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तीसराम की मडै़या में कटान से मुसीबतें बढ़ीं
farrukhabad
Updated Fri, 25 Aug 2017 12:32 AM IST
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राम गंगा से हो रहा कटान देखते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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अमृतपुर। गंगा की तेज धारा से तीसराम मड़ैया में कटान तेज हो गया है। खेतों के साथ मिट्टी के टीले लगातार कट रहे हैं। जिन लोगों ने कटान के कारण मकान तोड़ दिए हैं। उनको रहने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई जगह उपलब्ध नहीं कराई गई।
गंगा की तेज धारा से शुरू हुए कटान के कारण तीसराम की मड़ैया में एक दर्जन से अधिक लोगों के मकानों पर कटान का खतरा बना हुआ है। लोग रात में जगराता करने को मजबूर है। कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह कटान होता रहा तो काफी गांव कट कर गंगा की धारा में समा जाएगा। उधर रामगंगा की तेज धारा से गांव अलादपुर भटौली में कटान होने से एक दर्जन से अधिक लोग बेघर हो गए थे। इनको रहने के लिए तहसील प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। इस कारण गांव के लोग पालीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं। एसडीएम वसंत कुमार ने बताया कि जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही ग्रामीणों को रहने के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।
कागजों में हो रहा पशुओं का टीकाकरण
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित गांवों के पशुओं का टीकाकरण पशु विभाग कागजों में कर रहा है। तीसराम की मडै़या, मंझा की मड़ैया, कुड़री, सुंदरपुर, जोगराजपुर समेत अन्य गांव बाढ़ से प्रभावित है। इन गांवों के पशुओं को टीकाकरण होना था। पशु विभाग के अधिकारी टीमों के गांव में जाने की बात करते है और टीम टीकाकरण की रिपोर्ट भी अफसरों को उपलब्ध करा देते। ग्रामीणों का आरोप है कि टीमें फर्जी तरीके से कागजों में पशुओ का टीकाकरण कर रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पुष्प कुमार ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी।
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गंगा का जलस्तर 20 सेमी बढ़ा, रामगंगा स्थिर
फर्रुखाबाद। गंगा के जलस्तर में गुरुवार को 20 सेमी की बढ़ोत्तरी हो गई है। नरौरा बांध से गंगा में 78369 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण जलस्तर 136.15 से बढ़कर 136.35 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा में खो हरेली रामनगर से 2510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका जलस्तर 134.50 मीटर पर स्थिर हो गया है।
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गंगा की तेज धारा से शुरू हुए कटान के कारण तीसराम की मड़ैया में एक दर्जन से अधिक लोगों के मकानों पर कटान का खतरा बना हुआ है। लोग रात में जगराता करने को मजबूर है। कटान रोकने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह कटान होता रहा तो काफी गांव कट कर गंगा की धारा में समा जाएगा। उधर रामगंगा की तेज धारा से गांव अलादपुर भटौली में कटान होने से एक दर्जन से अधिक लोग बेघर हो गए थे। इनको रहने के लिए तहसील प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई। इस कारण गांव के लोग पालीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं। एसडीएम वसंत कुमार ने बताया कि जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही ग्रामीणों को रहने के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।
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कागजों में हो रहा पशुओं का टीकाकरण
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित गांवों के पशुओं का टीकाकरण पशु विभाग कागजों में कर रहा है। तीसराम की मडै़या, मंझा की मड़ैया, कुड़री, सुंदरपुर, जोगराजपुर समेत अन्य गांव बाढ़ से प्रभावित है। इन गांवों के पशुओं को टीकाकरण होना था। पशु विभाग के अधिकारी टीमों के गांव में जाने की बात करते है और टीम टीकाकरण की रिपोर्ट भी अफसरों को उपलब्ध करा देते। ग्रामीणों का आरोप है कि टीमें फर्जी तरीके से कागजों में पशुओ का टीकाकरण कर रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पुष्प कुमार ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी।
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गंगा का जलस्तर 20 सेमी बढ़ा, रामगंगा स्थिर
फर्रुखाबाद। गंगा के जलस्तर में गुरुवार को 20 सेमी की बढ़ोत्तरी हो गई है। नरौरा बांध से गंगा में 78369 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस कारण जलस्तर 136.15 से बढ़कर 136.35 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा में खो हरेली रामनगर से 2510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका जलस्तर 134.50 मीटर पर स्थिर हो गया है।