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मेले में ऋतुराज वसंत की जोरदार अगवानी
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 24 Jan 2015 11:34 PM IST
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धूप छांव की अठखेलियों के बीच गंगातट पर लगी राम नगरिया में वसंतोत्सव
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शनिवार क ो धूमधाम से मनाया गया। यहां संत व कल्पवासी मां सरस्वती तथा
अपने गुरुजनों की आराधना में लगे दिखे। कल्पवासियों ने ऋतुराज वसंत की पूजा
कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। वसंत पर साधु और नागा संताें ने शाही
स्नान किया। शाही जूलूस में इन्हाेंने करतब दिखाए।
नागा अखाड़ों के संत अपने रंग व मस्ती में दिखाई दिए। वसंत पर धूनी रमाई गईं। मेले में हाईटेक संत भी हैं। देश दुनिया की जानकारी के लिए झोपड़ियों में डीटीएच की छतरी इन्हाेंने लगाई है। मेले में चल रहे भजन कीर्तनाें और कथाआें में ईश्वर के प्रति अपनी अगाध आस्था बनी हुई है। वसंत पर गंगा स्नान के दौरान खासी भीड़ उमड़ी। पर्व पर गंगा स्नान कर
पुण्य लाभ कमाया। छुट्टी होने के चलते मेले में काफी गहमागहमी रही। प्रशासनिक क्षेत्र में लगी विकास प्रदर्शनी में केवल विभिन्न विभागों के पोस्टर ही लहराते दिखे। यहां कोई भी कर्मचारी स्टालों पर नहीं था। आरपी डिग्री कालेज कमालगंज की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत छात्राओं ने बालिका शिक्षा पर लघु नाटिका पेश की। इसे जमकर सराहा गया।
मौत के कुआं में करतब
मौत के कुआं में करतब दिखाते कलाकारों को देखकर हर कोई हतप्रभ दिखा। दर्शक उनके एक एक स्टंट पर पुरस्कार देते रहे। मौत के कुआं में इनके करतब हैरतअंगेज हैं। कलाकारों का कहना है कि वह केवल करतब ही नहीं दिखाते बल्कि हर समय मौत से लड़ने का नजारा भी पेश करते है। फिर कहते है, जिदंगी डरने का नाम नहीं बल्कि जिंदादिली का नाम है।
संतों और नागा संप्रदाय की निकली टोलियां
स्वामी सत्यस्वरूप ब्रह्मचारी के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। कल्पवासियों ने संतों का जगह जगह स्वागत किया। यात्रा पूरे क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद आश्रम पहुंची। यहां संतों ने साधकों ने फलाहार कराया। वहीं बाबा बालक दास क्षेत्र से वैष्णव संप्रदाय के संतों की निकली शोभायात्रा में बाबा जगदीश स्वरूप, रामस्वरूप, सोवरनदास, दशरथ दास, गोपालदास, लक्ष्मण दास संत निशानों को लेकर चल रहे थे।
निशानों का गंगा तट पर पूजन अर्चन किया गया। यहां से यह लोग नारायण नारायण का जाप करते हुए अपने आश्रम की ओर रवाना हुए। वैदिक क्षेत्र से निकाली गई विशाल शोभायात्रा में आचार्य चंद्रदेव शास्त्री, स्वामी महेशयोगी, स्वामी आत्मानंद गिरी, सोमवारपुरी, धर्मदेव चतुर्वेदी आदि सन्यासियों पर जगह जगह फूल वर्षा की। जिला सभा के प्रधान आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने सभी का आभार व्यक्त किया।
वहीं नागा संप्रदाय के पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अमैयापुर क्षेत्र से निकली नागा संतों की शोभायात्रा में सैकड़ों दिगम्बर संत शामिल थे। इन संतों ने भ्रमण के दौरान जगह जगह करतब दिखाए। इन्हें देखने के लिए दर्शकों की भीड़ लगी रही। महंत योगेश्वरानंद गिरी ने बताया कि शोभायात्रा में कई प्रदेशों के नागा बाबाओं ने भाग लिया है।
सांस्कृतिक पंडाल में हुए कार्यक्रम
सांस्कृतिक पंडाल में गंगा प्रदूषण मुक्त प्रतियोगिता के साथ आरपी डिग्री कालेज कमालगंज की ओर से दहेज प्रथा की कुरीतियों को दर्शाया गया। इसके साथ ही वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। यहां छात्र छात्राओं ने गीत, नाटक, भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर राम सिंह, पूजा यादव, प्रदीप, सुधीर, आरपी डिग्री कालेज के प्राचार्य आरटी पटेल, डा. डीके सिंह मोजूद रहे।
हाईटेक बाबा
रामनगरिया में जहां एक ओर बाबा शांति की खोज व ईश्वर की आराधना में मस्त हैं, तो क्षेत्र में ऐसे बाबा भी हैं जो देश दुनिया की खबर रखते हुए ऑन लाइन भी हैं। कई झोपड़ियों में रंगीन टीवी डीटीएच कनेक्शन के साथ चलती दिखी। साधुओं से पूछे जाने पर बताया कि संत देश में घटने वाली घटनाओं से अछूता नहीं रह सकता है। उसे हर पल की जानकारी रहनी चाहिए।
भजन कीर्तन में लगे कल्पवासी
सुहाने मौसम और वसंत का प्रभाव कल्पवासियों पर दिखाई दिया। यहां लोग झोपड़ियों से निकल भजन कीर्तन में व्यस्त दिखे। तरह-तरह के लोक संगीत पर लोग लहराते दिखे। मानों ऋतुराज वसंत का इन पर सीधा प्रभाव हो।
