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मिजिल्स रूबेला का टीका बिल्कुल सुरक्षित- डीएम
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:49 AM IST
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फतेहपुर। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने कहा है कि मीजल्स रूबेला (खसरा) का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। इसकी मानीटरिंग डब्लूएचओ कर रहा है। यह टीका बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। अधिक से अधिक अभिभावक इस अभियान में सहयोग भी कर रहे हैं।
मंगलवार को कलक्ट्रेट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम ने कहा कि जिले में नौ माह से 15 वर्ष तक के दस लाख बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक करीब तीन लाख बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। टीका लगने के बाद अभी तक किसी बच्चे को कोई दिक्कत नहीं हुई है। कुछ जगह टीका लगने से बच्चों के बीमार होने की अफवाहें फैल रही हैं। हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने बच्चों को टीका लगवाए हैं। यह टीका न लगने से बच्चे अपंग और संक्रामक बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। अभी स्कूलों में बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। बाद में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद मोहल्लों में कैंप लगाकर छूटे बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण की वह स्वयं मानीटरिंग कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने कहा कि सभी एएनएम और डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि बच्चे को टीका लगाने के बाद 15 से 20 मिनट तक देखरेख करें। इससे कि किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसपी जौहरी ने बताया कि यदि किसी बच्चे को बुखार है या फिर कोई अन्य बीमारी है तो उसकी जानकारी टीम को जरूर दें। टीका लगने के बाद बुखार आना सामान्य है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
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डीएम ने टीकाकरण का किया निरीक्षण
फतेहपुर। केपीएस पब्लिक स्कूल में मीजल्स रूबेला टीकाकरण का जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। केंद्र में 321 बच्चे पंजीकृत मिले। निरीक्षण के दौरान डेढ़ सौ बच्चों का टीकाकरण किया गया था।
मीजल्स रूबेला का टीका बिल्कुल सुरक्षित: डीएम
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में अभिभावक करें सहयोग, छूटे बच्चों को कैंप लगाकर लगाया जाएगा टीका
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मंगलवार को कलक्ट्रेट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीएम ने कहा कि जिले में नौ माह से 15 वर्ष तक के दस लाख बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका लगाने का लक्ष्य है। अब तक करीब तीन लाख बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। टीका लगने के बाद अभी तक किसी बच्चे को कोई दिक्कत नहीं हुई है। कुछ जगह टीका लगने से बच्चों के बीमार होने की अफवाहें फैल रही हैं। हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि उन्होंने भी अपने बच्चों को टीका लगवाए हैं। यह टीका न लगने से बच्चे अपंग और संक्रामक बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं। अभी स्कूलों में बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। बाद में आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। इसके बाद मोहल्लों में कैंप लगाकर छूटे बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि टीकाकरण की वह स्वयं मानीटरिंग कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. उमाकांत पांडेय ने कहा कि सभी एएनएम और डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि बच्चे को टीका लगाने के बाद 15 से 20 मिनट तक देखरेख करें। इससे कि किसी प्रकार की दिक्कत न हो। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसपी जौहरी ने बताया कि यदि किसी बच्चे को बुखार है या फिर कोई अन्य बीमारी है तो उसकी जानकारी टीम को जरूर दें। टीका लगने के बाद बुखार आना सामान्य है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
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डीएम ने टीकाकरण का किया निरीक्षण
फतेहपुर। केपीएस पब्लिक स्कूल में मीजल्स रूबेला टीकाकरण का जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। केंद्र में 321 बच्चे पंजीकृत मिले। निरीक्षण के दौरान डेढ़ सौ बच्चों का टीकाकरण किया गया था।
मीजल्स रूबेला का टीका बिल्कुल सुरक्षित: डीएम
टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में अभिभावक करें सहयोग, छूटे बच्चों को कैंप लगाकर लगाया जाएगा टीका