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बाढ़ से एक स्कूल का अस्तित्व समाप्त, चार विद्यालय भवन पड़े अधूरे

Sun, 01 Nov 2020 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 11:09 PM IST
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Ten years ago, the flood could not build a school, no one took care of it
फर्रुखाबाद। शमसाबाद के गांव कटरी तौफीक के प्राथमिक विद्यालय का अब अस्तित्व नहीं है। विद्यालय भवन वर्ष 2010-11 में आई बाढ़ में कटान की चपेट में आने से बह गया था। इसके बाद विभागीय अफसरों ने विद्यालय भवन बनवाने की सुध नहीं ली। दस साल से पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन में प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा निर्माणाधीन दो विद्यालय भवनों 26 और दो अन्य विद्यालय भवनों का निर्माण 12 साल से अधूरा पड़ा है। ऐसे में विद्यार्थियों को बने अतिरिक्त कक्षों में बैठाकर शिक्षा दी जाती है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में सरकारी कार्यों का हाल खराब है। यहां सरकारी योजनाओं के तहत काम तो शुरू कराया जाता है, लेकिन उन्हें पूरा कराने के अधिकारी सुध नहीं लेते हैं। इसकी बानगी वर्ष 1994-95 में प्राथमिक विद्यालय बांस खेड़ा और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर रहिमादादपुर में शुरू हुआ भवन का निर्माण है। 26 साल हो चुके हैं लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया। इन भवनों का निर्माण कराने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को दी गई थी लेकिन अभी तक विद्यालय भवन में प्लास्टर, फर्श, खिड़की दरवाजों के पल्ले तथा रंगाई-पुताई का काम नहीं कराया गया है।
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विद्यार्थियों को परिसर में बने अतिरिक्त कक्षों में बैठाकर पढ़ाया जाता है। वर्ष 2008-09 में पूर्व माध्यमिक विद्यालय अरियारा के निर्माण की जिम्मेदारी शिक्षक रामनिवास यादव को दी गई थी। वह अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसी वर्ष पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला दमू के भवन निर्माण की जिम्मेदारी राकेश कुमारी को दी गई थी। उनकी मौत हो चुकी है। इन दोनों विद्यालयों के भवन का निर्माण अभी तक अधूरा पड़ा है। इन भवनों में अभी तक प्लास्टर, फर्श, खिड़की, दरवाजों में पल्ले नहीं लगाए गए हैं। रंगाई-पुताई का काम भी नहीं कराया गया। इससे यह भवन निष्प्रयोज्य होने से विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षों में बैठाकर पढ़ाया जाता है।
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गंगा तटवर्ती गांव कटरी तौफीक में प्राथमिक विद्यालय था। यह वर्ष 2010-11 में आई बाढ़ में कटान की चपेट में आने से गंगा में समा गया था। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने प्राथमिक विद्यालय के भवन का दूसरी जगह निर्माण कराना उचित नहीं समझा। इससे गांव में प्राथमिक विद्यालय का अस्तित्व हीं समाप्त हो गया है। कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को पूर्व माध्यमिक विद्यालय कटरी तौफीक में बैठा कर पढ़ाया जा रहा है। जिस प्राथमिक विद्यालय का अस्तित्व समाप्त हो चुका है, वह अभी भी विभागीय कागजों में चल रहा है। इन विद्यालयों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी शिव शंकर मौर्या ने जांच कर बीएसए को दी है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि बीईओ की रिपोर्ट देखने के बाद जानकारी की जाएगी।
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