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गोली लगने से तंबाकू व्यापारी की मौत
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गांव अताईपुर जदीद में जगराम के भाई व भतीजी से पूछताछ करते दरोगा।
- फोटो : FARRUKHABAD
तंबाकू व्यापारी की गोली लगने से मौत
कायमगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव अताईपुर जदीद के मोहल्ला बरी निवासी तंबाकू व्यापारी की संदिग्ध हालात में पेट में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने आत्महत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने घटना में इस्तेमाल 312 बोर का तमंचा पुलिस को सौंपा है।
गांव अताईपुर जदीद निवासी जगराम वर्मा (42) अपने दो भाइयों के साथ तंबाकू का व्यापार करते थे। घर से कुछ दूरी पर उनका गोदाम है। बुधवार रात जगराम गोदाम के बाहर पड़े छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात में किसी समय उनकी गोली लगने से मौत हो गई। सुबह बड़े भाई मोतीलाल गोदाम पर पहुंचे और उसका ताला खोला। मजदूर काम पर लग गए। मोतीलाल खेत पर चले गए।
कुछ देर बाद उनकी 11 वर्षीय भतीजी सीनू गोदाम पर पहुंची। उसने चाचा को चाय के लिए उठाया तब उनकी मौत की जानकारी हुई। करीब 10 बजे पुलिस पहुंची। छानबीन कर रही पुलिस को जगराम के बड़े भाई ने 315 बोर का एक तमंचा लाकर दिया और कहा कि यह तमंचा चारपाई पर पड़ा था। उनकी पुत्री सीनू ने वहां से उठाकर गोदाम की दीवार पर रख दिया था।
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जगराम के पेट में गोली लगी थी। कपड़े लहूलुहान तो थे, लेकिन चारपाई पर खून के धब्बे नहीं दिखे। भाइयों का कहना है कि जगराम की पत्नी कांति देवी की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनके बच्चे नहीं थे। तब से उनकी मानसिक स्थित ठीक नहीं थी और बीमार भी हो गया था। साथ ही रात को गोदाम के बाहर ही सोता था। इसलिए उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जगराम के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां माया देवी रो-रोकर बेहाल हो गईं। घटना को आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने जगराम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। सूचना पर सीओ राजवीर सिंह गौर, इंस्पेक्टर संजय मिश्रा, एसआई सुहेल खां ने पहुंचकर छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए।
जगराम के दो भाई मोतीलाल व सुखराम हैं। कारोबार सभी के साझे में है। उनके पास 18 बीघा पैतृक भूमि भी है। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से अत्यधिक रक्तस्राव होने से मौत होने की पुष्टि हुई। गोली शरीर में फंसी मिली है। सीओ राजवीर सिंह गौर ने बताया कि प्रथम दृष्टया व्यापारी के आत्महत्या करने का पता चला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आसपास के लोगों ने नहीं सुनी फायर की आवाज
गोदाम बस्ती के पास घर से भी करीब 300 मीटर की दूरी है। मौके पर जुटे ग्रामीणों का कहना था कि रात में किसी ने फायर की आवाज नहीं सुनी है। लोगों का कहना है कि उन्हें सुबह घटना की जानकारी हुई।
एक विधवा महिला से होने वाली थी शादी
घटनास्थल यह चर्चा आम रही कि जगराम की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी। उनके बच्चे भी नहीं थे। जगराम की एक विधवा से शादी की बात चल रही थी। उस महिला के एक बच्चा भी है।
चारपाई पर नहीं मिला तमंचा व खून के निशान
तंबाकू व्यापारी जिस चारपाई पर पड़ा था, वहां तमंचा भी नहीं था। पुलिस को भाई मोतीलाल ने तमंचा लाकर दिया और कहा कि इसे उनकी पुत्री ने उठाकर गोदाम में रख दिया था। चारपाई पर खून के निशान भी नहीं थे। देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी ने उसकी हत्या कर चारपाई पर लाकर लिटा दिया है। (संवाद)
