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बाटम::::::: दो महीने से बिना सूचना अनुपस्थित हड्डी रोग विशेषज्ञ
Tue, 11 Jun 2024 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 11 Jun 2024 12:29 AM IST
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खागा (फतेहपुर)। चिकित्सा विशेषज्ञों की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पताल ही पहला ठिकाना है। ऐसा इसलिए कि तहसील स्तर के अस्पताल में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेषज्ञ डाॅक्टर नहीं हैं।
सीएचसी हरदों में रोजाना बीमार बच्चे पहुंचते हैं, लेकिन डाॅक्टर न होने से लौटना पड़ता है। ऐसा इसलिए हैं कि यहां पर छह वर्ष से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ओपीडी में फिजीशियन ही उनकी जांच कर दवा लिख देते हैं। गंभीर मामलों में तीमारदारों को जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।
सीएचसी से उच्चीकृत होकर फर्स्ट रेफरल यूनिट यानी एफआरयू का दर्जा प्राप्त कर चुकी हरदों सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य बाजपेई तैनात हैं, लेकिन दो महीने से वह बिना किसी सूचना के गैर हाजिर हैं। यहां पर नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली है। शनिवार की सुबह ओपीडी में फिजीशियन मरीजों की जांच करते मिले, जो हर तरह के मरीजों को देखकर परामर्श दे रहे थे।
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दुर्घटनाओं के मामले में सबसे ज्यादा दिक्कत
सीएचसी में विशेषज्ञों की कमी को आम मरीज तो नजरअंदाज कर ही देते हैं, लेकिन इसका दर्द सबसे अधिक दर्द हाथ-पैर टूटने, सिर फटने व अन्य विशेष मरीजों में देखने को मिलता है। यहां पर केवल मलहम-पट्टी कर रेफर कर दिया जाता है। सही समय पर बेहतर इलाज नहीं मिल पाने के कारण कई मामलों में मरीजों की जान तक चली जाती है।
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एक्सरे हो रहा, रिपोर्ट नहीं
सीएचसी में एक्सरे की सुविधा है। हड्डी से जुड़े मामलों में एक्सरे तो हो जाता है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में अब तक अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं हो सकी।
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जुलाई से मिलेगी महिला सर्जन की सुविधा
सीएचसी में ही प्रसव विंग बना है। यहां पर महिला सर्जन डॉ. कामना सिंह की तैनाती है, लेकिन वह छह महीने से मातृत्व अवकाश पर हैं। जून के आखिरी सप्ताह या फिर जुलाई से वह अस्पताल आ जाएंगी। उनकी अनुपस्थिति में डॉ. पुष्पा सिंह महिला मरीजों की जांच करती हैं। प्रसव विंग में मौजूदा समय केवल सामान्य प्रसव हो रहे हैं। आपरेशन होने की दशा में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
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व्यवस्था में बदलाव के आसार जल्द ही
सीएचसी अधीक्षक डा. मनीष शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की नई बिल्डिंग में जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ व हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं देने का प्रयास चल रहा है। सीएमओ से जल्द से जल्द तैनाती व उपकरण मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है।
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इनसेट-
इन चिकित्सकों की है तैनाती
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष शुक्ला के अलावा जनरल फिजीशियन में डॉ. सुभाषधर द्विवेदी, डॉ. उमेश कटियार (अवकाश पर), डॉ. नफीस, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य वाजपेयी (दो महीने से गैर हाजिर), एनेस्थेटिक स्पेशलिस्ट डॉ. सरल सोनी, दंत चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र चौधरी, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश, सर्जन डॉ. कामना सिंह, डॉ. पुष्पा सिंह तैनात हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ दो महीने से गैर हाजिर है और बाल रोग विशेषज्ञ छह वर्ष से नहीं हैं। दोनों डाॅक्टरों की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है और जल्द ही डाॅक्टरो की तैनाती होने की उम्मीद है। - डॉ. मनीष शुक्ला, अधीक्षक, सीएचसी हरदों
