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सड़कों पर दिखा जीत का जश्न
Updated Sat, 02 Dec 2017 01:33 AM IST
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फतेहपुर। वैसे तो चुनाव आयोग ने जीत का जशभन सड़क पर मनाने पर पाबंदी लगा रखी थी। पर, जीत का सेहरा सिर पर बंधने के बाद समर्थकों का धैर्य जवाब देता नजर आया। सदर सीट से विजयी सपा प्रत्याशी नजाकत खातून की जीत की खबर के बाद समर्थकों का सैलाब सड़कों पर उतर आया। ऐसा ही सभासद पद का चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों के मामले भी रहा। समर्थक फूल मालाओं के साथ अपने चहेते उम्मीदवारों का इस्तकबाल करते रहे।
कांग्रेस का नहीं खुला खाता
फतेहपुर। पिछले निकाय चुनाव में कांग्रेस ने बिंदकी नगर पालिका सीट पर कब्जा जमाया था। नीलम सोनी कांग्रेस के समर्थन से अध्यक्ष बनीं थीं।
सदर सीट का चुनाव निर्दल प्रत्याशी चंद्र प्रकाश लोधी ने लड़कर जीता था। यह भी कांग्रेस में थे। ऐन वक्त पर कांग्रेस ने इनके स्थान पर हाजी रजा को मैदान में उतार दिया था। जिससे यह विद्रोही होकर चुनाव लड़े थे।
इस चुनाव में कांग्रेस को सदर सीट से काफी उम्मीदेें थीं क्योंकि वैश्य बिरादरी की अर्चना गुप्ता को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस का पूरी तरह से सूपड़ा साफ हो गया।
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अध्यक्षी भी न जीत सके सुनील
फतेहपुर। बिंदकी नगर पालिका से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़कर दूसरे नंबर पर रहे सुनील कुमार गौतम ने बसपा के सिंबल से ही इसी साल खागा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में सुनील तीसरे नंबर पर थे।
पोस्टल वोट में जीतीं भाजपा प्रत्याशी
फतेहपुर। सदर सीट की भाजपा प्रत्याशी अर्चना त्रिपाठी सरकारी कर्मचारियों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रहीं। 78 डाक मत्र डाले गए। जिसमें 30 भाजपा को मिले।
सपा प्रत्याशी नजाकत खातृून को 14 डाकमत से संतोष करना पड़ा। बसपा प्रत्याशी रेशमा खां को 10, कांग्रेस की अर्चना गुप्ता को पांच, निर्दल प्रत्याशी दीपिका सिंह को छह, आप प्रत्याशी प्रभा देवी को चार, निर्दल सरोज मौर्या को दो पोस्टल वोट हािसल हुए।
मां की जीत से बढ़ा बेटे का कद
फतेहपुर। सदर नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव जीतीं नजाकत खातून ने निवर्तमान सभासद बेटे हाजी रजा को का कद बढ़ाने का काम किया।
नजाकत इससे पहले दो बार सभासद रह चुकी हैं। रजा भी लगातार चार बार से सभासद का चुनाव जीतते चले आ रहे थे। वर्ष 2006 में नगर पालिका के उपाध्यक्ष रहने वाले रजा दो पंचवर्षीय से जिला योजना समिति के सदस्य भी हैं। इस बार भी रजा को पांचवीं जीत हासिल हुई, लेकिन जीत का स्वाद मां नजाकत की सफलता से और दूना कर दिया।
सड़कों पर दिखा जीत का जशभन
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कांग्रेस का नहीं खुला खाता
फतेहपुर। पिछले निकाय चुनाव में कांग्रेस ने बिंदकी नगर पालिका सीट पर कब्जा जमाया था। नीलम सोनी कांग्रेस के समर्थन से अध्यक्ष बनीं थीं।
सदर सीट का चुनाव निर्दल प्रत्याशी चंद्र प्रकाश लोधी ने लड़कर जीता था। यह भी कांग्रेस में थे। ऐन वक्त पर कांग्रेस ने इनके स्थान पर हाजी रजा को मैदान में उतार दिया था। जिससे यह विद्रोही होकर चुनाव लड़े थे।
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इस चुनाव में कांग्रेस को सदर सीट से काफी उम्मीदेें थीं क्योंकि वैश्य बिरादरी की अर्चना गुप्ता को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस का पूरी तरह से सूपड़ा साफ हो गया।
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अध्यक्षी भी न जीत सके सुनील
फतेहपुर। बिंदकी नगर पालिका से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़कर दूसरे नंबर पर रहे सुनील कुमार गौतम ने बसपा के सिंबल से ही इसी साल खागा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में सुनील तीसरे नंबर पर थे।
पोस्टल वोट में जीतीं भाजपा प्रत्याशी
फतेहपुर। सदर सीट की भाजपा प्रत्याशी अर्चना त्रिपाठी सरकारी कर्मचारियों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रहीं। 78 डाक मत्र डाले गए। जिसमें 30 भाजपा को मिले।
सपा प्रत्याशी नजाकत खातृून को 14 डाकमत से संतोष करना पड़ा। बसपा प्रत्याशी रेशमा खां को 10, कांग्रेस की अर्चना गुप्ता को पांच, निर्दल प्रत्याशी दीपिका सिंह को छह, आप प्रत्याशी प्रभा देवी को चार, निर्दल सरोज मौर्या को दो पोस्टल वोट हािसल हुए।
मां की जीत से बढ़ा बेटे का कद
फतेहपुर। सदर नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव जीतीं नजाकत खातून ने निवर्तमान सभासद बेटे हाजी रजा को का कद बढ़ाने का काम किया।
नजाकत इससे पहले दो बार सभासद रह चुकी हैं। रजा भी लगातार चार बार से सभासद का चुनाव जीतते चले आ रहे थे। वर्ष 2006 में नगर पालिका के उपाध्यक्ष रहने वाले रजा दो पंचवर्षीय से जिला योजना समिति के सदस्य भी हैं। इस बार भी रजा को पांचवीं जीत हासिल हुई, लेकिन जीत का स्वाद मां नजाकत की सफलता से और दूना कर दिया।
सड़कों पर दिखा जीत का जशभन