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समैचीपुर और साधौसराय में बीमारी ने पसारे पांव

Tue, 02 Aug 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद Updated Tue, 02 Aug 2016 10:41 PM IST
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Smachipur and his outstretched foot disease in Sadusray
सड़क के दोनों ओर भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
गंगा नदी का पानी कम और ज्यादा होने से किसी-किसी स्थान पर जलभराव हो गया है। यह जलभराव यहां के लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। ठहरे पानी में तैयार हुए लार्वा ने मच्छरों की फौज खड़ी कर दी है। इस फौज के चलते लोग मलेरिया का शिकार हो रहे हैं। विडंबना यह है कि बाढ़ की विभीषिका में फंसे इन पीड़ितों को न तो दवा मिल पा रही है और न ही भर पेट खाना मिल पा रहा है।
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शमसाबाद क्षेत्र के आधा दर्जन गांव समैचीपुर, साधौसराय सहित कई गांव इस समय पूरी तरह से जलमग्न हैं। गांव साधौपुर में एक दर्जन से अधिक लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। इनमें रामदेवी पत्नी रामऔतार, विजय कुमार, भूपेंद्र, सौरभ, प्रदीप कुमार, नीतू, कोमल, छोटे की हालत चिंताजनक बनी हुई है। गांव के गोकरन, रामचंद्र आदि लोग बताते हैं कि आज तक इस गांव में स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है जिस वजह से लोगों को उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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बाढ़ में फंसे लोग न तो पानी में घुसकर शहर पहुंच सकते हैं और न ही वह तैरकर किसी डॉक्टर के पास जा सकते हैं। पानी के स्तर में उतार चढ़ाव की वजह से लोगों को तरह-तरह की बीमारियां घेर रही हैं। यही हाल अन्य गांवों का है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जिन स्थानों को गंगा का पानी छोड़ गया है। उन स्थानों पर घास चरने वाले पशुओं को गला घोंटू रोग का बैक्टीरिया पशुओं पर कहर बरपा रहा है। कोई पशु गला घोंटू रोग से पीड़ित है तो कोई खुरपका रोग से पीड़ित हो गया है।


धन और चारे से लाचार पशु पालक पशुओं को सूखा भूसा तक नहीं खिला पा रहे हैं, जिससे पशुओं में बीमारी बढ़ती चली जा रही है। पशु चिकित्सकों का मानना है कि जिस क्षेत्र में चारा बाढ़ के पानी से घिर जाए, उस चारे को पशुओं को नहीं खिलाना चाहिए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं को केवल भूसा खिलाना चाहिए, जिससे पानी में बहकर पहुंची बैक्टीरिया पशुओं के अंदर न पहुंच सके। कुल मिलाकर शमसाबाद, अमृतपुर और राजेपुर क्षेत्रों में पशुओं की बीमारी बुरी तरह से फैल गई है।

फर्रुखाबाद। बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए अभी तक न तो किसी जनप्रतिनिधि के हाथ उठे हैं और न ही कोई समाजसेवी आगे आया है। रात के अंधेरे में कई गांवों के बाढ़ पीड़ित खाली पेट सो रहे हैं।
कहने को तो जिले में एक सैकड़ा से अधिक समाजसेवी संस्थाएं समाज सेवा करने का दंभ भर रही हैं।

लेकिन असलियत में संस्थाएं केवल कागजों में ही समाजसेवा कर रही हैं। बाढ़ की त्रासदी से करीबन 15 दिन से जूझ रहे कंपिल, कायमगंज, शमसाबाद, राजेपुर, अमृतपुर के बाशिंदों की इम्दाद के लिए अभी तक कोई भी जनप्रतिनिधि गंगापार क्षेत्र में नहीं पहुंचा है। यहां के रहने वाले राजवीर, विजयलाल लोग बताते हैं कि चुनाव के समय यहां जनप्रतिनिधि आकर उनकी समस्या का समाधान करने का वादा करते हैं और तरह-तरह के सपने दिखाकर उनके वोटों पर डाका डालते हैं।

बाढ़ आने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इस क्षेत्र में इम्दाद करने के लिए नहीं आता है, जिससे बाढ़ पीड़ितों के बच्चे भूखे पेट सो जाते हैं।

। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर स्थिर हो गया है लेकिन रामगंगा लगातार उफान भर रही हैं। दोनों नदियों में आई बाढ़ से गांवों में दहशत फैली हुई है।


गंगा और रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से दोनों नदिया ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार को रामगंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर और बढ़ गया है। मंगलवार को गंगा में नरौरा से 109346 क्यूसेक, हरिद्वार से 67936 और विजनौर से 103725 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से पांच सेंटीमीटर ऊपर 136.65 मीटर पर पहुंचने के बाद स्थिर हो गया है।

वहीं, रामगंगा का जलस्तर 135.90 से बढ़कर 136.00 पर पहुंच गया था। यह जलस्तर मंगलवार को 136.10 मीटर पर आ गया है। खो बैराज से रामगंगा में 5359 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। दोनों नदियों में आई बाढ़ से किनारे बसे गांवों में तेजी से पानी भरना शुरू हो गया है।


। गंगा और रामगंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अपर जिलाधिकारी आरबी सोनकर ने बाढ़ प्रभातिव गांवों का निरीक्षण किया और खाद्यान्न वितरण कराने का आदेश दिया है।

बाढ़ प्रभावित गांव हरसिंहपुर कायस्थ व ऊगरपुर का अपर जिलाधिकारी ने मंगलवार को निरीक्षण किया।

जिन ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया है वहां के ग्रामीणों को शरणालय प्राथमिक विद्यालय संतोषापुर में ठहराया जाए। अगर ग्रामीण घर छोड़कर नहीं जाते है तो उनको जबरन शरणालय में पहुंचाया जाए। बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न वितरण किए जाने के निर्देश कोटेदार किशनादेवी को दिया। इस दौरान एसडीएम हरिराम यादव और लेखपाल आशुतोष पांडेय भी उपस्थित रहे।
 
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