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परीक्षा केंद्रों में नकल का पता लगाएगी एलआईयू टीम
Updated Sat, 20 Jan 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा में नकल की सुरागकशी के लिए एलआईयू को जिम्मेदारी सौंपी है। संवेदनशील परीक्षा केंद्र की सुरक्षा एसटीएफ के साथ पीएसी के सुपुर्द करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नौ सेक्टरों में जिले के सभी 99 परीक्षा केंद्रों को बांटकर नकलविहीन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड परीक्षा छह फरवरी से शुरू होगी।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में स्टेटिक मजिस्ट्रेेट नियुक्त किए जाएंगे। तहसीलदार, नायब तहसीलदार या फिर जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परीक्षा शुरू होने के दो दिन पहले मजिस्ट्रेटों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराया जाएगा। नकल रोकने के लिए छह सचल दल गठित होंगे। इनके अलावा एक पेट्रोलिंग टीम का गठन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य होंगे।
टीम के सदस्य भी सभी राजकीय स्कूलों के शिक्षक होंगे। सभी परीक्षा केंद्रों में जनरेटर की व्यवस्था होगी। जिन केंद्रों में अभी तक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है, वहां पर प्रश्नपत्र के दौरान निरंतर जनरेटर चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। नकलची पकड़े जाने पर कक्ष निरीक्षक और केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नकलची के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा, अनुचित संसाधन निवारण अधिनियम 1998 के तहत कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। किसी भी परीक्षा केंद्र में एलआईयू की टीम निरीक्षण कर सकेगी या फिर गोपनीय तरीके से पहुंचकर नकल होने की पता कर सीधे रिपोर्ट करेगी।
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डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। अगले हफ्ते संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी।
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फतेहपुर। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षा में नकल की सुरागकशी के लिए एलआईयू को जिम्मेदारी सौंपी है। संवेदनशील परीक्षा केंद्र की सुरक्षा एसटीएफ के साथ पीएसी के सुपुर्द करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नौ सेक्टरों में जिले के सभी 99 परीक्षा केंद्रों को बांटकर नकलविहीन परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड परीक्षा छह फरवरी से शुरू होगी।
संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में स्टेटिक मजिस्ट्रेेट नियुक्त किए जाएंगे। तहसीलदार, नायब तहसीलदार या फिर जिला स्तरीय अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परीक्षा शुरू होने के दो दिन पहले मजिस्ट्रेटों को उनकी जिम्मेदारी से अवगत कराया जाएगा। नकल रोकने के लिए छह सचल दल गठित होंगे। इनके अलावा एक पेट्रोलिंग टीम का गठन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य होंगे।
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टीम के सदस्य भी सभी राजकीय स्कूलों के शिक्षक होंगे। सभी परीक्षा केंद्रों में जनरेटर की व्यवस्था होगी। जिन केंद्रों में अभी तक बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है, वहां पर प्रश्नपत्र के दौरान निरंतर जनरेटर चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। नकलची पकड़े जाने पर कक्ष निरीक्षक और केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नकलची के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा, अनुचित संसाधन निवारण अधिनियम 1998 के तहत कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। किसी भी परीक्षा केंद्र में एलआईयू की टीम निरीक्षण कर सकेगी या फिर गोपनीय तरीके से पहुंचकर नकल होने की पता कर सीधे रिपोर्ट करेगी।
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डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित करने का काम शुरू हो गया है। अगले हफ्ते संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी।