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Fatehpur News: चांदपुर में स्थापित होगा बॉयो गैस संयंत्र
Sun, 28 Jan 2024 02:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Sun, 28 Jan 2024 02:42 AM IST
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खास खबर
फोटो-36-चांदपुर में सोलर प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन। संवाद
फोटो-37-वर्चुअल रूप से बंदायू में शिलान्यास कार्यक्रम देखतीं डीएम समेत अन्य अधिकारी। (पीआरओ)
- पराली और गोबर से प्लांट में हर दिन 10 मिट्रिक टन तैयार होगा ईंधन
- स्वच्छ ऊर्जा व हरित ऊर्जा को मिलेगा प्रोत्साहन
नमित शुक्ला
फतेहपुर। जिले में पहला कंप्रेस्ड बॉयो गैस संयंत्र (सीबीजी) चांदपुर तृतीय (चांदपुर दक्षिण की ओर नोन नदी के पास) में लगेगा। इस प्लांट से हर दिन 10 मिट्रिक टन गैस (सीएनजी के रूप में ईंधन) का उत्पादन होगा। प्लांट 15 महीने में स्थापित होकर संचालित होने लगेगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा व हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यावरण को प्रदूषण से रोकने की कवायद उप्र राज्य जैव ऊर्जा (बायो गैस) नीति–2022 के तहत की जा रही है। इसी नीति के तहत जिले के चांदपुर के दक्षिण दिशा में नोन नदी के पास 6.57 हेक्टेअर जमीन (16.23 एकड़) पर सीबीजी संयंत्र संचालन की जिम्मेदारी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड को सौंपी गई है। संयंत्र की क्षमता 10 मिट्रिक टन प्रतिदिन की होगी। इसमें हर दिन 120 मिट्रिक टन पराली की खपत होगी।
वहीं गैस के उत्पादन में गोबर का भी प्रयोग किया जाएगा। प्लांट से बनने वाली गैस का उपयोग वाहनों के ईंधन के रूप में होगा। ईंधन बनाने के बाद बचे अवशेष (गंदगी) से जैविक खाद बनाई जाएगी। कंप्रेस्ड बायो गैस संयंत्र की लागत लगभग सौ करोड़ है। ये 12 से 15 महीने के बीच तैयार होगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बंदायू से फतेहपुर समेत 8 जिलों में संयंत्र स्थापित करने का वर्चुअल शिलान्यास किया। इसका लाइव प्रसारण डीएम सी. इंदुमती, उद्योग उपायुक्त चंद्रभान सिंह, पेट्रोनेट कंपनी के प्रौद्योगिकी प्रद्याता (टेक्निकल प्रोवाइडर) देवेंद्र सुर्वे ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में देखा।
-- इनसेट--
सौ से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
- संयंत्र निर्माण से लेकर संचालन तक सौ से अधिक लोग रोजगार से जुड़ेंगे। वहीं किसानों से पराली व गोबर तय दाम में खरीदा जाएगा। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी। वहीं पराली जलने में कमी आने से पर्यावरण में प्रदूषण की कमी आएगी। इस संयंत्र का उद्देश्य अधिक से अधिक जैविक उत्पादों से ईंधन का निर्माण करना है।
-- -- -- -- -- -
-- कोट्स--
-90 से 100 करोड़ की लागत से सीबीजी संयंत्र 15 महीने के भीतर तैयार होगा। संयंत्र में किसानों से पराली व गोबर खरीदकर ईंधन तैयार किया जाएगा। वेस्टेज से जैविक खाद बनाई जाएगी। क्षेत्र का सर्वे करके कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी ली जाएगी।
पराग दांडगे, परियोजना प्रमुख, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड
-- कोट्स--
जिले के गांव चांदपुर तृतीय में मेसर्स पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड द्वारा सीबीजी प्लांट की स्थापना की जाएगी। जिला प्रशासन ने 16.23 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित कर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से 30 वर्ष के लिए लीज पर दिया गया है। सी. इंदुमती, डीएम
