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Fatehpur News: रिकाॅर्ड में 281 तालाब दर्ज, जमीन पर 50 भी नहीं
Tue, 02 Apr 2024 11:46 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Tue, 02 Apr 2024 11:46 PM IST
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फतेहपुर। तालाबों से घिरा शहर अब अपनी पहचान को मोहताज है। अब जलभराव की समस्या हो रही है। तालाबों को पाटने का सिलसिला रोका नहीं गया, तो वाटर बाडी (जल निकासी की व्यवस्था) का स्वरूप पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा और शहर से जलनिकासी की समस्या से निजात पाना आने वाले कुछ सालों में मुश्किल होगा। हालांकि, तालाबों को बचाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास शुरू हुए हैं। तालाबों को महायोजना-2031 में शामिल किया जा रहा है।
नगर पालिका के रिकॉर्ड में पूरे शहर भर में 281 तालाब दर्ज हैं। तालाबों की वजह से ही पुराने शहर का वाटर बाडी सिस्टम बहुत मजबूत था। मोहल्लों और कालोनियों का पानी आसपास के तालाबों में जाता था। वह गर्मी में सूख भी जाता था। इससे जलभराव की समस्या नहीं होती थी। शहर के विस्तार में तालाबों को पाटने का सिलसिला शुरू हुआ। पूरे के पूरे तालाब पाटकर बड़े-बड़े घर व कालोनी विकसित कर दी गई। इससे तालाब मिटते चले गए और जलभराव की समस्या बढ़ती गई। हालात यह है कि नगर पालिका में 50 तालाब भी तलाशे नहीं मिल रहे हैं। गिने-चुने तालाबों पर कब्जा होने से इनका अस्तित्व खोने की कगार पर है। तालाबों के संरक्षण के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव ने जताई चिंता
तालाबों के मिटते अस्तित्व पर अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने आदेश दिया है कि महायोजना-2031 में तालाबों की विस्तृत जानकारी और नक्शा शामिल किया जाए। शहर से निकाली गई तालाबों की सूची में 281 का आंकड़ा सामने आया है। अब तालाबों की तलाश में टीम गली-गली घूमेगी। सर्वे के बाद महायोजना में तालाबों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद महायोजना 2031 को हरी झंडी मिलेगी।
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तालाब की जमीन पर बने मैरिज हाल को नोटिस
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से जीटी रोड स्थित एक मैरिज हाल को तालाब पर कब्जा करने की नोटिस भेजी गई है। हाल संचालक ने 31 मार्च को पेश होकर अपने दस्तावेज पेश करने का समय मांगा है। उसमें अगली तारीख 24 अप्रैल 2024 है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी दफ्तर के सामने एक बड़े होटल का निर्माण ग्राम समाज की जमीन पर पाया गया है। उसे भी तहसील से धारा 67 की नोटिस भेजी गई है। वहीं, एक बड़े स्कूल निर्माण में भी तालाब की जमीन पर कब्जा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
क्षेत्रवार दर्ज तालाबों की संख्या
सदनपुर, खंभापुर, ढकौली, अलादातपुर, हरगनपुर, ताजमहमूदपुर में एक-एक तालाब, कबराहार, भिखारीपुर, इब्राहिमपुर, सरायजगत, हाजीपुर छीठा, गौरी, मलाका, भदनी दैदियापुर और भरहरा में दो-दो तालाब नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसी तरह नासिरपुर, बस्तापुर, मधुपुरी, झाऊपुर, माहपुर और त्रिलोकीपुर में तीन-तीन तालाब दर्ज हैं। मदारीपुर और हबीबपुर में चार-चार, चकबिसौली में पांच व बक्सपुर, सरायमीना शाह, शादीपुर खुर्द, शेखपुर उनवां में छह-छह तालाब रिकॉर्ड में हैं। मिठ्ठनपुर-खुराना और लोटहा में आठ-आठ तालाब हैं। वहीं, मऊ में 10, अस्ती में 11, बीबीपुर व अबूल कासिमपुर में 13-13, बिरूईहार में 14, अंदौली और फतेहपुर दक्षिणी में 15-15 तालाब रिकॉर्ड में हैं। अजगवां में 16, उद्यन्नापुर में 18, सथरियांव और फतेहपुर उत्तरी में 19-19 और रामपुर खुराना में 22 तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं।
