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कटान तेज होने से गंगा में समा गए तीन मकान
farrukhabad
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:02 AM IST
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गंगा की तेज धारा से कटे मकान के दरवाजे उठाती लड़कियां
- फोटो : अमर उजाला
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तीसराम की मड़ैया में कटान तेज हो गया है। चपेट में आने से तीन ग्रामीणों के मकान गंगा की तेज धारा से कटकर समा गए है। जिन ग्रामीणों के घरों के पास पानी पहुंचने लगा है वह अपने मकानों को खुद तोड़ने लगे हैं।
गुरुवार रात गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से ब्रजपाल, नरवीर और बचान सिंह का मकान गंगा में समा गया।
यह लोग बेघर हो गए है। तहसील प्रशासन की ओर से रहने को जगह न दिए जाने के कारण अब खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। कटान का पानी मकान तक पहुंचने पर मानसिंह ने अपने मकान को खुद तोड़ना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर लेखपाल प्रकाश सिंह शुक्रवार की सुबह गांव पहुंचे और कटान की स्थिति देख एसडीएम को मामले की जानकारी दी।
प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में एक ग्रामीण ने अपना घरेलू सामान रख लिया है। प्रधानाध्यापक श्याम कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ित ने कमरे में सामान रखा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंझा की मढ़ैया, कुड़री सारंगपुर, आशा की मढ़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, फकरपुर, करनपुर घाट और रामप्रसाद नगला में दोबारा से पानी भरना शुरू हो गया है। इन गांवों के रास्ते पर पानी भर गया है।
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गंगा की तेज धारा में कट गए खेत
अमृतपुर। तीसराम मड़ैया में लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों के खेत गंगा में कट गए है। अर्जुन का 8 बीघा, मिहीलाल का 5 बीघा, मनोहर का 12.50 बीघा, मंगली का 7.50 बीघा, छोटेलाल का 15 बीघा, सुरेश चंद्र का 10 बीघा, दयाराम का 5 बीघा, रमेश चंद्र का 5 बीघा, नंदलाल का 5 बीघा, अलवर का तीन बीघा, मुनेश्वर का पांच, प्रसादी का पांच, रामऔतार का 2.50 बीघा, सर्वेश का 2.50, रामलाल का पांच और केवलराम का 10 बीघा खेत कट गया है।
बाढ़ ग्रस्त गांवों में बांटी गई खाद्य किटें
अमृतपुर/राजेपुर। शुक्रवार को एसडीएम वसंत कुमार ने तीसराम की मड़ैया में 24 लोगों को खाद्य किटें बांटी। गांव गौटिया में एसडीएम ने 24 ग्रामीणों को किटें दीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत सिंह ने अलादपुर भटौली गांव में 23 लोगों को किटें बांटी। सहायक निदेशक मत्स्य राजीव गुप्ता, दिवाकर सिंह, प्रधान अशोक मिश्रा, लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह ने गांव कुसुमापुद में पहुंच कर 90 ग्रामीणों को खाद्य किट बांटी। एक किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो चना, दो किलो लइया और मोमबत्ती व अन्य सामान था।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, रामगंगा का घटा
फर्रुखाबाद। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर और बढ़ गया है। 136.35 से बढ़कर 136.50 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया है। इस कारण बाढ़ प्रभावित गांवों में फिर से मुसीबतें आनी शुरू हो गई है। गंगा में नरौरा से शुक्रवार को 51049 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर कम होने की संभावना जताई जा रही है। रामगंगा में 2074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर 135.50 से कम होकर 135.40 मीटर पर आ गया है।
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गुरुवार रात गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से ब्रजपाल, नरवीर और बचान सिंह का मकान गंगा में समा गया।
यह लोग बेघर हो गए है। तहसील प्रशासन की ओर से रहने को जगह न दिए जाने के कारण अब खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। कटान का पानी मकान तक पहुंचने पर मानसिंह ने अपने मकान को खुद तोड़ना शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर लेखपाल प्रकाश सिंह शुक्रवार की सुबह गांव पहुंचे और कटान की स्थिति देख एसडीएम को मामले की जानकारी दी।
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प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में एक ग्रामीण ने अपना घरेलू सामान रख लिया है। प्रधानाध्यापक श्याम कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ित ने कमरे में सामान रखा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंझा की मढ़ैया, कुड़री सारंगपुर, आशा की मढ़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ, फकरपुर, करनपुर घाट और रामप्रसाद नगला में दोबारा से पानी भरना शुरू हो गया है। इन गांवों के रास्ते पर पानी भर गया है।
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गंगा की तेज धारा में कट गए खेत
अमृतपुर। तीसराम मड़ैया में लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों के खेत गंगा में कट गए है। अर्जुन का 8 बीघा, मिहीलाल का 5 बीघा, मनोहर का 12.50 बीघा, मंगली का 7.50 बीघा, छोटेलाल का 15 बीघा, सुरेश चंद्र का 10 बीघा, दयाराम का 5 बीघा, रमेश चंद्र का 5 बीघा, नंदलाल का 5 बीघा, अलवर का तीन बीघा, मुनेश्वर का पांच, प्रसादी का पांच, रामऔतार का 2.50 बीघा, सर्वेश का 2.50, रामलाल का पांच और केवलराम का 10 बीघा खेत कट गया है।
बाढ़ ग्रस्त गांवों में बांटी गई खाद्य किटें
अमृतपुर/राजेपुर। शुक्रवार को एसडीएम वसंत कुमार ने तीसराम की मड़ैया में 24 लोगों को खाद्य किटें बांटी। गांव गौटिया में एसडीएम ने 24 ग्रामीणों को किटें दीं। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत सिंह ने अलादपुर भटौली गांव में 23 लोगों को किटें बांटी। सहायक निदेशक मत्स्य राजीव गुप्ता, दिवाकर सिंह, प्रधान अशोक मिश्रा, लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह ने गांव कुसुमापुद में पहुंच कर 90 ग्रामीणों को खाद्य किट बांटी। एक किट में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, दो किलो चना, दो किलो लइया और मोमबत्ती व अन्य सामान था।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, रामगंगा का घटा
फर्रुखाबाद। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर 15 सेंटीमीटर और बढ़ गया है। 136.35 से बढ़कर 136.50 मीटर पर जलस्तर पहुंच गया है। इस कारण बाढ़ प्रभावित गांवों में फिर से मुसीबतें आनी शुरू हो गई है। गंगा में नरौरा से शुक्रवार को 51049 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर कम होने की संभावना जताई जा रही है। रामगंगा में 2074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जलस्तर 135.50 से कम होकर 135.40 मीटर पर आ गया है।