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शादी तय होने से क्षुब्ध देवर-भाभी ने फांसी लगाकर दी जान
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सुनीता का फाइल फोटो - देवर भाभी ने लगाई फांसी
- फोटो : FATEHPUR
गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमहेटा गांव में एक ही फंदे में देवर और भाभी के शव लटकते मिले। मंगलवार सुबह परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो दोनों के शव साड़ी से बने फंदे से लटक रहे थे।
पुलिस के अनुसार देवर और भाभी में प्रेम प्रसंग था, देवर की शादी तय हो जाने से दोनों अवसाद में थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मामला गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमहेटा गांव के ब्राम्हणतारा गांव का है। बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के बदौली केवटरा निवासी रसपाल की बेटी सुनीता (28) की शादी 2016 में ब्राम्हणतारा गांव के हरिओम निषाद पुत्र शिवबरन के साथ हुई थी। हरिओम बांदा में जेसीबी, चालक है।
हरिओम काम के सिलसिले में अक्सर बांदा में रहता है। शादी के कुछ दिन बाद से सुनीता और देवर राममिलन (22) के बीच नाजायज रिश्ते हो गए। वह एक दूसरे को चाहने लगे। यह बात परिवार के लोगों को पता लगी थी। कहीं न कहीं अब विवाद की स्थिति बनने लगी थी।
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मामले को खत्म करने के लिए परिजनों ने राममिलन की शादी करने की सोची। असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में राममिलन की 7 मई 2021 की शादी की तारीख पक्की हुई थी। तभी से देवर और भाभी अलग होने के अवसाद में जीने लगे थे।
परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर रात राममिलन पिता के साथ निमंत्रण से लौटा था। सभी लोग सोने चले गए। इस दौरान किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। सुनीता का तीन साल बेटा हर्ष (3) दादी गेंदिया के पास सोया था। दूसरी तीन माह की बेटी क्रांति को लेकर सुनीता कमरे में सोई थी।
मंगलवार सुबह सुनीता कमरे से बाहर नहीं निकली। कमरे से बच्ची की रोने की आवाज आई और राममिलन भी नहीं दिखा। तभी दरवाजे की कुंडी परिजनों ने हाथ डालकर खोली तो नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पंखे के हुक से साड़ी का फंदा बंधा हुआ था।
साड़ी के एक छोर पर सुनीता और दूसरे सिरे पर राममिलन के शव लटक हुए थे। सुनीता का चेहरा राममिलन की छाती पर टिका था। एक पैर सुनीता का चारपाई में फंसा था, दूसरा पैर चारपाई के नीचे लटका हुआ था।
फोरेंसिक टीम ने पड़ताल भी की। जाफरगंज सीओ संजय शर्मा और एसओ कमलेश पाल मौके पर पहुंचे। एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच आशनाई का मामला था। राममिलन के पिता शिवबरन की ओर से प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की तहरीर दी गई है। किसी पक्ष ने आरोप नहीं लगाया है।
दोनों के रिश्ते किसी से छिपे नहीं थे। शादी तय होने के बाद रिश्तों में दरार आना तय था। शायद इसी वजह से मंगेतर को भी सबकुछ बताने के लिए राममिलन उसके गांव गया था। सुनीता ने भी मोबाइल पर मां से शाम को बातचीत की थी। उसकी बातचीत से मायके पक्ष को जरा भी एहसास नहीं हुआ था कि बेटी रात को ऐसा कदम उठा लेगी।
गाजीपुर थाने के ब्राम्हणतारा गांव के भाभी संग जान गवांने वाला राममिलन निमंत्रण में सोमवार शाम असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव गया था। वह पिता शिवबरन को निमंत्रण में छोड़ने के बाद मंगेतर से मिलने उसके घर गया था। शिवबरन ने बताया कि बेटा निमंत्रण से यह बताकर गया था वह होने वाली ससुराल जा रहा है।
करीब एक घंटे बाद लौटा था और वह लोग घर चले आए थे। घर में सुनीता के कमरे में राममिलन सोने चला था। कमरे के बाहर शिवबरन सोए थे।
पुलिस ने कयास लगाया है कि दोनों भोर पहर फांसी लटके होंगे। दोनों रिश्ते को लेकर सोचते रहे होंगे। सुबह होने पहले दोनों ने दुनियां छोड़ने का फैसला लिया होगा। सुनीता के मायके पक्ष से परिजन पहुंचे। सुनीता के पिता मुंबई में रहते हैं। सुनीता की मां ने बताया कि पति को बेटी की मौत की खबर दी है।
वह मुंबई से लौट रहे है। बेटी से सोमवार शाम बातचीत हुई थी। उस समय मोबाइल पर बेटी हंसकर बातचीत कर रही थी। सुनीता की शादी हरिओम ाके साथ प्रेम विवाह हुआ था। राममिलन की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी भी लगी थी। उसकी कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग होनी थी। सबकुछ परिवार का बर्बाद हो गया।
करीब आधे घंटे तक तीन माह की बच्ची सुबह रोती रही। तब परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका पैदा हुआ। वह लोग कुंडी खटखटाते रहे और सुनीता को बुलाते रहे। कोई जवाब नहीं आने पर दरवाजे की कुंडी हाथ डालकर खोली। बच्ची के रोने की आवाज न सुनाई देती तो घटना का पता और बाद में लगता।
