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खेती किसानी के साथ पशुपालन देगा डबल मुनाफा- धुन्नी

Sat, 02 Mar 2019 12:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 Mar 2019 12:44 AM IST
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खेती किसानी के साथ पशुपालन देगा डबल मुनाफा- धुन्नी
फतेहपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर की ओर से उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने बेहतर खेती करने पर नौ किसानों को सम्मानित भी किया। इस दौरान नव चेतना सांस्कृतिक केंद्र की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
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चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डा. सुशील सोलेमन ने मुख्य अतिथि कृषि राज्य मंत्री धुन्नी सिंह और सदर विधायक विक्रम सिंह को बुके देकर उनका स्वागत किया। कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि धान और गेहूं की पराली को कभी नहीं जलाना चाहिए बल्कि इसे खेत में ही मिला दें जिससे मिट्टी और
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अधिक उपजाऊ होगी। खेती के साथ पशुपालन करना बहुत जरूरी है। इससे ही किसानों को डबल मुनाफा मिलेगा। मैने अपने खेतों पर जैविक खेती का इस्तेमाल किया। धान में केमिकल का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं सिर्फ गाय के मूत्र का छिड़काव कर दें। देशी गाय के गोबर में चार से पांच लाख जीवाणु पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने किसानों को एजेंडे में स्थान दिया है। किसानों को किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। जैविक खेती से बीमारी कम होगी।
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सदर विधायक विक्रम सिंह ने कहा कि उन्नत खेती में विज्ञान का विशेष योगदान है। किसानों को खाली समय में फसल लगानी चाहिए जिससे खेत खाली न रहें। अध्यक्षता करते हुए चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डा. सुशील सोलेमन ने कहा कि विश्वविद्यालय कानपुर में छह से आठ मार्च तक अंतर्राष्ट्रीय कृषि कान्क्लेव मेला का आयोजन हो रहा है। प्रत्येक जनपद से 15 पुरुष एवं महिला किसानों को कृषि उद्यम के लिए आमंत्रित किया गया है, इसका चयन हो गया है। इस दौरान कृषि राज्य मंत्री ने कृषि वैज्ञानिक डा. देवेंद्र स्वरूप, डा. नौशाद आलम, डा. राम पलक, डा. साधना वैश्य, डा. संजीव शर्मा, डा. अलका कटियार को जिले में बेहतर खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर निदेशक प्रसार डा. धूम सिंह, सह निदेशक राम बटुक, भूमि संरक्षण अधिकारी आरपी कुशवाहा, पशु चिकित्साधिकारी डा. सुरेश कनौजिया रहे।

- राम सिंह पटेल औंग- प्याज और लहसुन टमाटर की नवीनतम प्रजाति। शगुफ्ता वसीम आबूनगर- मुरब्बा, आचार। संजय पटेल गौरा चुरियानी- आलू। जय सिंह कंधिया- अमरूद। कमला देवी एकारी- महिला स्वयं सहायता समूह फूलझाड़ू। कविता देवी एकारी- स्वयं सहायता समूह फूलझाड़ू। अशोक तपस्वी तपस्वीनगर- गौधन मूत्र। बजरंग सिंह कोरम- दलहन। नरेंद्र सिंह भटपुरवा- पशुपालन के साथ दहलन की खेती।

इनसेट --
7 - किसानों के स्टाल में गोबर के उत्पाद दिखाते किसान अशोक तपस्वी।
गोबर धन क्रांति ला रहे अशोक तपस्वी
कृषि राज्य मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह धुन्नी सिंह ने मेले में किसानों के लगे स्टालों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान किसान अशोक तपस्वी के गोबर धन क्रांति का स्टाल आकर्षण का केंद्र रहा। गाय के शुद्ध गोबर और गोमूत्र से फसलों के लिए दवाएं और सिंदूरदानी तैयार की गई हैं। अशोक तपस्वी ने बताया कि किसान गाय जरूर पालें, जिससे गाय के गोबर से खाद और मूत्र से दवाएं प्राप्त की जा सकें। इसी प्रकार भुट्टा और गन्ने में मोथा नामक रोग से बचाव के लिए लगाया गया स्टाल किसानों के लिए लाभकारी रहा। व्यवसायी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि सेंपरा नाम की जैविक दवा का छिड़काव कर फसल को रोगमुक्त कर सकते हैं।
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