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सीएचसी हरदों में रोजाना बीमार बच्चे पहुंचते हैं, लेकिन डाॅक्टर न होने से लौटना पड़ता है। ऐसा इसलिए हैं कि यहां पर छह वर्ष से बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। ओपीडी में फिजीशियन ही उनकी जांच कर दवा लिख देते हैं। गंभीर मामलों में तीमारदारों को जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है।
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सीएचसी से उच्चीकृत होकर फर्स्ट रेफरल यूनिट यानी एफआरयू का दर्जा प्राप्त कर चुकी हरदों सीएचसी में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य बाजपेई तैनात हैं, लेकिन दो महीने से वह बिना किसी सूचना के गैर हाजिर हैं। यहां पर नेत्र रोग विशेषज्ञ का पद भी खाली है। शनिवार की सुबह ओपीडी में फिजीशियन मरीजों की जांच करते मिले, जो हर तरह के मरीजों को देखकर परामर्श दे रहे थे।
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दुर्घटनाओं के मामले में सबसे ज्यादा दिक्कत
सीएचसी में विशेषज्ञों की कमी को आम मरीज तो नजरअंदाज कर ही देते हैं, लेकिन इसका दर्द सबसे अधिक दर्द हाथ-पैर टूटने, सिर फटने व अन्य विशेष मरीजों में देखने को मिलता है। यहां पर केवल मलहम-पट्टी कर रेफर कर दिया जाता है। सही समय पर बेहतर इलाज नहीं मिल पाने के कारण कई मामलों में मरीजों की जान तक चली जाती है।
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एक्सरे हो रहा, रिपोर्ट नहीं
सीएचसी में एक्सरे की सुविधा है। हड्डी से जुड़े मामलों में एक्सरे तो हो जाता है, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। अस्पताल में अब तक अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं हो सकी।
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जुलाई से मिलेगी महिला सर्जन की सुविधा
सीएचसी में ही प्रसव विंग बना है। यहां पर महिला सर्जन डॉ. कामना सिंह की तैनाती है, लेकिन वह छह महीने से मातृत्व अवकाश पर हैं। जून के आखिरी सप्ताह या फिर जुलाई से वह अस्पताल आ जाएंगी। उनकी अनुपस्थिति में डॉ. पुष्पा सिंह महिला मरीजों की जांच करती हैं। प्रसव विंग में मौजूदा समय केवल सामान्य प्रसव हो रहे हैं। आपरेशन होने की दशा में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
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व्यवस्था में बदलाव के आसार जल्द ही
सीएचसी अधीक्षक डा. मनीष शुक्ला ने बताया कि अस्पताल की नई बिल्डिंग में जल्द ही बाल रोग विशेषज्ञ व हड्डी रोग विशेषज्ञ की सेवाएं देने का प्रयास चल रहा है। सीएमओ से जल्द से जल्द तैनाती व उपकरण मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है।
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इनसेट-
इन चिकित्सकों की है तैनाती
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष शुक्ला के अलावा जनरल फिजीशियन में डॉ. सुभाषधर द्विवेदी, डॉ. उमेश कटियार (अवकाश पर), डॉ. नफीस, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य वाजपेयी (दो महीने से गैर हाजिर), एनेस्थेटिक स्पेशलिस्ट डॉ. सरल सोनी, दंत चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र चौधरी, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जय प्रकाश, सर्जन डॉ. कामना सिंह, डॉ. पुष्पा सिंह तैनात हैं।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ दो महीने से गैर हाजिर है और बाल रोग विशेषज्ञ छह वर्ष से नहीं हैं। दोनों डाॅक्टरों की तैनाती के लिए शासन से पत्राचार किया गया है और जल्द ही डाॅक्टरो की तैनाती होने की उम्मीद है। - डॉ. मनीष शुक्ला, अधीक्षक, सीएचसी हरदों