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छत पर फोर्स नीचे हंगामा कर रहे थे बंदी आखिर किसने मारी गोली

Mon, 08 Nov 2021 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 11:54 PM IST
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The forces were making a ruckus on the roof, who shot the captives?
फर्रुखाबाद। जिला जेल की छत पर फोर्स व नीचे बंदी हंगामा कर रहे थे फिर आखिर किसने शिवम के गोली मारी। इस सवाल का जवाब जानने के लिए डीजी जेल आनंद कुमार ने बवाल का डेमो कराया। उसमें अधिकारियों की कहानी की पोल खुलती नजर आई। डीजी ने शिवम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट व डॉक्टरों की राय को भी पढ़ा। जेलर, डिप्टी जेलर सहित कई लोगों से अकेले में पूछताछ भी की।
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डीजी आईजी, कमिश्नर, डीएम व एसपी के साथ छत पर पहुंचे। वहां से बंदियों को काबू करने के एंगल की गहनता से जांच की। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि बंदी शिवम की गोली लगने से मौत हुई है। सभी पहलुुओं पर जांच की जा रही है। जो अधिकारी व कर्मचारी जांच में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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डीजी ने सबसे पहले जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर शैलेश कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी की। इसके बाद मिनट-टू-मिनट कार्रवाई का विवरण नोट किया। एसपी व डीएम से आगजनी व पथराव के बाद की गई कार्रवाई के बारे में पूछा। डीजी ने जांच के लिए जेल अधिकारियों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
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वरिष्ठ अधीक्षक जांच के लिए आए
डीआईजी जेल वीपी त्रिपाठी रविवार को ही जांच के लिए पहुंच गए थे। सोमवार को लखनऊ मुख्यालय के वरिष्ठ अधीक्षक अमरीश गौड़ भी पहुंचे। डीआईजी जेल ने बताया कि जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। जांच पूरी होने के बाद उनको उजागर किया जाएगा।
कमिश्नर व आईजी ने छह घंटे की जांच
फर्रुखाबाद। कमिश्नर और आईजी जोन ने छह घंटे जिला जेल में गहनता से जांच की। अधिकारी, कर्मचारी, बंदीरक्षकों और बंदियों के बयान दर्ज किए। रात दो बजे जेल की बैरकें बंद कराई गईं।
बवाल के बाद रविवार रात ही मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर, आईजी जोन प्रशांत कुमार जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंच गए थे। दोनों अधिकारियों ने जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह व एसपी अशोक कुमार मीणा से घटनाक्रम की जानकारी की। इसके बाद जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर शैलेश कुमार सोनकर से में हंगामे की शुरूआत के बारे में पूछा।

बंदी आखिर इतने उग्र क्यों हो गए, इस पर कई सवाल भी किए। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात बंदीरक्षकों को एक-एक करके बुलाया और ड्यूटी के प्वाइंट पूछते हुए जानकारी ली। कई बंदियों व जेल में काम करने लंबदार (पक्का बंदी) से भी सवाल जवाब किए।
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