छोड़ने को तैयार नहीं थे। इस पर सीओ थरियांव वंदना सिंह और क्राइम ब्रांच के सिपाही रावेंद्र सिंह ने आरोपी के परिवार को सुरक्षित करने और बवाल को काबू करने का प्रयास किया। सिपाही रावेंद्र के साथ समाजसेवी अशोक तपस्वी अपनी एंबुलेंस में बच्ची के शव को उठाए और शहर के दूसरे कोने से पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाया।
फायर वाहन खंभे से टकराने से टूटी एचटी, भीड़ भागी
आरोपी के घर में पब्लिक की लगाई आग को शांत करने के लिए दमकल वाहन ने चौराहे से जा रही थी। तभी भीड़ ने दमकल वाहन पर पथराव कर दिया था। इससे वाहन का शीशा टूट गया और ड्राइवर भी अनियंत्रित होकर बिजली पोल से जा टकराया था। पोल से टकराने के बाद ही गुजरी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर पड़ा। तार टूटते देखकर भीड़ के होश उड़ गए और दूसरी ओर भीड़ भाग निकली थी। बवाल की सूचना पर एसपी, एएसपी, एसडीएम, सीओ सिटी, सीओ बिंदकी, कोतवाल सदर, थाना गाजीपुर, असोथर, मलवां, औंग, हुसैनगंज का फोर्स मौके पर पहुंचा था। लेकिन भीड़ में किसी का खौफ नहीं था। भीड़े ने दमकल वाहन के साथ सीओ सिटी, सदर कोतवाली, राधानगर चौकी की बोलेरो, मुराईनटोला चौकी इंचार्ज की बाइक तोड़ी गई है।
मीडिया कर्मियों से हाथापाई तोड़ा कैमरा
आरोपी के घर के अंदर उपद्रव कर रही भीड़ ने टीवी चैनल के कैमरामैन मुकेश कुमार का कैमरा तोड़ डाला है और उससे हाथापाई भी की। इस तरह से कई टीवी चैनलों और कैमरामैन पिटने से बचे हैं।
...और दरोगा पर टूट पड़ी थी महिलाएं
बवाल के दौरान हरिहरगंज चौकी इंचार्ज शैलेंद्र सिंह पथराव से महिलाओं को बचाने के लिए दौड़े थे। तभी महिलाएं उल्टे ही चौकी इंचार्ज पर हावी हो गई। दरोगा की वर्दी को फाड़ने की कोशिश की और हाथापाई भी हुई।
पीड़ित पक्ष आरोपी से रंजिश को दबाने की कोशिश
फतेहपुर। बच्ची के अचानक लापता होने के बाद पुलिस ने पीड़ितों से उनकी किसी तरह की रंजिश के बारे में पूछताछ की थी। तब पीड़ित पक्ष ने इलाके में किसी से कोई रंजिश नहीं होने की बात कही थी। जब कि बच्ची के दादा ने एक बार अपने बेटे से दुश्मनों पर शंका जाहिर करने के लिए इशारा किया था। वहीं आरोपी ने पुलिस के पूछताछ में पुरानी रंजिश के चलते हत्या करना कबूला है। आरोपी ने बताया कि वह बच्ची के पिता बृजेश सिंह की हत्या करने के इरादे में रहा है। लेकिन वह अपने मकसद में कामयाब हो पा रहा था। इसी वजह से उसकी बेटी की हत्या कर दी है। उसकी बृजेश सिंह से व्यक्तिगत रंजिश है।
सजायाफ्ता पिंकी फिर पहुंची जेल
- पिंकी ने मायके में कानपुर से आए पति की थी हत्या
- जमानत पर बाहर आकर रचाई थी दूसरी शादी
फतेहपुर। शहर के बहुचर्चित छात्रा हत्याकांड में मुख्य आरोपी की पत्नी पिंकी के लिए जेल कोई नहीं जगह नहीं है। वह अपने पहले पति को मौत के घाट उतारने के आरोप में जेल में लंबा वक्त गुजार चुकी है। आरोपी की पत्नी हकीकत का खुलासा होते ही पुलिसकर्मियों के तक के होश उड़े रह गए।
जयरामनगर इलाके में नौ साल की मासूम पलक की बेरहमी से मार डालने में पुलिस ने मुख्य आरोपियों में संदीप श्रीवास्तव और उसकी पत्नी पिंकी देवी व रिटायर महिला दरोगा बहन आशारानी को शनिवार शाम को जेल भेजा है। पुलिस ने जेल भेजने से पहले तीनों के क्राइम रिकार्ड खंगाला है, जिसमें पिंकी की पिछली जिंदगी का खुलासा हुआ। हत्याकांड में आरोपी पिंकी की पहली शादी कानपुर के कौशलपुरी निवासी अनिल कुमार के साथ हुई थी। ललौली थाना क्षेत्र के बनरसी गांव पिंकी का मायका है। 2000 में अनिल अपनी ससुराल बनरसी आया था। यहां पर पिंकी ने अपने पति को जमकर शराब पिलाई थी। इसके बाद अपने परिजनों और मित्र के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी। उसने अपने पति की लाश बोरे में भरी थी और उसमें नमक डाल दिया था। इसके बाद खेतों में दफन कर दिया था। मामला खुलने पर पुलिस ने पिंकी समेत पांच लोगों को जेल भेजा था। मुकदमे में पिंकी समेत सारे आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद हाईकोर्ट से जमानत पर 2007 को सारे आरोपी रिहा हो गए थे। जेल से बाहर आने के बाद पिंकी ने दूसरी शादी संदीप श्रीवास्तव के साथ की थी।
इंसेट
भीड़ पर दर्ज होगा मुकदमा-कोतवाल
कोतवाल केके यादव ने बताया कि बवाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसके लिए पुलिस जांच करके लोगों को उपद्रवकारियाें को चिन्हित कर रही है। पुलिस बवाल करने वालों को किसी हालत में नहीं छोड़ेगी।