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फोटो-36-चांदपुर में सोलर प्लांट के लिए प्रस्तावित जमीन। संवाद
फोटो-37-वर्चुअल रूप से बंदायू में शिलान्यास कार्यक्रम देखतीं डीएम समेत अन्य अधिकारी। (पीआरओ)
- पराली और गोबर से प्लांट में हर दिन 10 मिट्रिक टन तैयार होगा ईंधन
- स्वच्छ ऊर्जा व हरित ऊर्जा को मिलेगा प्रोत्साहन
नमित शुक्ला
फतेहपुर। जिले में पहला कंप्रेस्ड बॉयो गैस संयंत्र (सीबीजी) चांदपुर तृतीय (चांदपुर दक्षिण की ओर नोन नदी के पास) में लगेगा। इस प्लांट से हर दिन 10 मिट्रिक टन गैस (सीएनजी के रूप में ईंधन) का उत्पादन होगा। प्लांट 15 महीने में स्थापित होकर संचालित होने लगेगा। इससे स्वच्छ ऊर्जा व हरित ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
पर्यावरण को प्रदूषण से रोकने की कवायद उप्र राज्य जैव ऊर्जा (बायो गैस) नीति–2022 के तहत की जा रही है। इसी नीति के तहत जिले के चांदपुर के दक्षिण दिशा में नोन नदी के पास 6.57 हेक्टेअर जमीन (16.23 एकड़) पर सीबीजी संयंत्र संचालन की जिम्मेदारी पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड को सौंपी गई है। संयंत्र की क्षमता 10 मिट्रिक टन प्रतिदिन की होगी। इसमें हर दिन 120 मिट्रिक टन पराली की खपत होगी।
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वहीं गैस के उत्पादन में गोबर का भी प्रयोग किया जाएगा। प्लांट से बनने वाली गैस का उपयोग वाहनों के ईंधन के रूप में होगा। ईंधन बनाने के बाद बचे अवशेष (गंदगी) से जैविक खाद बनाई जाएगी। कंप्रेस्ड बायो गैस संयंत्र की लागत लगभग सौ करोड़ है। ये 12 से 15 महीने के बीच तैयार होगा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बंदायू से फतेहपुर समेत 8 जिलों में संयंत्र स्थापित करने का वर्चुअल शिलान्यास किया। इसका लाइव प्रसारण डीएम सी. इंदुमती, उद्योग उपायुक्त चंद्रभान सिंह, पेट्रोनेट कंपनी के प्रौद्योगिकी प्रद्याता (टेक्निकल प्रोवाइडर) देवेंद्र सुर्वे ने कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में देखा।
सौ से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
- संयंत्र निर्माण से लेकर संचालन तक सौ से अधिक लोग रोजगार से जुड़ेंगे। वहीं किसानों से पराली व गोबर तय दाम में खरीदा जाएगा। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी। वहीं पराली जलने में कमी आने से पर्यावरण में प्रदूषण की कमी आएगी। इस संयंत्र का उद्देश्य अधिक से अधिक जैविक उत्पादों से ईंधन का निर्माण करना है।
-90 से 100 करोड़ की लागत से सीबीजी संयंत्र 15 महीने के भीतर तैयार होगा। संयंत्र में किसानों से पराली व गोबर खरीदकर ईंधन तैयार किया जाएगा। वेस्टेज से जैविक खाद बनाई जाएगी। क्षेत्र का सर्वे करके कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी ली जाएगी।
पराग दांडगे, परियोजना प्रमुख, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड
जिले के गांव चांदपुर तृतीय में मेसर्स पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड द्वारा सीबीजी प्लांट की स्थापना की जाएगी। जिला प्रशासन ने 16.23 एकड़ सरकारी भूमि चिन्हित कर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से 30 वर्ष के लिए लीज पर दिया गया है। सी. इंदुमती, डीएम