{"_id":"5fd3bd7c8ebc3e3c526141a9","slug":"report-of-fraud-on-nine-including-amritpur-mla-s-wife-farrukhabad-news-knp5993590142","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमृतपुर विधायक की पत्नी समेत नौ पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमृतपुर विधायक की पत्नी समेत नौ पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। अमृतपुर भाजपा विधायक की पत्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन पर राजस्व कर्मियों से साठगांठ करके अभिलेखों में हेराफेरी कर तालाब की जमीन अपने नाम कराने का आरोप है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भोपतपट्टी निवासी सत्य नारायन ने आवास विकास कालोनी निवासी अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुशील शाक्य की पत्नी ऊषा शाक्य, सातनपुर मंडी गेट सामने रहने वाले दीपक ठाकुर, भोपतपट्टी निवासी टीकाराम, किशनलाल, संतराम, रवी, गौरव उर्फ मोनू समेत नौ लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा था कि मोहल्ले में तालाब की जमीन है।
विधायक की पत्नी ऊषा शाक्य व दो अन्य लोगों ने राजस्व कर्मियों से साठगांठ करके अभिलेखों में हेरफेर करके तालाब की जमीन को अपने नाम दर्ज करा ली थी।
उन्होंने उच्च न्यायालय में पीआईएल (जनहित याचिका) दायर की। जिस पर सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने 8 मार्च 2019 को डीएम को प्रकरण की जांच कराके कार्रवाई का आदेश दिया था।
विज्ञापन
तहसीलदार सदर की जांच में तालाब की जमीन अभिलेखों में हेराफेरी करके अपने नाम कराने का खुलासा हुआ। तहसीलदार ने 27 जून 2019 को दोबारा से जमीन तालाब के नाम अभिलेखों में दर्ज करा दी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसकी शिकायत 20 नवंबर 2019 को डीएम से उन्होंने की। इससे नाराज होकर आरोपियों ने 15 दिसंबर 2019 को घर में घुस कर उन्हें मारापीटा और दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
सत्य नारायन की अर्जी पर सीजेएम कोर्ट ने मुकदमे का आदेश जारी कर दिया। कोतवाल वेद प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर विधायक की पत्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की जा रही है।
विज्ञापन
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भोपतपट्टी निवासी सत्य नारायन ने आवास विकास कालोनी निवासी अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुशील शाक्य की पत्नी ऊषा शाक्य, सातनपुर मंडी गेट सामने रहने वाले दीपक ठाकुर, भोपतपट्टी निवासी टीकाराम, किशनलाल, संतराम, रवी, गौरव उर्फ मोनू समेत नौ लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इसमें कहा था कि मोहल्ले में तालाब की जमीन है।
विज्ञापन
विधायक की पत्नी ऊषा शाक्य व दो अन्य लोगों ने राजस्व कर्मियों से साठगांठ करके अभिलेखों में हेरफेर करके तालाब की जमीन को अपने नाम दर्ज करा ली थी।
उन्होंने उच्च न्यायालय में पीआईएल (जनहित याचिका) दायर की। जिस पर सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने 8 मार्च 2019 को डीएम को प्रकरण की जांच कराके कार्रवाई का आदेश दिया था।
विज्ञापन
तहसीलदार सदर की जांच में तालाब की जमीन अभिलेखों में हेराफेरी करके अपने नाम कराने का खुलासा हुआ। तहसीलदार ने 27 जून 2019 को दोबारा से जमीन तालाब के नाम अभिलेखों में दर्ज करा दी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसकी शिकायत 20 नवंबर 2019 को डीएम से उन्होंने की। इससे नाराज होकर आरोपियों ने 15 दिसंबर 2019 को घर में घुस कर उन्हें मारापीटा और दोबारा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
सत्य नारायन की अर्जी पर सीजेएम कोर्ट ने मुकदमे का आदेश जारी कर दिया। कोतवाल वेद प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर विधायक की पत्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की जा रही है।