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Fatehpur News: फौजी से 7.49 लाख की साइबर ठगी़
Sat, 16 May 2026 01:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Sat, 16 May 2026 01:24 AM IST
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फतेहपुर। ऑनलाइन कारोबार में मुनाफे का झांसा देकर सात लाख 49 हजार रुपये की फौजी के साथ साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी की है। साइबर अपराधियों ने ठगी रकम का पहले फौजी की पत्नी के नाम पर लोन भी कराया। लोन की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। पुलिस ने बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की है।
हुसैनगंज थाने के उमरपुर बेरा निवासी अमन सिंह वर्तमान में जम्मू कश्मीर में सैनिक के पद पर तैनात है। आरोप है कि वर्ष 2022 में बेंगलुरु में प्रशिक्षण के दौरान पहचान दीपक साहू सैन्यकर्मी से हुई थी। प्रशिक्षण बाद अपनी-अपनी यूनिट में चले गए। तीन वर्ष बाद दिसंबर 2025 में एक नए मोबाइल नंबर से फोन आया, उसने खुद का परिचय दीपक साहू निवासी गुलमर्ग जम्मू कश्मीर के रूप में दिया। बातचीत दौरान उसने अपने व्यवसाय के बारे में बताना शुरू किया। जनवरी 2026 के आसपास दीपक साहू ने फोन पर फिर अपने व्यवसाय के बारे में बताया कि वह 30 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में काम करता है। वह अच्छा मुनाफा कमाता है। दीपक साहू ने प्रशिक्षण का झांसा देकर ऑनलाइन गुलमर्ग के सीनियर पार्टनर अजय ठाकोर से जूम मीटिंग ऐप के माध्यम से मीटिंग कराई। उसका व्हाट्सएप पर सारा डेटा मंगवाया।
वह उनके प्रभाव में आ गया। अजय बोला कि वह खुद भी आर्मी में था। मीटिंग के बाद 7.50 लाख रुपये का निवेश बताया। इतनी बड़ी रकम नहीं होने पर रुपयों का प्रबंध लोन के माध्यम से कराने की बात कही। उन्होंने पत्नी सरस्वती के सारे दस्तावेज मंगवाए और 21 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के दिवाकर मिश्रा के जरिए 23 फरवरी को 7.50 लाख का लोन करा दिया। इसके बाद सारे रुपये दीपक साहू ने कई खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद कुछ लोगों को जोड़ने को बोला। तभी उसे पता लगा वह ठगी का शिकार हो गया। उसके रुपये से यूएसडी (अमेरिकी डॉलर) में कुछ वस्तुएं खरीदी गईं। उसकी दीपक साहू ने एक नकली ईमेल आईडी भी बनाकर संचालित की। बाद में पता लगा कि उसे क्यूनेट और विहान डायरेक्ट सेलिंग के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ने उसे शिकार बनाया है। इनके खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी के मामले हैं। इनके प्रवर्तन निदेशालय करोड़ों रुपये फ्रीज कर चुकी है। वह 19 मार्च को तैनाती स्थल से अवकाश लेकर घर पहुंचा। सारे तथ्यों का संकलन के बाद सैनिक ने पुलिस से शिकायत की।
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प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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हुसैनगंज थाने के उमरपुर बेरा निवासी अमन सिंह वर्तमान में जम्मू कश्मीर में सैनिक के पद पर तैनात है। आरोप है कि वर्ष 2022 में बेंगलुरु में प्रशिक्षण के दौरान पहचान दीपक साहू सैन्यकर्मी से हुई थी। प्रशिक्षण बाद अपनी-अपनी यूनिट में चले गए। तीन वर्ष बाद दिसंबर 2025 में एक नए मोबाइल नंबर से फोन आया, उसने खुद का परिचय दीपक साहू निवासी गुलमर्ग जम्मू कश्मीर के रूप में दिया। बातचीत दौरान उसने अपने व्यवसाय के बारे में बताना शुरू किया। जनवरी 2026 के आसपास दीपक साहू ने फोन पर फिर अपने व्यवसाय के बारे में बताया कि वह 30 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में काम करता है। वह अच्छा मुनाफा कमाता है। दीपक साहू ने प्रशिक्षण का झांसा देकर ऑनलाइन गुलमर्ग के सीनियर पार्टनर अजय ठाकोर से जूम मीटिंग ऐप के माध्यम से मीटिंग कराई। उसका व्हाट्सएप पर सारा डेटा मंगवाया।
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वह उनके प्रभाव में आ गया। अजय बोला कि वह खुद भी आर्मी में था। मीटिंग के बाद 7.50 लाख रुपये का निवेश बताया। इतनी बड़ी रकम नहीं होने पर रुपयों का प्रबंध लोन के माध्यम से कराने की बात कही। उन्होंने पत्नी सरस्वती के सारे दस्तावेज मंगवाए और 21 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के दिवाकर मिश्रा के जरिए 23 फरवरी को 7.50 लाख का लोन करा दिया। इसके बाद सारे रुपये दीपक साहू ने कई खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद कुछ लोगों को जोड़ने को बोला। तभी उसे पता लगा वह ठगी का शिकार हो गया। उसके रुपये से यूएसडी (अमेरिकी डॉलर) में कुछ वस्तुएं खरीदी गईं। उसकी दीपक साहू ने एक नकली ईमेल आईडी भी बनाकर संचालित की। बाद में पता लगा कि उसे क्यूनेट और विहान डायरेक्ट सेलिंग के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ने उसे शिकार बनाया है। इनके खिलाफ पूर्व में धोखाधड़ी के मामले हैं। इनके प्रवर्तन निदेशालय करोड़ों रुपये फ्रीज कर चुकी है। वह 19 मार्च को तैनाती स्थल से अवकाश लेकर घर पहुंचा। सारे तथ्यों का संकलन के बाद सैनिक ने पुलिस से शिकायत की।
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प्रभारी निरीक्षक आलोक पांडेय ने बताया कि मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।