घटना के बाद गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। घर के अंदर भी लोग जमा हो गए। कच्ची छत पर भी भीड़ लग गई। अचानक कच्ची छत की मिट्टी धंसकने लगी। तभी अफरा तफरी मच गई। उसी छत के नीचे सीओ संजय शर्मा खड़े थे। सीओ भी घर से आनन-फानन बाहर निकले।
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पुलिस के अनुसार देवर और भाभी में प्रेम प्रसंग था, देवर की शादी तय हो जाने से दोनों अवसाद में थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मामला गाजीपुर थाना क्षेत्र के लमहेटा गांव के ब्राम्हणतारा गांव का है। बांदा जिले के बबेरू थाना क्षेत्र के बदौली केवटरा निवासी रसपाल की बेटी सुनीता (28) की शादी 2016 में ब्राम्हणतारा गांव के हरिओम निषाद पुत्र शिवबरन के साथ हुई थी। हरिओम बांदा में जेसीबी, चालक है।
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हरिओम काम के सिलसिले में अक्सर बांदा में रहता है। शादी के कुछ दिन बाद से सुनीता और देवर राममिलन (22) के बीच नाजायज रिश्ते हो गए। वह एक दूसरे को चाहने लगे। यह बात परिवार के लोगों को पता लगी थी। कहीं न कहीं अब विवाद की स्थिति बनने लगी थी।
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मामले को खत्म करने के लिए परिजनों ने राममिलन की शादी करने की सोची। असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव में राममिलन की 7 मई 2021 की शादी की तारीख पक्की हुई थी। तभी से देवर और भाभी अलग होने के अवसाद में जीने लगे थे।
परिजनों ने बताया कि मंगलवार देर रात राममिलन पिता के साथ निमंत्रण से लौटा था। सभी लोग सोने चले गए। इस दौरान किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। सुनीता का तीन साल बेटा हर्ष (3) दादी गेंदिया के पास सोया था। दूसरी तीन माह की बेटी क्रांति को लेकर सुनीता कमरे में सोई थी।
मंगलवार सुबह सुनीता कमरे से बाहर नहीं निकली। कमरे से बच्ची की रोने की आवाज आई और राममिलन भी नहीं दिखा। तभी दरवाजे की कुंडी परिजनों ने हाथ डालकर खोली तो नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। पंखे के हुक से साड़ी का फंदा बंधा हुआ था।
साड़ी के एक छोर पर सुनीता और दूसरे सिरे पर राममिलन के शव लटक हुए थे। सुनीता का चेहरा राममिलन की छाती पर टिका था। एक पैर सुनीता का चारपाई में फंसा था, दूसरा पैर चारपाई के नीचे लटका हुआ था।
फोरेंसिक टीम ने पड़ताल भी की। जाफरगंज सीओ संजय शर्मा और एसओ कमलेश पाल मौके पर पहुंचे। एएसपी राजेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच आशनाई का मामला था। राममिलन के पिता शिवबरन की ओर से प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की तहरीर दी गई है। किसी पक्ष ने आरोप नहीं लगाया है।
दोनों के रिश्ते किसी से छिपे नहीं थे। शादी तय होने के बाद रिश्तों में दरार आना तय था। शायद इसी वजह से मंगेतर को भी सबकुछ बताने के लिए राममिलन उसके गांव गया था। सुनीता ने भी मोबाइल पर मां से शाम को बातचीत की थी। उसकी बातचीत से मायके पक्ष को जरा भी एहसास नहीं हुआ था कि बेटी रात को ऐसा कदम उठा लेगी।
गाजीपुर थाने के ब्राम्हणतारा गांव के भाभी संग जान गवांने वाला राममिलन निमंत्रण में सोमवार शाम असोथर थाना क्षेत्र के एक गांव गया था। वह पिता शिवबरन को निमंत्रण में छोड़ने के बाद मंगेतर से मिलने उसके घर गया था। शिवबरन ने बताया कि बेटा निमंत्रण से यह बताकर गया था वह होने वाली ससुराल जा रहा है।
करीब एक घंटे बाद लौटा था और वह लोग घर चले आए थे। घर में सुनीता के कमरे में राममिलन सोने चला था। कमरे के बाहर शिवबरन सोए थे।
पुलिस ने कयास लगाया है कि दोनों भोर पहर फांसी लटके होंगे। दोनों रिश्ते को लेकर सोचते रहे होंगे। सुबह होने पहले दोनों ने दुनियां छोड़ने का फैसला लिया होगा। सुनीता के मायके पक्ष से परिजन पहुंचे। सुनीता के पिता मुंबई में रहते हैं। सुनीता की मां ने बताया कि पति को बेटी की मौत की खबर दी है।
वह मुंबई से लौट रहे है। बेटी से सोमवार शाम बातचीत हुई थी। उस समय मोबाइल पर बेटी हंसकर बातचीत कर रही थी। सुनीता की शादी हरिओम ाके साथ प्रेम विवाह हुआ था। राममिलन की स्वास्थ्य विभाग में नौकरी भी लगी थी। उसकी कुछ दिन बाद ज्वाइनिंग होनी थी। सबकुछ परिवार का बर्बाद हो गया।
करीब आधे घंटे तक तीन माह की बच्ची सुबह रोती रही। तब परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका पैदा हुआ। वह लोग कुंडी खटखटाते रहे और सुनीता को बुलाते रहे। कोई जवाब नहीं आने पर दरवाजे की कुंडी हाथ डालकर खोली। बच्ची के रोने की आवाज न सुनाई देती तो घटना का पता और बाद में लगता।
घटना के बाद गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। घर के अंदर भी लोग जमा हो गए। कच्ची छत पर भी भीड़ लग गई। अचानक कच्ची छत की मिट्टी धंसकने लगी। तभी अफरा तफरी मच गई। उसी छत के नीचे सीओ संजय शर्मा खड़े थे। सीओ भी घर से आनन-फानन बाहर निकले।