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पैरोल की मियाद हुई पूरी सिद्घदोष बंदी नहीं लौटे जेल

Wed, 02 Dec 2020 10:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 10:53 PM IST
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113 prisoners released on parole on the instruction of the government never returned
कोरोना संक्रमण काल में कोर्ट और शासन के निर्देश पर जेल से छोड़े गए 113 बंदी लौटे ही नहीं हैं। कोर्ट के आदेश पर छोड़े गए करीब 90 बंदी और शासन के निर्देश पर पैरोल पाने वाले 23 बंदियों के जेल न पहुंचने से अफसरों की चिंता बढ़ गई है।
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जेल प्रशासन ने संबधित जिलों की पुलिस को पत्राचार किया है जिससे बंदियों की हाजिरी हो सकें। शासन ने 13 नवंबर के बाद पैरोल की तारीख नहीं बढ़ाई है।
शासन ने कोरोना संक्रमण काल में सात साल की सजा वाले बंदियों को पैरोल के आदेश दिए थे। शासन के आदेश पर जेल से 39 बंदियों को छोड़ा गया था। समय-समय पर 8-8 हफ्ते के लिए बंदियों की पैरोल बढ़ाई गई। अंतिम पैरोल का समय 13 नवंबर को खत्म हो गया।
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जेल से छूटने वाले 39 बंदियों में 16 बंदी जेल पहुंचे हैं। 23 बंदी अभी तक नहीं पहुंचे। वहीं, बाद में कोर्ट की आई गाइडलाइन पर 125 बंदी छोड़े गए थे। इनमें अभी तक 90 की वापसी नहीं हुई है। इन बंदियों पर कोर्ट पत्राचार और जमानत रद करने की कार्रवाई कर सकती है।
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जेल में न लौटने वाले अधिकांश बंदी फतेहपुर के हैं। दो-दो बंदी कानपुर, उन्नाव, बांदा के हैं। इस तरह कुल करीब 113 बंदी जेल नहीं पहुंचे हैं।
जेलर डॉ. आलोक शुक्ल ने बताया कि बंदियों का पैरोल नहीं बढ़ा है, इसी वजह से पुलिस के जरिए पत्राचार किया गया है। बंदी जितने दिन पैरोल पर रहेंगे उनको आगे सजा काटनी पड़ेगी। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि बंदियों को जेल भेजने के लिए थानेदारों को निर्देश दिए गए हैं।
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