वर्जन
नगर पालिका के पास तालाब नहीं 281 तालाबी नंबर हैं। जो भी तालाब हैं, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है। चुनाव के बाद सभी तालाबों पर हुए कब्जों को खाली कराया जाएगा।
- समीर कुमार कश्यप, ईओ, नगर पालिका
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नगर पालिका के रिकॉर्ड में पूरे शहर भर में 281 तालाब दर्ज हैं। तालाबों की वजह से ही पुराने शहर का वाटर बाडी सिस्टम बहुत मजबूत था। मोहल्लों और कालोनियों का पानी आसपास के तालाबों में जाता था। वह गर्मी में सूख भी जाता था। इससे जलभराव की समस्या नहीं होती थी। शहर के विस्तार में तालाबों को पाटने का सिलसिला शुरू हुआ। पूरे के पूरे तालाब पाटकर बड़े-बड़े घर व कालोनी विकसित कर दी गई। इससे तालाब मिटते चले गए और जलभराव की समस्या बढ़ती गई। हालात यह है कि नगर पालिका में 50 तालाब भी तलाशे नहीं मिल रहे हैं। गिने-चुने तालाबों पर कब्जा होने से इनका अस्तित्व खोने की कगार पर है। तालाबों के संरक्षण के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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अपर मुख्य सचिव ने जताई चिंता
तालाबों के मिटते अस्तित्व पर अपर मुख्य सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने आदेश दिया है कि महायोजना-2031 में तालाबों की विस्तृत जानकारी और नक्शा शामिल किया जाए। शहर से निकाली गई तालाबों की सूची में 281 का आंकड़ा सामने आया है। अब तालाबों की तलाश में टीम गली-गली घूमेगी। सर्वे के बाद महायोजना में तालाबों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद महायोजना 2031 को हरी झंडी मिलेगी।
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तालाब की जमीन पर बने मैरिज हाल को नोटिस
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से जीटी रोड स्थित एक मैरिज हाल को तालाब पर कब्जा करने की नोटिस भेजी गई है। हाल संचालक ने 31 मार्च को पेश होकर अपने दस्तावेज पेश करने का समय मांगा है। उसमें अगली तारीख 24 अप्रैल 2024 है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी दफ्तर के सामने एक बड़े होटल का निर्माण ग्राम समाज की जमीन पर पाया गया है। उसे भी तहसील से धारा 67 की नोटिस भेजी गई है। वहीं, एक बड़े स्कूल निर्माण में भी तालाब की जमीन पर कब्जा होने की बात सामने आ रही है। हालांकि राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी चुप्पी साधे हैं।
क्षेत्रवार दर्ज तालाबों की संख्या
सदनपुर, खंभापुर, ढकौली, अलादातपुर, हरगनपुर, ताजमहमूदपुर में एक-एक तालाब, कबराहार, भिखारीपुर, इब्राहिमपुर, सरायजगत, हाजीपुर छीठा, गौरी, मलाका, भदनी दैदियापुर और भरहरा में दो-दो तालाब नगर पालिका के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसी तरह नासिरपुर, बस्तापुर, मधुपुरी, झाऊपुर, माहपुर और त्रिलोकीपुर में तीन-तीन तालाब दर्ज हैं। मदारीपुर और हबीबपुर में चार-चार, चकबिसौली में पांच व बक्सपुर, सरायमीना शाह, शादीपुर खुर्द, शेखपुर उनवां में छह-छह तालाब रिकॉर्ड में हैं। मिठ्ठनपुर-खुराना और लोटहा में आठ-आठ तालाब हैं। वहीं, मऊ में 10, अस्ती में 11, बीबीपुर व अबूल कासिमपुर में 13-13, बिरूईहार में 14, अंदौली और फतेहपुर दक्षिणी में 15-15 तालाब रिकॉर्ड में हैं। अजगवां में 16, उद्यन्नापुर में 18, सथरियांव और फतेहपुर उत्तरी में 19-19 और रामपुर खुराना में 22 तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं।
वर्जन
नगर पालिका के पास तालाब नहीं 281 तालाबी नंबर हैं। जो भी तालाब हैं, उन्हें चिह्नित कराया जा रहा है। चुनाव के बाद सभी तालाबों पर हुए कब्जों को खाली कराया जाएगा।
- समीर कुमार कश्यप, ईओ, नगर पालिका