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कायमगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव अताईपुर जदीद के मोहल्ला बरी निवासी तंबाकू व्यापारी की संदिग्ध हालात में पेट में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने आत्महत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने व्यापारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कर शव पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों ने घटना में इस्तेमाल 312 बोर का तमंचा पुलिस को सौंपा है।
गांव अताईपुर जदीद निवासी जगराम वर्मा (42) अपने दो भाइयों के साथ तंबाकू का व्यापार करते थे। घर से कुछ दूरी पर उनका गोदाम है। बुधवार रात जगराम गोदाम के बाहर पड़े छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात में किसी समय उनकी गोली लगने से मौत हो गई। सुबह बड़े भाई मोतीलाल गोदाम पर पहुंचे और उसका ताला खोला। मजदूर काम पर लग गए। मोतीलाल खेत पर चले गए।
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कुछ देर बाद उनकी 11 वर्षीय भतीजी सीनू गोदाम पर पहुंची। उसने चाचा को चाय के लिए उठाया तब उनकी मौत की जानकारी हुई। करीब 10 बजे पुलिस पहुंची। छानबीन कर रही पुलिस को जगराम के बड़े भाई ने 315 बोर का एक तमंचा लाकर दिया और कहा कि यह तमंचा चारपाई पर पड़ा था। उनकी पुत्री सीनू ने वहां से उठाकर गोदाम की दीवार पर रख दिया था।
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जगराम के पेट में गोली लगी थी। कपड़े लहूलुहान तो थे, लेकिन चारपाई पर खून के धब्बे नहीं दिखे। भाइयों का कहना है कि जगराम की पत्नी कांति देवी की तीन वर्ष पहले बीमारी से मौत हो गई थी। उनके बच्चे नहीं थे। तब से उनकी मानसिक स्थित ठीक नहीं थी और बीमार भी हो गया था। साथ ही रात को गोदाम के बाहर ही सोता था। इसलिए उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
जगराम के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। मां माया देवी रो-रोकर बेहाल हो गईं। घटना को आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने जगराम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। सूचना पर सीओ राजवीर सिंह गौर, इंस्पेक्टर संजय मिश्रा, एसआई सुहेल खां ने पहुंचकर छानबीन की। फोरेंसिक टीम ने नमूने लिए।
जगराम के दो भाई मोतीलाल व सुखराम हैं। कारोबार सभी के साझे में है। उनके पास 18 बीघा पैतृक भूमि भी है। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से अत्यधिक रक्तस्राव होने से मौत होने की पुष्टि हुई। गोली शरीर में फंसी मिली है। सीओ राजवीर सिंह गौर ने बताया कि प्रथम दृष्टया व्यापारी के आत्महत्या करने का पता चला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
आसपास के लोगों ने नहीं सुनी फायर की आवाज
गोदाम बस्ती के पास घर से भी करीब 300 मीटर की दूरी है। मौके पर जुटे ग्रामीणों का कहना था कि रात में किसी ने फायर की आवाज नहीं सुनी है। लोगों का कहना है कि उन्हें सुबह घटना की जानकारी हुई।
एक विधवा महिला से होने वाली थी शादी
घटनास्थल यह चर्चा आम रही कि जगराम की पत्नी की तीन साल पहले मौत हो गई थी। उनके बच्चे भी नहीं थे। जगराम की एक विधवा से शादी की बात चल रही थी। उस महिला के एक बच्चा भी है।
चारपाई पर नहीं मिला तमंचा व खून के निशान
तंबाकू व्यापारी जिस चारपाई पर पड़ा था, वहां तमंचा भी नहीं था। पुलिस को भाई मोतीलाल ने तमंचा लाकर दिया और कहा कि इसे उनकी पुत्री ने उठाकर गोदाम में रख दिया था। चारपाई पर खून के निशान भी नहीं थे। देखने से ऐसा लग रहा था कि किसी ने उसकी हत्या कर चारपाई पर लाकर लिटा दिया है। (संवाद)