धूनी रमाए बाबा
रामनगरिया क्षेत्र में कुछ संत ऐसे भी है, जो अपनी मस्ती में मस्त है। उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं है। यह संत अपने आसपास आग जलाकर अपनी मस्ती में दिखाई देते है। शोर शराबा करने वालों को इशारों में ही शांत रहने का संकेत करते हैं।
नागा अखाड़ों के संत अपने रंग व मस्ती में दिखाई दिए। वसंत पर धूनी रमाई गईं। मेले में हाईटेक संत भी हैं। देश दुनिया की जानकारी के लिए झोपड़ियों में डीटीएच की छतरी इन्हाेंने लगाई है। मेले में चल रहे भजन कीर्तनाें और कथाआें में ईश्वर के प्रति अपनी अगाध आस्था बनी हुई है। वसंत पर गंगा स्नान के दौरान खासी भीड़ उमड़ी। पर्व पर गंगा स्नान कर
पुण्य लाभ कमाया। छुट्टी होने के चलते मेले में काफी गहमागहमी रही। प्रशासनिक क्षेत्र में लगी विकास प्रदर्शनी में केवल विभिन्न विभागों के पोस्टर ही लहराते दिखे। यहां कोई भी कर्मचारी स्टालों पर नहीं था। आरपी डिग्री कालेज कमालगंज की ओर से राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत छात्राओं ने बालिका शिक्षा पर लघु नाटिका पेश की। इसे जमकर सराहा गया।
मौत के कुआं में करतब
मौत के कुआं में करतब दिखाते कलाकारों को देखकर हर कोई हतप्रभ दिखा। दर्शक उनके एक एक स्टंट पर पुरस्कार देते रहे। मौत के कुआं में इनके करतब हैरतअंगेज हैं। कलाकारों का कहना है कि वह केवल करतब ही नहीं दिखाते बल्कि हर समय मौत से लड़ने का नजारा भी पेश करते है। फिर कहते है, जिदंगी डरने का नाम नहीं बल्कि जिंदादिली का नाम है।
संतों और नागा संप्रदाय की निकली टोलियां
स्वामी सत्यस्वरूप ब्रह्मचारी के नेतृत्व में शोभायात्रा निकाली गई। कल्पवासियों ने संतों का जगह जगह स्वागत किया। यात्रा पूरे क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद आश्रम पहुंची। यहां संतों ने साधकों ने फलाहार कराया। वहीं बाबा बालक दास क्षेत्र से वैष्णव संप्रदाय के संतों की निकली शोभायात्रा में बाबा जगदीश स्वरूप, रामस्वरूप, सोवरनदास, दशरथ दास, गोपालदास, लक्ष्मण दास संत निशानों को लेकर चल रहे थे।
निशानों का गंगा तट पर पूजन अर्चन किया गया। यहां से यह लोग नारायण नारायण का जाप करते हुए अपने आश्रम की ओर रवाना हुए। वैदिक क्षेत्र से निकाली गई विशाल शोभायात्रा में आचार्य चंद्रदेव शास्त्री, स्वामी महेशयोगी, स्वामी आत्मानंद गिरी, सोमवारपुरी, धर्मदेव चतुर्वेदी आदि सन्यासियों पर जगह जगह फूल वर्षा की। जिला सभा के प्रधान आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने सभी का आभार व्यक्त किया।
वहीं नागा संप्रदाय के पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अमैयापुर क्षेत्र से निकली नागा संतों की शोभायात्रा में सैकड़ों दिगम्बर संत शामिल थे। इन संतों ने भ्रमण के दौरान जगह जगह करतब दिखाए। इन्हें देखने के लिए दर्शकों की भीड़ लगी रही। महंत योगेश्वरानंद गिरी ने बताया कि शोभायात्रा में कई प्रदेशों के नागा बाबाओं ने भाग लिया है।
सांस्कृतिक पंडाल में हुए कार्यक्रम
सांस्कृतिक पंडाल में गंगा प्रदूषण मुक्त प्रतियोगिता के साथ आरपी डिग्री कालेज कमालगंज की ओर से दहेज प्रथा की कुरीतियों को दर्शाया गया। इसके साथ ही वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। यहां छात्र छात्राओं ने गीत, नाटक, भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर राम सिंह, पूजा यादव, प्रदीप, सुधीर, आरपी डिग्री कालेज के प्राचार्य आरटी पटेल, डा. डीके सिंह मोजूद रहे।
हाईटेक बाबा
रामनगरिया में जहां एक ओर बाबा शांति की खोज व ईश्वर की आराधना में मस्त हैं, तो क्षेत्र में ऐसे बाबा भी हैं जो देश दुनिया की खबर रखते हुए ऑन लाइन भी हैं। कई झोपड़ियों में रंगीन टीवी डीटीएच कनेक्शन के साथ चलती दिखी। साधुओं से पूछे जाने पर बताया कि संत देश में घटने वाली घटनाओं से अछूता नहीं रह सकता है। उसे हर पल की जानकारी रहनी चाहिए।
भजन कीर्तन में लगे कल्पवासी
सुहाने मौसम और वसंत का प्रभाव कल्पवासियों पर दिखाई दिया। यहां लोग झोपड़ियों से निकल भजन कीर्तन में व्यस्त दिखे। तरह-तरह के लोक संगीत पर लोग लहराते दिखे। मानों ऋतुराज वसंत का इन पर सीधा प्रभाव हो।
धूनी रमाए बाबा
रामनगरिया क्षेत्र में कुछ संत ऐसे भी है, जो अपनी मस्ती में मस्त है। उन्हें दुनियादारी से कोई मतलब नहीं है। यह संत अपने आसपास आग जलाकर अपनी मस्ती में दिखाई देते है। शोर शराबा करने वालों को इशारों में ही शांत रहने का संकेत करते हैं।